सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत संसद भवन का निर्माण कार्य 15 जनवरी से होगा शुरू !

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 13, 2021   20:15
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सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत संसद भवन का निर्माण कार्य 15 जनवरी से होगा शुरू !

आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘‘सीपीडब्ल्यूडी ने टाटा प्रोजेक्टस लिमिटेड से 15 जनवरी से नए संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है। मकर संक्रांति के अगले दिन को ऐसी परियोजनाएं शुरू करने के लए शुभ मुहुर्त माना जाता है।’’

नयी दिल्ली। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत नए संसद भवन का निर्माण कार्य 15 जनवरी से शुरू होना है। सूत्रों ने बताया कि मकर संक्रांति के अगले दिन को ऐसी परियोजनाओं की शुरुआत के लिए शुभ मुहुर्त माना जाता है। इस सप्ताह की शुरुआत में 14 सदस्यीय विरासत पैनल ने सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत नए संसद भवन के निर्माण को मंजूरी दी थी। 

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘‘केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने टाटा प्रोजेक्टस लिमिटेड से 15 जनवरी से नए संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है। मकर संक्रांति के अगले दिन को ऐसी परियोजनाएं शुरू करने के लए शुभ मुहुर्त माना जाता है।’’ नए भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्टस लिमिटेड द्वारा किया जाना है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नए त्रिभुजाकार संसद भवन और साझा केन्द्रीय सचिवालय का निर्माण, राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ का पुनर्विकास, नए प्रधानमंत्री आवास और कार्यालय का निर्माण और उपराष्ट्रपति के लिए नए एन्क्लेव का निर्माण शामिल है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू करने के लिए टाटा प्रोजेक्टस ने मशीन आदि एकत्र करना शुरू कर दिया है। विरासत संरक्षण समिति ने सोमवार को नयी संसद भवन परियोजना को मंजूरी दे दी। इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र सरकार से कहा था कि वह निर्माण कार्य शुरू करने से पहले समिति और अन्य संबंधित प्राधिकरणों से इसके लिए मंजूरी प्राप्त करे। योजना के अनुसार, राजपथ के पुनर्विकास का कार्य गणतंत्र दिवस समारोह के तुरंत बाद शुरू होगा। यह काम 10 महीने में पूरा होने की संभावना है और 2022 में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन पुनर्विकसित राजपथ पर होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी। 

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उम्मीद है कि इसका निर्माण कार्य 75वें स्वतंत्रता दिवस तक पूरा हो जाएगा। इसपर करीब 971 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। नए भवन का निर्माण करीब 94 साल पहले बने मौजूदा संसद भवन के सामने होना है। उस वक्त 83 लाख रुपये की लागत से बने इस भवन को संग्रहालय में बदल दिया जाएगा। नए भवन में लोकसभा और राज्यसभा के लिए हॉल का निर्माण किया जाएगा, जिनकी क्षमता क्रमश: 888 और 384 सीटों की होगी। इनका निर्माण 2026 में होने वाले संसद के सदस्यों में होने वाली वृद्धि को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। लोकसभा हॉल में 1,272 लोगों के बैठने का इंतजाम होगा ताकि संयुक्त सत्र का आयोजन किया जा सके।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जब आंदोलन की पवित्रता नष्ट हो जाती है तो निर्णय नहीं होता: नरेन्द्र सिंह तोमर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   20:56
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जब आंदोलन की पवित्रता नष्ट हो जाती है तो निर्णय नहीं होता: नरेन्द्र सिंह तोमर

कृषि मंत्री ने कहा कि जब आंदोलन का नाम किसान आंदोलन और विषय किसानों से संबंधित हो तथा सरकार निराकरण करने के लिए सरकार तैयार हो और निर्णय ना हो सके तो अंदाजा लगाया जा सकता है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने किसानों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच 11वें दौर की वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार को अफसोस जताया और कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ‘‘ताकतें’’ हैं जो अपने निजी और राजनीतिक हितों के चलते आंदोलन को जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों का क्रियान्वयन 12-18 महीनों तक स्थगित रखने और तब तक चर्चा के जरिए समाधान निकालने के लिए समिति बनाए जाने सहित केंद्र सरकार की ओर से अब तक वार्ता के दौरान कई प्रस्ताव दिए गए लेकिन किसान संगठन इन कानूनों को खारिज करने की मांग पर अड़े हैं। पिछली बैठक में सरकार की ओर से किसानों के सामने रखे गए प्रस्ताव को तोमर ने ‘‘बेहतर’’ और देश व किसानों के हित में बताया और यह कहते हुए गेंद किसान संगठनों के पाले में डाल दी कि वे इस पर पुनर्विचार कर केंद्र के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करते हैं तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

