भोपाल में ईरानी डेरे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आए

  •  दिनेश शुक्ल
  •  नवंबर 28, 2020   15:54
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भोपाल में ईरानी डेरे पर चला प्रशासन का बुलडोजर, भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आए

गौरतलब है कि शनिवार सुबह से जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ ईरानी डेरे के करीब 12 हजार वर्गफीट पर अवैध कब्जे और निर्माण को जेसीबी मशीन से हटाया जा रहा है। हालांकि यहां पर दुकानदारों ने खुद ही अपना सामान हटा दिया।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन के समीप स्थित ईरानी डेरे का अतिक्रमण हटाया। जिसके बाद करीब 12 हजार वर्गफीट पर किए गए अवैध कब्जे और निर्माण को जेसीबी मशीन से हटाया गया। दुकानदार खुद सुबह-सुबह अपनी दुकानों पर पहुंचे और दुकान में रखे सभी सामानों को अपने साथ ले गए। भोपाल रेलवे स्टेशन के पास स्थित ईरानी डेरे से अतिक्रमण हटाने की बात कई बार उठी, लेकिन हर बार किसी न किसी वजह से कार्रवाई रुकती रही। सालों बाद प्रशासन ने यहां पर कार्रवाई की हिम्मत जुटाई है। कुछ दिन पहले करोंद क्षेत्र अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा पर पुलिस पार्टी पर हमला हो गया था। धोखाधड़ी के एक मामले में सागर पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची थी। उस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया था और पुलिस एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर पाई थी। जिसके बाद प्रशासन अवैध कब्जा हटाने के लिए मन बना लिया था। 

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स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जमीन से कब्जा हटाया जा रहा है, वह पूरी जमीन लालजी भाई ठाकुर के नाम पर बताई जाती है जिनकी मौत हो चुकी है। जिसके बाद यहां दुकान संचालित करने वाले डेरे के लोगों और लालजी भाई के उत्तराधिकारियों के बीच कोर्ट में केस विचाराधीन है। लोगों का आरोप है कि शासन यहां कैसे बीच में आ गया जबकि यह जमीन प्राइवेट है। जानकारी के अनुसार 80 फीट चौड़ी हमीदिया समानांतर सड़क के किनारे करीब 12 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर हुसैनी जनकल्याण समिति का अवैध कब्जा है।

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वही  दूसरी ओर ईरानी डेरा से अवैध कब्जा हटाने की नगरनिगम, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने जहां पूर्व मंत्री पी.सी.शर्मा को झुग्गी माफिया बताया है, वहीं पूर्व मंत्री पी.सी.शर्मा ने ईरानी डेरे पर की गई कार्रवाई को बदले की कार्रवाई बताया है। जिसके बाद अवैध कब्जा करके सालों से जमे ईरानी डेरे पर शनिवार को की गई प्रशासन की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री सारंग ने कहा कि पी.सी. शर्मा इस तरह के गुंडों बदमाशों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई कांग्रेस सरकार में पले भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रही है और कांग्रेस नेता पी.सी. शर्मा झुग्गी माफिया हैं।

 

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वहीं, मंत्री सारंग के इस बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि ईरानी डेरे पर हुई कार्रवाई बदले की भावना से की गई है। पूर्व मंत्री ने इसे गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों का रोजगार खत्म कर उन्हें बेरोजगार बनाने में लगी हुई है। लोगों का रोजगार चला जाएगा तो वह क्रिमिनल एक्टिविटी की तरफ जाएंगे। सरकार गरीबों को रोजगार तो दे नहीं पा रही है, जो रोज कमाकर परिवार पाल रहे हैं,  उनका परिश्रम भी इस सरकार से नहीं देखा जा रहा है। शर्मा ने कहा कि 15 साल तक प्रदेश में बीजेपी की सरकार थी तो इन्हें संरक्षण कौन देता रहा है, ये मुझे बताने की जरूरत नहीं है।

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गौरतलब है कि शनिवार सुबह से जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ ईरानी डेरे के करीब 12 हजार वर्गफीट पर अवैध कब्जे और निर्माण को जेसीबी मशीन से हटाया जा रहा है। हालांकि यहां पर दुकानदारों ने खुद ही अपना सामान हटा दिया। डेरे के अंदर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है और मौके पर लोग नारेबाजी करते रहे। 





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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   12:38
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी है

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार आज जिस तरह नार्थ ईस्ट के विकास में जुटी है, जिस तरह संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम हो रहा है, उससे आपके लिए अनेकों नई संभावनाएं बन रही हैं।

तेजपुर (असम)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सर्वांगीण विकास में जुटी हुई है और विकासकार्यों से इस क्षेत्र में नयी संभावनाओं के द्वार खुले है। डिजिटल माध्यम से ते़जपुर विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने छात्रों का आह्वान किया कि वे इन संभावनाओं का लाभ उठाएँ और आत्मनिभर भारत अभियान में योगदान दें।

