PoJK को लेकर राजनाथ के बयान पर बोले उत्तरी सेना के कमांडर, जब भी आदेश दिए जाएंगे, हम हमेशा इसके लिए तैयार

Lt Gen Upendra Dwivedi
ANI
अंकित सिंह । Nov 22, 2022 6:16PM
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह भी कहा कि सेना हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि युद्धविराम की समझ कभी न टूटे क्योंकि यह दोनों देशों के हित में है, लेकिन अगर किसी भी समय टूटा तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे।

पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा था कि भारत की उत्तर में विकास यात्रा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित और बाल्टिस्तान के हिस्सों में पहुंचने के बाद पूरी होगी। अब इसी को लेकर भारतीय सेना की ओर से बयान आया है। रक्षा मंत्री के इस बयान पर उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जहां तक ​​भारतीय सेना का संबंध है, वह भारत सरकार द्वारा दिए गए किसी भी आदेश को पूरा करेगी। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह भी कहा कि सेना हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि युद्धविराम की समझ कभी न टूटे क्योंकि यह दोनों देशों के हित में है, लेकिन अगर किसी भी समय टूटा तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे। 

इसे भी पढ़ें: राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई, अमेरिकी समकक्षों से की मुलाकात, रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने पर हुई चर्चा

इसके साथ ही उत्तरी सेना के कमांडर ने कहा कि जब भी इस तरह के आदेश दिए जाएंगे, हम हमेशा इसके लिए तैयार रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमने बहुत हद तक आतंकवाद को नियंत्रित कर लिया है। बिना किसी देश के नाम लिए उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी देश पिस्टल को यहां लाने, ग्रेनेड को भेजने और ड्रग्स को बेचने की कोशिश कर रहा है। वो छोटी-छोटी हरकत करना चाहता है लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। उन्होंने आगे कहा कि लॉन्चपैड पर लगभग 160 आतंकवादी बैठे हैं जिनमें पीर पंजाल के 130 उत्तर और पीर पंजाल के दक्षिण में 30 हैं। पूरे भीतरी इलाकों में कुल 82 पाकिस्तानी आतंकवादी और 53 स्थानीय आतंकवादी बैठे हैं। 

इसे भी पढ़ें: MCD Election के दंगल में BJP के लिए प्रचार करेंगे नड्डा, शाह और राजनाथ, AAP से है मुख्य मुकाबला

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में लिप्त और अज्ञात रहने वाले लगभग 170 आतंकवादी भी यहां हैं। इस प्रकार कुल 300 वर्तमान में क्षेत्र में फैले हुए हैं लेकिन हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे किसी भी अप्रिय गतिविधि में शामिल नहीं हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में 50% से अधिक लोग हैं जो 25 वर्ष से कम आयु के हैं। यदि हम उन्हें अग्निवीर के रूप में लेते हैं, उन्हें पढ़ाते हैं और उन्हें वापस भेजते हैं, तो कुछ हमारे द्वारा अवशोषित किए जाएंगे, अन्य अर्धसैनिक, पुलिस बलों द्वारा और शेष स्व-नियोजित हो सकते हैं।

अन्य न्यूज़