किसान संगठनों के साथ 11वें दौर की वार्ता समाप्त होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए तोमर ने कहा, ‘‘एक से डेढ़ बरस तक कानून को स्थगित रख समिति बनाकर आंदोलन में उठाए गए मुद्दों और पहलुओं पर विचार विमर्श कर सिफारिश देने का प्रस्ताव बेहतर है। उस पर आप विचार करें। यह प्रस्ताव किसानों के हित में भी है। इसलिए हमने कहा, आज वार्ता खत्म करते हैं। आप लोग अगर निर्णय पर पहुंच सकते हैं तो कल अपना मत बताइए। निर्णय घोषित करने के लिए आपकी सूचना पर हम कहीं भी इकट्ठा हो सकते हैं और उस निर्णय को घोषित करने की आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।’’ आज की वार्ता में कोई फैसला ना होने पाने के बावजूद अगली बैठक की तारीख तय नहीं हुई। तोमर ने कहा कि कुछ ‘‘ताकतें’’ हैं जो अपने निजी और राजनीतिक हितों के चलते आंदोलन को जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हमेशा किसानों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया और किसानों के सम्मान की बात सोची। इसलिए किसान संगठनों से लगातार बात की जा रही है ताकि उनकी भी प्रतिष्ठा बढ़े और वे किसानों की नुमाइंदगी कर सकें। 

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उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए भारत सरकार की कोशिश थी कि वह सही रास्ते पर विचार करें और सही रास्ते पर विचार करने के लिए 11 दौर की बैठक की गई। जब किसान संगठन कानूनों को निरस्त करने पर अड़े रहे तो सरकार ने उनकी आपत्तियों के अनुसार निराकरण करने व संशोधन करने के लिए एक के बाद एक अनेक प्रस्ताव दिए। लेकिन जब आंदोलन की पवित्रता नष्ट हो जाती है तो निर्णय नहीं होता।’’ तोमर ने कहा, ‘‘आज मुझे लगता है वार्ता के दौर में मर्यादाओं का पालन तो हुआ लेकिन किसान के हक में वार्ता का मार्ग प्रशस्त हो, इस भावना का अभाव था। इसलिए वार्ता निर्णय तक नहीं पहुंच सकी। इसका मुझे खेद है।’’ कृषि मंत्री ने कहा कि जब आंदोलन का नाम किसान आंदोलन और विषय किसानों से संबंधित हो तथा सरकार निराकरण करने के लिए सरकार तैयार हो और निर्णय ना हो सके तो अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई न कोई ताकत ऐसी है जो इस आंदोलन को बनाए रखना चाहती है।’’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और उनके विकास और उत्थान के लिए उसका प्रयत्न निरंतर जारी रहेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि किसान संगठन सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई अनुमान नहीं लगाता लेकिन मैं आशावान हूं। मुझे उम्मीद है कि किसान संगठन हमारे प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेंगे।’’ तोमर ने कहा कि किसानों के हित में विचार करने वाले लोग सरकार के प्रस्ताव पर जरूर विचार करेंगे।





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कांग्रेस ने निर्भर भारत बनाया लेकिन PM मोदी ने आत्‍मनिर्भर: जेपी नड्डा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   20:38
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कांग्रेस ने निर्भर भारत बनाया लेकिन PM मोदी ने आत्‍मनिर्भर: जेपी नड्डा

प्रबुद्ध समाज से अपील करते हुए नड्डा ने कहा कि जिंदा समाज वो होता है जो अच्‍छे लोगों को शाबासी दे और जो गलत लोग हैं उनको घर में बिठाने का इंतजाम करे। पूर्ववर्ती सरकारों में कानून-व्‍यवस्‍था की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से गुंडों को ही नहीं नेताओं को भी समझ में आ गया कि कानून-व्‍यवस्‍था क्‍या चीज होती है।

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने निर्भर भारत बनाया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्‍‍मनिर्भर भारत बनाया है। नड्डा ने शुक्रवार की शाम यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्‍ठान में प्रबुद्ध सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कोरोना काल में केंद्र और राज्‍य सरकार के कार्यों के आंकड़ों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की खूब सराहना की और विपक्षी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। केंद्र सरकार कीयोजनाओं का सिलसिलेवार आंकड़ा देते हुए उन्‍होंने एक न्‍यूज चैनल के सर्वेक्षण में मोदी को सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री और योगी को सबसे लोकप्रिय मुख्‍यमंत्री चुने जाने पर बधाई दिया। नड्डा ने इसी सर्वे में नेहरू का नाम सबसे निचले पायदान पर बताते हुए तंज किया। उन्‍होंने कहा कि मोदी की योजनाओं का कांग्रेस हमेशा मजाक उड़ाती रही लेकिन उससे आम जनजीवन पर असर पड़ा और लोगों में खुशहाली आई। प्रबुद्ध समाज से अपील करते हुए नड्डा ने कहा कि जिंदा समाज वो होता है जो अच्‍छे लोगों को शाबासी दे और जो गलत लोग हैं उनको घर में बिठाने का इंतजाम करे। पूर्ववर्ती सरकारों में कानून-व्‍यवस्‍था की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से गुंडों को ही नहीं नेताओं को भी समझ में आ गया कि कानून-व्‍यवस्‍था क्‍या चीज होती है।

