कर्नाटक को लेकर सक्रिय हुए अमित शाह, हाल के घटनाक्रमों पर CM और पार्टी नेताओं से की चर्चा

Amit Shah Basavaraj Bommai
ANI
अंकित सिंह । Aug 04, 2022 9:20PM
सूत्रों ने बताया है कि अमित शाह ने पार्टी नेताओं को साफ तौर पर कहा है कि वे कार्यकर्ताओं को शांत करें और आगामी विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित रखें। उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की पीड़ा और प्रतिक्रिया पर गंभीर से विचार करना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह कर्नाटक दौरे पर हैं। कर्नाटक दौरे के दौरान उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री बसावराज बोम्मई और भाजपा के बड़े नेताओं से मुलाकात की है। सूत्रों ने बताया है कि अमित शाह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हाल के घटनाक्रमों और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की है। अमित शाह की यह चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक बी एस येदियुरप्पा के साथ भी की है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य सरकार भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टार की हत्या समेत हाल के सांप्रदायिक हत्याओं को लेकर घिरी हुई है। प्रवीण नेट्टार की हत्या के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है जो कि कहीं ना कहीं चिंता की बात है। वह भारत की आजादी के 75 वें साल पर भारतीय उद्योग परिसंघ के आज के ‘संकल्प से सिद्धि’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए बुधवार रात को यहां पहुंचे थे। 

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सूत्रों ने बताया है कि अमित शाह ने पार्टी नेताओं को साफ तौर पर कहा है कि वे कार्यकर्ताओं को शांत करें और आगामी विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित रखें। उन्होंने यह भी कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की पीड़ा और प्रतिक्रिया पर गंभीर से विचार करना चाहिए। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से कार्यकर्ताओं के गुस्से को शांत करने और संगठन के काम में सम्मानजनक तरीके से उन्हें लगाने के लिए भी कहा है। दरअसल, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ हिंदुत्व विचार को एवं संगठनों ने प्रवीण नेट्टार की हत्या के बाद राज्य सरकार पर हिंदू कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए नहीं खड़ा होने का आरोप लगाया था। यही कारण है कि अमित शाह ने राज्य के गृह मंत्री अगारा ज्ञानेंद्र से हाल की घटनाओं पर विस्तृत जानकारियां प्राप्त की और उन्हें जरूरी हिदायत भी दी है। आपको बता दें कि प्रवीण ने तार की हत्या के बाद से कर्नाटक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया था। जिसके बाद से कहीं ना कहीं पार्टी के बड़े नेता चिंता में दिखाई दे रहे थे। 

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पार्टी के बड़े नेताओं को इस बात की उम्मीद है कि अमित शाह के इस दौरे के बाद सब कुछ ठीक हो सकता है। सूत्रों ने कहा कि ऐसा बताया जाता है कि इस महीने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील के खत्म होने जा रहे कार्यकाल के बीच शाह ने कुछ संगठनात्मक बदलाव के बारे में भी अनौपचारिक बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक बोम्मई मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित विस्तार या फेरबदल पर चर्चा के संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है। शाह की येदियुरप्पा से भेंट इस मायने में अहम है कि उन्होंने (शाह) ने इस बयान के साथ चुनावी राजनीति में उनकी पारी के समापन का संकेत दिया था कि यदि पार्टी 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उनके निर्वाचन क्षेत्र शिकारीपुरा से उनके बेटे बी वाई विजयेंद्र को उतारती है तो वह यह सीट खाली कर देंगे। पार्टी में कई नेता महसूस करते हैं कि नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि येदियुरप्पा हाशिये पर धकेले जाने का अहसास न करें। 

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