भारत में टॉप 20 मॉडल्स की 74 फीसदी रही हिस्सेदारी, इन कारों के लिए ऐसा रहा साल 2020

भारत में टॉप 20 मॉडल्स की 74 फीसदी रही हिस्सेदारी, इन कारों के लिए ऐसा रहा साल 2020

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति सुजुकी के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि जब खपत दबाव में होती है तब ग्राहक कम प्रयोग करते हैं और स्थापित ब्रांडों और मॉडलों के साथ जाते हैं।

नई दिल्ली। लगातार दो साल की कम बिक्री के बाद कार और एसयूवी में बाजार में तहलका मचा दी है। कोरोना महामारी के बीच अप्रैल से लेकर नवंबर तक में टॉप 20 मॉडल्स में सभी यात्री वाहनों की बिक्री में 74.1 फीसदी की हिस्सेदारी रही। जबकि 2015-16 में 70 फीसदी और 2016-17 में 69 फीसदी रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2017-18 में टॉप 20 गाड़ियों ने बाजार की 69.4 फीसदी हिस्सेदारी की, जो साल 2018-19 में बढ़कर 72 फीसदी हो गई और 2019-20 में 73 फीसदी। 

इसे भी पढ़ें: फीका रहा वाहनों का व्यापार, दिसंबर में कंपनियों ने दिए बंपर ऑफर्स 

अंग्रेजी समाचार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति सुजुकी के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि जब खपत दबाव में होती है तब ग्राहक कम प्रयोग करते हैं और स्थापित ब्रांडों और मॉडलों के साथ जाते हैं। वहीं, हुंडई मोटर इंडिया के निदेशक तरुण गर्ग ने बताया कि पिछले कुछ साल बहुत चुनौतीपूर्ण रहे और अनिश्चित समय के दौरान ग्राहकों को विश्वास दिलाने की कोशिश, परीक्षण और मजबूत ब्रांडों की ओर अधिक है।

सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि टॉप 10 मॉडल्स का योगदान बाजार में बहुत अधिक नहीं है। इस साल अप्रैल से लेकर नवंबर तक के बीच में इनकी भागीदारी तकरीबन 48.7 फीसदी रही। जबकि 2019-20 में यह 49 फीसदी थी। 

इसे भी पढ़ें: बजाज ऑटो की कुल बिक्री नवंबर में 5 प्रतिशत बढ़कर 4,22,240 इकाई पर पहुंच गई 

अगर हम ऑटो मोबाइल सेक्टर में मारुति सुजुकी की स्विफ्ट कार की बात करें तो साल 2016-17 में 5.7 फीसदी जो साल 2017-18 में बढ़कर 5.8 फीसदी, 2018-19 में 6.6 फीसदी और मौजूदा अप्रैल से नवंबर तक में 6.6 फीसदी योगदान कर पाई है। वहीं, जब हम कार खरीदारी की बात करते हैं तो स्विफ्ट को ऑल्टो ने मात दे रखी है। कोरोना लॉकडाउन के समय में ग्राहकों ने किसी नई कार की जगह में पुरानी और फरोसेमंद गाड़ियों पर अपना दाव खेला है और ऊपर दिखाई दे रहे आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।