टप्पल में आरोपियों के खिलाफ फांसी की मांग लिए सड़कों पर उतरे लोग, 1200 पुलिसवाले तैनात

By अभिनय आकाश | Publish Date: Jun 9 2019 1:15PM
टप्पल में आरोपियों के खिलाफ फांसी की मांग लिए सड़कों पर उतरे लोग, 1200 पुलिसवाले तैनात
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बच्ची से बर्बरता की लोगों ने सोशल मीडिया पर भी तीखी आलोचना हो रही है। बता दें कि मामला तूल पकड़ने के बाद पांच पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया था।

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मासूम की निर्मम हत्या करने के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी जाहिद, उसकी पत्‍नी शगुफ्ता, भाई मेहंदी हसन और असलम पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इलाके में भारी पुलिस बल और आएएफ की तैनाती की गई है। बच्ची की हत्या के मामले पर बुलाई गई महापंचायत रद्द कर दी गई है। पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है व उसके उल्लंघन में पांच लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। रौंगटे खड़े करने देने वाली वारदात के खिलाफ अलीगढ़ में हिंदू महासभा के लोग भी सड़कों पर उतरे और मुस्लिम समाज भी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी आरोपियों को सूली पर चढ़ाने की मांग की। बता दें कि अलीगढ़ के टप्पल में मासूम बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या के बाद लोगों आक्रोश फूट पड़ा है।

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पूरे देश में उबाल है और कहीं कैंडल मार्च निकाला जा रहा है तो कहीं लोग अनशन पर बैठे हैं। लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और बच्ची के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं। टप्पल में हालत कहीं बेकाबू न हो जाएं, इसे देखते हुए सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया। गौरतलब है कि टप्पल में 30 मई को एक ढाई साल की बच्ची गायब हुई थी। 2 जून को उसका क्षत-विक्षत शव घर से 100 मीटर दूर मिला। बच्ची के पिता ने पहले ही दिन हत्या का शक मुहल्ले के जाहिद पर जताया था। जिसके बाद पुलिस ने मुख्‍य आरोपी जाहिद और असलम को पहले ही गिरफ्तार किया था। जिसके बाद शनिवार जाहिद की पत्‍नी शगुफ्ता और भाई मेहंदी हसन को एसआईटी ने गिरफ्तार किया।

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वारदात के बाद पुलिसकर्मियों पर गिरी थी गाज

बच्ची से बर्बरता की लोगों ने सोशल मीडिया पर भी तीखी आलोचना हो रही है। बता दें कि मामला तूल पकड़ने के बाद पांच पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया था। पुलिस पर आरोप है कि बच्ची जब गायब हुई थी तो रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी और जांच में भी देरी हुई। पीड़ित परिवार ने जब प्रदर्शन शुरू किया और आत्महत्या की धमकी दी, तब पुलिस जागी और गिरफ्तारी की गई। 

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अलीगढ़ बार एसोसिएशन पीडि़त परिवार के साथ 

अलीगढ़ में वकीलों ने पीडि़त बच्ची के परिवार का साथ देने का फैसला किया है। अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि कोई भी वकील इस मामले के आरोपितों का केस नहीं लड़ेगा।



 


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