Russia-Ukraine Crisis । यूक्रेन में रूस के हमले से 7 लोगों की मौत, लुहान्स्क क्षेत्र के 2 शहरों पर कब्जा

Russia-Ukraine Crisis । यूक्रेन में रूस के हमले से 7 लोगों की मौत, लुहान्स्क क्षेत्र के 2 शहरों पर कब्जा

यूक्रेन में भारत का दूतावास ने कहा कि वे सभी जो कीव की यात्रा कर रहे हैं, जिनमें कीव के पश्चिमी भागों से यात्रा करने वाले लोग भी शामिल हैं, उन्हें अस्थायी रूप से अपने-अपने शहरों में लौटने की सलाह दी जाती है।

आज सुबह सवेरे रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू कर दिया है। जिसके बाद यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है। इन सबके बीच बड़ी खबर आ रही है कि यूक्रेन में रूस के हमले से 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि अब तक 9 लोगों के घायल होने की भी खबर है। खबर यह भी है कि यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्रों तक रूस के मिसाइल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए, डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन की राजधानी कीव में अपने दूतावास को बंद कर दिया। यूक्रेन में मार्शल लॉ का भी ऐलान कर दिया है। साथ ही साथ राजधानी कीव से भी लोगों ने निकलना शुरू कर दिया है। इससे पहले यूक्रेन ने दावा किया था कि उसने लुहान्स्क क्षेत्र में पांच रूसी विमानों और एक रूसी हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया है। रूसी मीडिया ने दावा किया है कि यूक्रेन की सीमा में रूस के सैनिकों ने प्रवेश कर लिया है। रूस ने यह भी दावा किया है कि सभी अहमद मोर्चों से यूक्रेन की सेना पीछे हट चुकी है।

यूक्रेन में भारत का दूतावास ने कहा कि वे सभी जो कीव की यात्रा कर रहे हैं, जिनमें कीव के पश्चिमी भागों से यात्रा करने वाले लोग भी शामिल हैं, उन्हें अस्थायी रूप से अपने-अपने शहरों में लौटने की सलाह दी जाती है। रूस ने दावा किया कि यूक्रेन की सेना के हवाई रक्षा संपत्तियों को नष्ट कर दिया है, साथ ही यूक्रेन के सैन्य ठिकानों के बुनियादी ढांचों को नेस्तनाबूद कर दिया है। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बृहस्पतिवार को यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा की है। रूस के इस कदम की अंततराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है। यूरोपीय संघ ने कहा कि यूक्रेन पर आक्रमण के ‘‘रूस पर व्यापक और गंभीर परिणाम होंगे’’ और जल्द ही उस पर अधिक प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। 

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वहीं, चीन ने यूक्रेन में अपने नागरिकों को मौजूदा सैन्य कार्रवाइयों और अराजकता के कारण घर में रहने की सलाह दी है, लेकिन रूस की सेना की किसी कार्रवाई का उसने कोई जिक्र नहीं किया।  रूस ने कहा है कि पूर्वी यूक्रेन में विद्रोही नेताओं ने यूक्रेन की ‘‘आक्रामकता’’ से बचाव के लिए रूस से सैन्य सहायता मांगी है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि विद्रोही नेताओं ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पत्र लिखकर बताया है कि यूक्रेन की सेना द्वारा की गई गोलाबारी में कई नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं। यह कार्रवाई पुतिन द्वारा पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित विद्रोही क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने और उनके साथ मित्रता संधियों पर हस्ताक्षर करने के बाद की गई है।