Shiv Sena UBT के लिए 'करो या मरो' की घड़ी! दिल्ली में सांसदों की अहम बैठक, व्हिप तय करेगा पार्टी का भविष्य

Uddhav
ANI
रेनू तिवारी । Jun 18 2026 11:16AM

एक दिन पहले ही सांसदों को बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का व्हिप जारी किए जाने के बाद यह बैठक बागी सांसदों द्वारा अलग गुट बनाने की कोशिशों की दिशा तय कर सकती है और पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन का महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर जारी भीषण अंदरूनी खींचतान के बीच आज (बृहस्पतिवार) नई दिल्ली में पार्टी के संसदीय दल की एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक होने जा रही है। संसद परिसर स्थित पार्टी कार्यालय में पूर्वाह्न 11 बजे होने वाली यह बैठक कानूनी और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से यह तय करेगी कि उद्धव ठाकरे अपनी संसदीय ताकत बरकरार रख पाते हैं या उन्हें एक और बड़े विभाजन का सामना करना पड़ेगा। पार्टी नेतृत्व ने बुधवार को ही एक सख्त व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों को इस बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि यह बैठक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ बगावत की राह पर चल रहे सांसदों के खिलाफ अयोग्यता (Disqualification) की कार्यवाही का कानूनी रास्ता तैयार करने के उद्देश्य से बुलाई गई है।

यह कदम तब उठाया गया जब इसको लेकर अटकलें तेज हो गईं कि शिवसेना (उबाठा) के कुछ बागी सांसद लोकसभा में अलग गुट बनाने और बाद में एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना में विलय करने की योजना बना रहे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली शिवसेना (उबाठा) ने बुधवार को व्हिप जारी करके अपने सांसदों को राष्ट्रीय राजधानी में अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया। माना जा रहा है कि यह कदम महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ बागी नेताओं के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही का रास्ता तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह बैठक बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे संसद परिसर स्थित पार्टी कार्यालय में होगी। लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के नौ सदस्य हैं और अलग गुट बनाने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों की जरूरत होगी।

अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत, उद्धव खेमे के साथ हैं, जबकि बाकी छह सांसद संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और संजय जाधव अलग खेमे में हैं। अगर बागी गुट का एक भी सांसद इस बैठक में शामिल हो गया तो उस गुट को अलग दल की मान्यता नहीं मिल सकती। सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपील की है कि पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी ‘‘बागी’’ गुट को मान्यता न दी जाए।

सूत्रों के मुताबिक ऐसी जानकारी मिली है कि इस बढ़ते संकट के बीच शिवसेना (उबाठा) के बागी नेताओं के एक गुट ने बुधवार को अनौपचारिक रूप से लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मुलाकात करके लोकसभा में पार्टी के नौ में से छह सांसदों का समर्थन होने का दावा किया। दिल्ली में बृहस्पतिवार को होने वाली यह अहम बैठक कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से तय करेगी कि उद्धव ठाकरे अपनी संसदीय ताकत बरकरार रख पाते हैं या उन्हें पार्टी में एक और बड़े विभाजन का सामना करना पड़ता है। यदि ऐसा होता है तो 2006 में राज ठाकरे के शिवसेना से अलग होने के बाद यह पार्टी में तीसरा बड़ा विभाजन होगा।

News Source - PTI Information  

 

Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

All the updates here:

अन्य न्यूज़