UNGA में पाक पीएम इमरान खान का झूठा और दुर्भावनापूर्ण प्रचार, भारत ने किया पलटवार

UNGA में पाक पीएम इमरान खान का झूठा और दुर्भावनापूर्ण प्रचार, भारत ने किया पलटवार

अपने भाषण में इमरान खान ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि, अफगानिस्तान के मुद्दे पर बोलने वाले विश्लेषण करें। अफगानिस्तान का मुद्दा उठाते हुए इमरान खान ने कहा कि, 80 के दशक में अमेरिका ने मुजाहिदीन संगठनों को ट्रेनिंग दी थी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) एक बार फिर से कश्मीर का राग आलापा। इमरान खान ने कहा कि, कश्मीर की डेमोग्राफी में भारत बदलाव करना चाहता है।इमरान खान ने हाल ही में कश्मीर में हुई अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को शहीद बताया और कहा कि, कश्मीर का विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच शांति से ही हो सकता है। अपने भाषण में इमरान खान ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि, अफगानिस्तान के मुद्दे पर बोलने वाले विश्लेषण करें। अफगानिस्तान का मुद्दा उठाते हुए इमरान खान ने कहा कि, 80 के दशक में अमेरिका ने मुजाहिदीन संगठनों को ट्रेनिंग दी थी।

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भारत का करारा जवाब 

एक कड़े संदेश में, भारतीय प्रतिनिधि स्नेहा दुबे ने शुक्रवार को 76 वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संबोधन को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को कड़े शब्दों में जवाब में, दुबे ने कहा कि, अफसोस की बात है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के नेता ने मेरे देश के खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रदान किए गए प्लेटफार्मों का दुरुपयोग किया है और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए व्यर्थ की मांग की है।" बता दें कि अपने आभासी संबोधन के दौरान, खान ने कश्मीर मुद्दा उठाया था और भारत सरकार की आलोचना की थी।

भारतीय प्रतिनिधि ने दुबे ने जोर देते हुए कहा कि, सदस्य देश जानते हैं कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों को पनाह देने, सहायता करने और सक्रिय रूप से समर्थन देने का इतिहास और नीति स्थापित की है।यह एक ऐसा देश है जिसे राज्य की नीति के तहत खुलेआम समर्थन, प्रशिक्षण, वित्तपोषण और आतंकवादियों को हथियार देने के रूप में विश्व स्तर पर मान्यता मिली है।दुबे ने कहा कि,"जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से अपने अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं,"।






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