राष्ट्रवाद के नाम पर नित नए मुद्दे पैदा करती है भाजपा: हिंदी पर बहस के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 29, 2022   09:10
राष्ट्रवाद के नाम पर नित नए मुद्दे पैदा करती है भाजपा: हिंदी पर बहस के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा
ANI Twitter

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के बीच दरार पैदा करने के लिए हर दिन नये मुद्दे को पैदा करती है चाहे वह बुरका हो, हलाल मांस, धर्म हो या भाषा।

नयी दिल्ली|  देश में हिंदी और भाषायी विविधता पर बहस के बीच, कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राष्ट्रवाद के नाम पर मुद्दे पैदा करने का आरोप लगाया जिससे भारतीयों के बीच विभाजन उत्पन्न किया जा सके।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के बीच दरार पैदा करने के लिए हर दिन नये मुद्दे को पैदा करती है चाहे वह बुरका हो, हलाल मांस, धर्म हो या भाषा।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले कुछ सालों से हम हर दिन नए मुद्दों पर बहस छिड़ती हुई देख रहे हैं। हर मुद्दे पर बहस के अलग-अलग नाम होते हैं। मेरे अनुसार, उनका एक ही साझा नाम है… विभाजन।’’ सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को याद दिलाया कि देश में 1960 के दशक में पर दंगे हो चुके हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि उस समय तीन भाषाओं वाला फार्मूला बनाया गया था। सिंघवी ने कहा, ‘‘लगभग 50-60 वर्षों तक हमारे पास यह समस्याएं नहीं थीं। आप यहां केवल जानबूझकर विभाजन कराने आए हैं। आप विभाजन चाहते हैं। आप विभाजन की तलाश करते हैं और आप राष्ट्रवाद की बात करते हैं। आपके लिए विभाजन सुनिश्चित करने से बेहतर राष्ट्रवाद नहीं है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि हर दिन किसी ना किसी नाम से कोई नया विवाद पैदा किया जाता है और ‘‘अगर हम उस बहस में शामिल होते हैं तो यह भाजपा के लिए अच्छा होता है।’’

उन्होंने कहा कि तीन भाषाओं का फार्मूला समय की कसौटी पर खरा उतरा है और जब भी आपने हिंदी थोपने की कोशिश की है तब इससे कोई फायदा नहीं हुआ है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।