RBI ने लोगों को दी बड़ी राहत, रेपो रेट हुआ कम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 7, 2019   12:50
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RBI ने लोगों को दी बड़ी राहत, रेपो रेट हुआ कम

आरबीआई ने रेपो दर 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दी है। RBI के इस फैसले के बाद होम लोन सस्ता हो जाएगा। मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने नीतिगत दर में कटौती के पक्ष में जबकि दो सदस्यों ने इसके खिलाफ अपना मत दिया।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई के मोर्चे पर सहूलियत को देखते हुए बुधवार को अपनी नीतिगत ब्याज दर ‘रेपो’ 0.25 प्रतिशत घटा कर 6.25 प्रतिशत कर दी। इससे धन सस्ता पड़ेगा और आने वाले दिनों में बैंक घर तथा अन्य ऋणों पर मासिक किस्त घटा सकते हैं। केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के लगातार नीचे बने रहने के मद्देनजर बाजार में कर्ज सस्ता करने वाला यह कदम उठाया है। रेपो दर वह दर होती है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को एक दिन के निए नकद धन उधार देता है। रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति के बारे में अपना दृष्टिकोण भी नरम कर ‘तटस्थ‘ प्रकार का कर दिया है। 

अभी तक उसने मुद्रास्फीति के जोखिम के मद्देनजर इसे ‘ नपी-तुली कठोरता’ वाला कर रखा था। नए गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की हुई पहली बैठक में छह में से चार सदस्यों ने रेपो में कमी किए जाने का समर्थन किया। हालांकि, रिजर्व बैंक के रुख को नरम करने के मामले में सभी सदस्य एक राय रहे। रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति के बारे में अपने अनुमान को भी कम किया है। उसका मानना है कि मार्च 2019 की तिमाही में यह 2.8 प्रतिशत रहेगी। वर्ष 2019-20 की पहली छमाही के लिये भी मुद्रास्फीति अनुमान 3.2- 3.4 प्रतिशत रहने और तीसरी तिमाही में 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।





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बजट में कर प्रोत्साहनों की घोषणा से आईएफएससी को लेकर आकर्षण बढ़ेगा: सीतारमण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   19:24
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बजट में कर प्रोत्साहनों की घोषणा से आईएफएससी को लेकर आकर्षण बढ़ेगा: सीतारमण

सीतारमण ने 2021-22 के बजट भाषण में कहा था कि सरकार गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है।

नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि 2021-22 के बजट में कर प्रोत्साहनों की घोषणा से गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय क्षेत्र के लिये आकर्षण बढ़ेगा। ‘इंडिया एयरक्राफ्ट लीजिंग समिट’ में उन्होंने कहा कि लागत प्रभावी विशेषताओं को देखते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र को तेजी से आगे बढ़ाया है। सीतारमण ने कहा, ‘‘बजट के जरिये जो पैकेज की घोषणा की गयी है, उससे गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के लेकर आकर्षण बढ़ेगा।’’ 

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सीतारमण ने 2021-22 के बजट भाषण में कहा था कि सरकार गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) को वैश्विक वित्तीय केंद्र बनाने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले से उपलब्ध कराये गये कर प्रोत्साहन के अलावा, मैं विमान पट्टा कंपनियों के लिये पूंजी लाभ को लेकर कर अवकाश, पट्₨टा देने वाली विदेशी कंपनियों को पट्टा किराया भुगतान पर कर छूट, आईएफएसी में विदेशी कोष लगाने पर कर प्रोत्साहन, आईएफएससी में स्थित विदेशी बैंकों के निवेश इकाई के लिये कर छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।’’ गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट-सिटी) देश का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है।





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अर्थव्यवस्था में वृद्धि के साथ ही व्यवसायों के लिये ऋण प्रवाह बढ़ाने की जरूरत: मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   14:15
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अर्थव्यवस्था में वृद्धि के साथ ही व्यवसायों के लिये ऋण प्रवाह बढ़ाने की जरूरत: मोदी

मोदी ने वित्तीय क्षेत्र से संबंधित बजट प्रस्तावों पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय उत्पादों को फिनटेक और स्टार्टअप की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिये। मोदी ने कहा कि भले ही सरकार निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, लेकिन बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में सरकार की उपस्थिति भी जरूरी है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिये व्यवसायों को ऋण प्रवाह बढ़ाने पर शुक्रवार को जोर दिया। मोदी ने वित्तीय क्षेत्र से संबंधित बजट प्रस्तावों पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय उत्पादों को फिनटेक और स्टार्टअप की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिये। मोदी ने कहा कि भले ही सरकार निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, लेकिन बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में सरकार की उपस्थिति भी जरूरी है।

मोदी ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, और तेजी से बढ़ रही है, ऋण प्रवाह भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। आपको देखना होगा कि ऋण नये उद्यमियों, नये क्षेत्रों तक कैसे पहुंचता है। अब आपको स्टार्टअप और फिनटेक के लिये नये और बेहतर वित्तीय उत्पादों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना होगा।’’ मोदी ने आगे कहा, ‘‘सरकार वित्तीय सेवा क्षेत्र को जीवंत, सक्रिय और मजबूत बनाने के लिये कदम उठा रही है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार सही इरादे से किये गये सभी व्यवसायिक फैसलों के साथ खड़ी होगी।





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इंदौर में स्थानीय व्यापारी संगठनों का बंद नाकाम, रोज की तरह खुले बाजार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 26, 2021   14:10
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इंदौर में स्थानीय व्यापारी संगठनों का बंद नाकाम, रोज की तरह खुले बाजार

स्थानीय व्यापारी संगठनों के एक महासंघ ने कैट के आह्वान को समर्थन देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि कोविड-19 की पिछले एक साल से जारी मार के चलते पहले ही बड़ा घाटा झेल चुके कारोबारी अब अपने प्रतिष्ठान बंद रखना नहीं चाहते।

इंदौर। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर खुदरा व्यापारियों के संगठन कैट के शुक्रवार को आहूत भारत बंद का मध्यप्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में कुछ भी असर नजर नहीं आया और सभी प्रमुख बाजार रोज की तरह खुले रहे। स्थानीय व्यापारी संगठनों के एक महासंघ ने कैट के आह्वान को समर्थन देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि कोविड-19 की पिछले एक साल से जारी मार के चलते पहले ही बड़ा घाटा झेल चुके कारोबारी अब अपने प्रतिष्ठान बंद रखना नहीं चाहते। 

इसे भी पढ़ें: जीएसटी के खिलाफ कैट के भारत व्यापार बंद में मध्य प्रदेश भी शामिल 

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के जिलाध्यक्ष मोहम्मद पीठावाला ने कहा कि मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में हमारे बंद का असर देखा गया। लेकिन इंदौर में राजनीतिक कारणों या अन्य किसी दबाव के चलते व्यापारी संगठनों ने बंद को समर्थन नहीं दिया। इस बीच, कारोबारी संगठनों के महासंघ अहिल्या चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा, हम जीएसटी प्रणाली की विसंगतियों को लेकर सरकार के सामने अपना विरोध लम्बे समय से दर्ज करा रहे हैं। लेकिन हम इस मुद्दे पर फिलहाल किसी भी बंद का समर्थन नहीं करते। खंडेलवाल ने कहा, व्यापारी पिछले एक साल से कोविड-19 की तगड़ी मार झेल रहे रहे हैं। वे अब किसी भी बंद में शामिल होकर अपना और नुकसान नहीं कराना चाहते।





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