भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति गिराने टूट पड़ी मुस्लिम भीड़! मोदी लेंगे तगड़ा एक्शन?

Muslim
AI Image
अभिनय आकाश । Jun 18 2026 7:51PM

जैसे-जैसे यह मूर्ति आसमान की ओर बढ़ती जा रही है, वैसे ही बांग्लादेश के जिहादियों के पेट में दर्द हो रहा है। कट्टरपंथी संगठनों ने ऐसी-ऐसी धमकियां देनी शुरू कर दी है कि प्रशासन ने इनके आगे सरेंडर करते हुए इस मूर्ति के निर्माण कार्य को रुकवा दिया है।

बांग्लादेश में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनते ही यह कहा जा रहा था कि जो कुछ भी यूनिस के राज में हुआ वो सब बंद हो जाएगा। यानी कि हिंदुओं पर हमले रुक जाएंगे और भारत के साथ रिश्ते सुधर जाएंगे। लेकिन कुछ महीने बाद ही फिर से कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं को टारगेट करते हुए बवाल काटना शुरू कर दिया है। इस बार तो कट्टरपंथियों ने सीधे हिंदुओं की आस्था पर हमला किया है। ऐसा हमला कि जिससे भारत में भी गुस्सा फूट पड़ा है। दरअसल बांग्लादेश के पलाशवाड़ी उपजिला में पिछले कुछ समय से भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति बनाने का निर्माण कार्य चल रहा है। इसका 80% काम पूरा हो चुका है। इस मूर्ति की ऊंचाई 81 फीट होनी है। लेकिन जैसे-जैसे यह मूर्ति आसमान की ओर बढ़ती जा रही है, वैसे ही बांग्लादेश के जिहादियों के पेट में दर्द हो रहा है। कट्टरपंथी संगठनों ने ऐसी-ऐसी धमकियां देनी शुरू कर दी है कि प्रशासन ने इनके आगे सरेंडर करते हुए इस मूर्ति के निर्माण कार्य को रुकवा दिया है।  

इसे भी पढ़ें: 1971 की हार के 55 साल बाद Pakistan की Bay of Bengal में वापसी, चीन की मदद से नई पनडुब्बी की तैनाती

पुलिस और प्रशासन ने अब इस निर्माण को लेकर हाथ खड़े कर दिया है। हैरानी की बात तो यह है कि अब कट्टरपंथियों की जमात और मौलाना ब्रिगेड इस मूर्ति को गिराने की जिद कर रही है। यह सब देखकर बांग्लादेश के हिंदू सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एक बड़ा मशाल जुलूस निकाला और अपमान के लिए जिम्मेदार लोगों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। लेकिन फिर भी बांग्लादेश सरकार और वहां के प्रशासन के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही कि उनके हक की बात सुनी जाए। ऐसे में हर किसी की निगाह भारत पर है कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर क्या एक्शन लेती है और इसको लेकर अब आवाज भी उठनी शुरू हो गई है। जब भारत के कई हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश के कट्टरपंथियों की हरकत पर अपना विरोध जाहिर करना शुरू कर दिया है तो सुप्रीम कोर्ट के जानेमाने वकील डॉ. एपी सिंह ने भारत सरकार से मांग की है कि वह इस मुद्दे पर कठोरता के साथ एक्शन ले और समस्या का समाधान निकाले। डॉ. एपी सिंह ने कहा प्रभु श्री राम से आस्था है। ऐतिहासिक 81 फुट मूर्ति का निर्माण चल रहा है। 80% निर्माण कार्य हो चुका है। लेकिन निर्माण कार्य धमकियों के बावजूद धमकियां दी गई। इसकी वजह से रोक दिया गया है। इस्लामिक कट्टरपंथी कह रहे हैं कि हम इस मूर्ति को तोड़ देंगे, बुलडोजर से गिरा देंगे। इस तरह ये धार्मिक सदभाव की बात नहीं है। इससे भारत के लोग उेलित हैं। भारत बांग्लादेश का ही रूप रहा है। लेकिन आज इस तरह से अगर वहां धार्मिक भावनाओं के जो कि कम संख्या में हैं। अल्पसंख्यक हैं। अल्पसंख्यक का यह मतलब नहीं कि बहुसंख्यक उनकी धार्मिक आस्था श्रद्धा को कुचल दे, दबा दे। 

इसे भी पढ़ें: क्या बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख ने Delhi में की Amit Shah से गुप्त मुलाकात? आखिर क्या हुई बात?

बांग्लादेश की सरकार को यूनाइटेड नेशंस ऑफ ऑर्गेनाइजेशन को और भारत सरकार को देश के माम राष्ट्रपति को उच्च स्तरीय बात करके इस समस्या का समाधान करना चाहिए। भारत के लोग भी उेलित होंगे जिसका विश्व स्तर पर गलत प्रभाव ना पड़े। भारत सरकार को इसमें कठोरता से यह निर्णय लेने की आवश्यकता है। तो इस तरह से अब भारत में भी भगवान राम की मूर्ति का निर्माण कार्य रोके जाने को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। अब देखने वाली बात यह है कि इस मुद्दे पर भारत सरकार क्या कुछ एक्शन लेती है। दरअसल बांग्लादेश के पलाशवाड़ी में एक मंदिर परिसर में भगवान राम की मूर्ति बनाई जा रही है। प्रस्तावित परियोजना की लागत लगभग 15.5 करोड़ है। इसके तहत भगवान राम की 81 फीट ऊंची मूर्ति, भगवान कृष्ण की 50 फीट ऊंची मूर्ति और भगवान शिव की 30 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण होना है। इस परियोजना के पीछे काम कर रही श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्रदास ने कहा कि भगवान राम की मूर्ति सनातन धर्म के प्रमुख व्यक्तित्वों में से एक के सम्मान में बनाई जा रही थी और इस्लामी समूह के परियोजना में शामिल लोगों को धमकियां दिए जाने के बाद काम रोक दिया गया। उन्होंने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाएं। 

All the updates here:

अन्य न्यूज़