इसके पहले नड्डा ने लखनऊ जिले के बूथ अध्‍यक्षों के सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि देश में भाजपा को छोड़ कर सभी राजनीतिक दल परिवारवाद से ग्रस्त हैं। उन्‍होंने आरोप लगाया कि देश की राष्‍ट्रीय पार्टियाँ हों या क्षेत्रीय पार्टी, सभी परिवारवाद से ग्रस्त हैं और वहां बेटों को पिता द्वारा राजनीति विरासत में दी जाती है। उन्‍होंने कहा, पूरे देश में नजर दौड़ा कर देखिए, सभी दल परिवारवाद के घेरे में है, सिर्फ भाजपा ही ऐसी पार्टी है जहां साधारण परिवार से आने वाला व्‍यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बनकर देश की तकदीर बदल देता है। यहां सामान्‍य परिवार का बेटा रक्षा मंत्री बनता है, भारत के राष्‍ट्रपति बनते हैं और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ बनते हैं। उन्‍होंने कहा, ‘‘देश में अगर 1500 राजनीतिक दल हैं तो उनमें कुछ राष्‍ट्रीय और कुछ क्षेत्रीय स्‍तर पर हैं। लेकिन मैं हमेशा कहता हूं कि जिसको भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का मौका मिला उसे राजनीति की दृष्टि से अपने को सर्वाधिक भाग्‍यशाली समझना चाहिए। नड्डा ने कहा कि दूसरे राजनीतिक दलों के पास न नीति है, न नीयत है और न नेता हैं लेकिन भाजपा अकेली ऐसी पार्टी है जिसके पास नीति, नीयत और कार्यकर्ताओं के साथ मोदी और योगी जैसे नेता भी हैं। उन्‍होंने कहा कि कोरोना संक्रमण में मोदी ने सही समय पर सही फैसला लेकर 130 करोड़ लोगों के देश को बचाया है और आज भारत कोविड से लड़ने के लिए तैयार हुआ और सबसे अच्‍छी रिकवरी रेट भारत की है। उन्‍होंने कहा कि उप्र सरकार ने सिर्फ प्रदेश के मजदूरों की बल्कि इस राज्‍य से गुजरने वाले अन्‍य राज्‍यों के मजदूरों की भी चिंता की। उन्‍होंने इसके लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को बधाई दी। नड्डा ने कहा कि मोदी के प्रयास से पात्र किसानों के खाते में शत प्रतिशत धनराशि पहुंची है। 

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नड्डा ने अपने संबोधन में राम जन्‍मभूमि मं‍दिर निर्माण की चर्चा के साथ ही तीन तलाक का भी जिक्र किया और कहा कि मोदी जी ने तमाम परिवर्तन किये हैं और आप इस परिवर्तन में साझीदार बनने से न चूकिये। प्रबुद्ध सम्‍मेलन को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह ने भी संबोधित किया। प्रबुद्ध सम्‍मेलन का संचालन भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्‍ल ने किया। बूथ सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्‍यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर भारतीय जनता पार्टी ने सभी राजनीतिक दलों के लिए एक मानक तय किया है। नड्डा ने शुक्रवार को अपने उत्‍तर प्रदेश दौरे के दूसरे दिन राजधानी लखनऊ के चिनहट ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के करते हुए अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। शुक्रवार को चिनहट ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने पहुंचेनड्डा ने मंडल के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को सम्‍मानित किया। इसके बाद उन्‍होंनेलखनऊ महानगर एवं जिला बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित किया। सम्‍मेलन से वापस होने के बाद भाजपा मुख्‍यालय में उन्‍होंने अवध एवं कानपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करने के अलावा अवध क्षेत्र के भाजपा सांसदों एवं विधायकों के साथ भी बैठक की। भाजपा मीडिया कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। उल्‍लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी की संगठन संबंधी गतिविधियों का जायजा लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपने दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर बृहस्पतिवार की शाम राजधानी लखनऊ पहुंचे। नड्डा ने बृहस्पतिवार की रात में प्रदेश सरकार के मंत्रियों तथा पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की और आने वाले पंचायत चुनाव को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिये।





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हरियाणा में कोरोना वायरस संक्रमण के 120 नए मामले, पांच मरीजों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   20:26
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हरियाणा में कोरोना वायरस संक्रमण के 120 नए मामले, पांच मरीजों की मौत

पांच और मरीजों की मौत के बाद अब तक राज्य में 3,005 लोग इस घातक वायरस के कारण जान गंवा चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।

चंडीगढ़। हरियाणा में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 120 नए मामले सामने आए, जिसके साथ ही राज्य में संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़कर 2,66,939 तक पहुंच गया। वहीं, पांच और मरीजों की मौत के बाद अब तक राज्य में 3,005 लोग इस घातक वायरस के कारण जान गंवा चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। 

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इसके मुताबिक, पानीपत, यमुनानगर और झज्जर जिलों में एक-एक मरीज की मौत हुई जबकि कैथल में दो मरीजों की जान गई। सामने आए नए मामलों में गुरुग्राम में 24, पंचकुला में 15 और फरीदाबाद में 25 मामले दर्ज किए गए जबकि बाकी मामले अन्य जिलों से हैं। बुलेटिन के मुताबिक, राज्य में 1,585 मरीज उपचाराधीन हैं और अब तक 2,62,349 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं।





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