पैनकार्ड क्लब मामला: सेबी ने 7,000Cr. की वसूली के लिये कुर्क की संपत्ति

Pancard Clubs case: SEBI orders attachment of assets to recover dues worth Rs 7,000 crore
[email protected] । Apr 17 2018 8:24AM

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अवैध रूप से धन जुटाने के मामले में 7,035 करोड़ रुपये की वसूली के लिये पैन कार्ड क्लब और इसके निदेशकों की संपत्तियां , लक्जरी गाडियां, सोना और आभूषण आदि के कुर्की के आदेश दिये हैं।

नयी दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अवैध रूप से धन जुटाने के मामले में 7,035 करोड़ रुपये की वसूली के लिये पैन कार्ड क्लब और इसके निदेशकों की संपत्तियां , लक्जरी गाडियां, सोना और आभूषण आदि के कुर्की के आदेश दिये हैं। सेबी ने दिसंबर 2016 में कंपनी और उसके छह निदेश्कों के बैंक और डीमैट खातों को अपने कब्जे में ले लिया था। उसके बाद से उसने कई अचल संपत्तियों की कुर्की के आदेश भी दिये। पिछले चार माह के दौरान सेबी कंपनी की कई संपत्तियों की नीलामी भी कर चुका है।

सेबी ने अपने ताजा आदेश में कहा है कि कंपनी और निदेशकों के बैंक खातों, डीमैटा खातों में उपलब्ध प्रतिभूतियों और डिफाल्टर की पहले ही कुर्क की जा चुकी संपत्ति बकाया राशि की वसूली के लिये काफी नहीं होगी। सेबी ने पाया कि डिफाल्टर उनके पास उपलब्ध चल संपत्ति के बारे में पूरी जानकारी देने में असफल रहे। यही वजह है कि सेबी ने कंपनी , उसके दिवंगत सीएमडी सुधीर मोरावेकर और पाच निदेशकों की आठ संपत्तियों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों में महाराष्ट्र स्थित आवासीय फ्लैट, कार्यालय परिसर और दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा लक्जरी कारें भी शामिल हैं।

कंपनी सेबी के निर्देश का पालन करने में असफल रही है। सेबी ने फरवरी 2016 में कंपनी को निवेशकों के 7,035 करोड़ रुपये लौटाने का आदेश दिया था। यह राशि कंपनी ने अवैध रूप से चलाईगई सामूहिक निवेश योजना के तहत जुटाई थी। कंपनी ने यह राशि 51,55,516 निवेशकों से 2002-03 से लेकर 2013- 14 के बीच विभिन्न अवकाश योजनाओं के जरिये जुटाई थी।

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