धामी बोले- अंकिता की हत्या के दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालत में मामला ले जाएंगे

CM Dhami
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प्रदेश की बेटियों के अपमान को सरकार का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बेटी अंकिता के दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित अपराध करने वालों के लिए एक नजीर साबित होगी।
देहरादून। पूरे देश को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की बात दोहराते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि उन्हें जल्द सजा दिलाने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में ले जाया जाएगा। यहां शारदीय नवरात्रि के पहले दिन नंदा गौरा योजना के तहत 80 हजार बालिकाओं को डिजिटल रूप से धनराशि देने के बाद अपने संबोधन में धामी ने अंकिता को श्रद्धांजलि दी और कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार उसके शोकसंतप्त परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बेटियों के साथ इस तरह की घटना मन में क्रोध पैदा करती है और घटना के दोषियों को बिलकुल भी नहीं बख्शा जाएगा।’’ 

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प्रदेश की बेटियों के अपमान को सरकार का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बेटी अंकिता के दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी जो इस प्रकार के घृणित अपराध करने वालों के लिए एक नजीर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की तेजी से जांच करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है जबकि इसमें संलिप्त लोगों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालत के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। पौड़ी जिले के यमकेश्वर में गंगा भोगपुर में वनतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की कथित रूप से रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता के साथ मिलकर ऋषिकेश के निकट चीला नहर में धकेलकर हत्या कर दी थी। 

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इससे पहले, अंकिता की गुमशुदगी के मामले में 23 सितंबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था जिन्होंने पूछताछ में उसकी हत्या की बात स्वीकार की थी। आरोपियों की निशानदेही पर अंकिता का शव 24 सितंबर को चीला नहर से बरामद किया गया था। मुख्य आरोपी पुलकित हरिद्वार के पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का पुत्र है। घटना के सामने आने के बाद भाजपा ने आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इस हत्याकांड से पूरे राज्य में रोष है जहां अंकिता के हत्यारों को तत्काल फांसी दिए जाने की मांग को लेकर लोगों ने कई घंटों तक श्रीनगर में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित रखा। अलकनंदा नदी के तट पर रविवार शाम अंकिता के अंतिम संस्कार में भी हजारों लोगों की भीड़ शामिल हुई और उसके लिए इंसाफ की मांग की।

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