गला बैठने और Sore Throat की समस्या से हैं परेशान? अपनाएं ये 5 Home Remedies, मिलेगी जादुई राहत

बरसात के मौसम में वायरल संक्रमण और नमी के कारण गला बैठने की समस्या का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि नमक के पानी के गरारे और अदरक-शहद का मिश्रण प्रभावी उपचार हैं। ये घरेलू उपाय न केवल सूजन को कम करते हैं बल्कि संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया के प्रभाव को भी नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। कीवर्ड्स: गले की खराश के उपाय, गला बैठने का इलाज, घरेलू नुस्खे, स्वास्थ्य सुझाव।
बरसात के मौसम में गर्मी से राहत मिलती है, लेकिन यह अपने साथ ठंडी हवाएं, नमी और वायरल संक्रमण लेकर आता है। इस मौसम में कई लोगों के गले में खराश, दर्द और आवाज बैठने पर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय ठंडा पानी पीना, बारिश में भीगना, अधिक बोलना और वायरल संक्रमण के कारण गला बैठ जाता है। इस समस्या से बचने के लिए कई बार लोगों दवाई का सहारा लेते है। लेकिन आप कुछ घरेलू उपाय के जरिए गले के दर्द में राहत पा सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में, जो आपको काफी रिलीफ देगा।
अपनाएं ये 5 घरेलू नुस्खे
गुनगुने नमक के पानी से गरारे करें
अगर आप गले की खराश और सूजन से परेशान हैं, तो आप गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर दिन में 2-3 बार गरारे कर सकते हैं। ऐसा करने से गले में मौजूद बैक्टीरिया कम हो सकते हैं और दर्द में राहत मिल सकती है।
शहद और अदरक का सेवन करें
अदरक में नेचुरल रुप से सूजनरोधी गुण होते हैं, जो कि शहद गले को आराम पहुंचाने में मदद करता है। एक चम्मच शहद में थोड़ा अदरक का रस मिलाकर दिन में 2-3 बार जरुर लें। भूलकर भी शिशुओं को न दें।
तुलसी और अदरक की हर्बल चाय पिएं
गले के दर्द को ठीक करने के लिए तुलसी, अदरक और काली मिर्च से बनीं हर्बल चाय पीना चाहिए, इससे गले को काफी आराम मिलता है। इसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीने से आपको काफी राहत मिलेगी।
भाप लें
गर्म पानी की भाप लेने से गले और श्वसन मार्ग में नमी बनी रहती है। इससे गले का सूखापन और जलन कम हो सकती है। जब आप भाप लें, तो उस समय थोड़ी सावधानी बरतें, जिससे गर्म पानी से जलने का खतरा न हो।
पर्याप्त पानी पिएं और आवाज को आराम दें
खासतौर पर गला बैठा हो, तो शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद जरुरी है। गुनगुना पानी, सूप और हर्बल ड्रिंक पिएं। इसके साथ ही कुछ समय तक कम बोलें, क्योंकि लगातार बोलने से वोकल कॉर्ड्स पर काफी दबाव बढ़ सकता है।
गला बैठने पर किन चीजों से बचें?
- बहुत ठंडे पेय और आइसक्रीम।
- भूलकर भी धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें।
- तेज मसालेदार और तला-भुना भोजन न करें।
- बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन वाले पेय न पिएं।
- तेज आवाज में न बोलें।
कब डॉक्टर से मिलें?
- जब आपके गले की परेशानी 5-7 दिन से अधिक बनी रहे।
- तेज बुखार हो।
- अगर आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
- निगलने में अत्यधिक दर्द हो।
- गले में सफेद धब्बे दिखाई दें।
- आवाज में 2 सप्ताह से अधिक समय बैठी रहे।
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