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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार आज जिस तरह नार्थ ईस्ट के विकास में जुटी है, जिस तरह संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम हो रहा है, उससे आपके लिए अनेकों नई संभावनाएं बन रही हैं। इन संभावनाओं का पूरा लाभ उठाइये।’’ उन्होंने कहा कि कोरोना के काल में आत्मनिर्भर भारत अभियान हर किसी की शब्दावली का अहम हिस्सा हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अंदर वो घुल मिल गया है। हमारा पुरुषार्थ, हमारे संकल्प, हमारी सिद्धि, हमारे प्रयास ये सब हम अपने ईर्द-गिर्द महसूस कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर चुनौती से निपटने का देश के युवाओं का अंदाज और देश का मिजाज कुछ हटकर है।

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उन्होंने ऑस्ट्रलिया में भारतीय क्रिकेट टीम को मिली टेस्ट श्रृंखला में जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मैच में जीत हासिल की। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे युवा खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना किया और समाधान तलाशे। कुछ खिलाड़ियों में अनुभव जरूर कम था लेकिन हौसला उतना ही बुलंद था। उनको जैसे ही मौका मिला, उन्होंने इतिहास बना दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन से हमें सीख मिलती है कि हमें अपनी क्षमता पर विश्वास होना चाहिए, सकारात्मक माइंडसेट से काम करने पर रिजल्ट भी सकारात्मक ही आता है। अगर आपके पास एक तरफ सेफ निकल जाने का विकल्प हो और दूसरी तरफ मुश्किल जीत का विकल्प हो तो आपको विजय का विकल्प जरूर चुनना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि अगर जीतने की कोशिश में कभी कभार असफलता भी हाथ लग गई तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘रिस्क लेने से, प्रयोग करने से डरना नहीं है। हमें प्रोएक्टिव और निर्भीक होना पड़ेगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत समस्या के समाधान के लिए बड़े स्तर पर काम करने से भी पीछे नहीं हटता। इस अवसर पर असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में 2020 में उत्तीर्ण 1218 छात्रों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। डिग्री प्राप्‍त करने वालों में विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक पाने वाले 48 छात्रों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किया गया।

दीक्षांत समारोह कोविड-19 से बचाव के नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। केवल पी.एच.डी. और स्वर्ण पदक प्राप्‍त करने वाले छात्र ही व्‍यक्तिगत रूप से डिग्री और पदक के लिए उपस्थित हुए जबकि अन्‍य छात्रों को डिजिटल माध्‍यम से डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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धनंजय मुंडे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली में महिला ने शिकायत वापस ली

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   12:29
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धनंजय मुंडे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली में महिला ने शिकायत वापस ली

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली मुंबई की महिला ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत वापस ले ली है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मुंबई। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली मुंबई की महिला ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत वापस ले ली है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि महिला ने जांच करने वाले अधिकारी से कहा है कि वह मुंडे के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले रही है, हालांकि महिला ने यह नहीं बताया कि उसके इस फैसले के पीछे वजह क्या है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला से इस संबंध में नोटरी द्वारा प्रमाणित हलफनामा देने को कहा है।

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महिला ने सामाजिक न्याय मंत्री मुंडे (45) पर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2006 में शादी करने का वादा करके उनका बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया। महिला ने इस बाबत 11 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।

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पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और महिला अपने बयान दर्ज करवाने के लिए ओशीवारा पुलिस थाने भी गई। बीड जिले से वरिष्ठ राकांपा नेता मुंडे ने इन आरोपों से इनकार किया और इन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास बताया। हालांकि मंत्री ने यह स्वीकार किया कि शिकायतकर्ता महिला की बहन से उनके संबंध थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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मंत्रियों, सांसदों पर टिप्पणी करना पड़ सकता है भारी, बिहार पुलिस ने जारी किया आदेश तो राजद ने उठाया सवाल

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 22, 2021   12:07
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मंत्रियों, सांसदों पर टिप्पणी करना पड़ सकता है भारी, बिहार पुलिस ने जारी किया आदेश तो राजद ने उठाया सवाल

एडीजी नैयर हसनैन खान का पत्र सामने आने के बाद सियासी गलियों में भी हलचल शुरू हो गई। विपक्षी पार्टी राजद ने नीतीश कुमार पर ही हमला बोल दिया। ट्विटर पर लिखा कि सुशासन बाबु को मुखौटा उतरने का इतना खौफ है की अब लिखने की आजादी पर भी बंदिशें लगा दी गईं।

पटना। अगर आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। क्योंकि सोशल मीडिया पर अब आपत्तिजनक टिप्पणी करना और अनाप-शनाप लिखना आपको भारी पड़ सकता है। दरअसल, बिहार पुलिस ने आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। 

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बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों या फिर किसी सरकारी अफसर के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। पत्र में बताया गया है कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जो साइबर अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में टिप्पणी करने वाले व्यक्ति या फिर समूह के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जारी भ्रामक खबरों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अफसरों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

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राजद ने नीतीश कुमार को घेरा

एडीजी नैयर हसनैन खान का पत्र सामने आने के बाद सियासी गलियों में भी हलचल शुरू हो गई। विपक्षी पार्टी राजद ने नीतीश कुमार पर ही हमला बोल दिया। ट्विटर पर लिखा कि सुशासन बाबु को मुखौटा उतरने का इतना खौफ है की अब लिखने की आजादी पर भी बंदिशें लगा दी गईं। आवाम द्वारा नकारी गयी हुक़ूमतें ऐसी ही जुल्माना तरीके से पेश आती हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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