कोलकाता सहित पूरे पश्चिम बंगाल में दिवाली और काली पूजा धूमधाम से मनायी गई

Kali Puja
प्रतिरूप फोटो
Google Creative Commons

रोशनी के त्योहार को मनाने के लिए लोगों ने अपने घरों को दीयों , मोमबत्तियों और बिजली के झालरों से सजाया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के करीब शहर के कालीघाट मंदिर में सुबह से भीड़ देखी गई। दक्षिणेश्वर काली मंदिर में सुबह से भक्तों की लंबी कतार लगी रही।

पश्चिम बंगाल में सोमवार को दिवाली और काली पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। हालांकि रुक-रुक कर बारिश होने और तेज हवा चलने से त्योहार का उत्साह कुछ हद तक फीका हो गया। रोशनी के त्योहार को मनाने के लिए लोगों ने अपने घरों को दीयों , मोमबत्तियों और बिजली के झालरों से सजाया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के करीब शहर के कालीघाट मंदिर में सुबह से भीड़ देखी गई। दक्षिणेश्वर काली मंदिर में सुबह से भक्तों की लंबी कतार लगी रही।

जैसे-जैसे दिन चढ़ा, भीड़ बढ़ती गई। देवी मां का आशीर्वाद लेने के लिए राज्य के तारापीठ, कल्याणेश्वरी और कंकलिताला काली मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें थी। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ दो साल के अंतराल के बाद देखी क्योंकि 2020 और 2021 में त्योहारों के मौसम के दौरान कोरोना वायरस के चलते पाबंदियां थीं। पूजा पंडालों को भव्य तरीके से सजाया गया था। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को घर के अंदर रहने के लिए मजबूर किया।

इसके चलते त्योहार वाले दिन कोलकाता की अधिकांश सड़कें सुनसान थीं, जो आमतौर पर देवी काली की मूर्तियों के दर्शन करने और चमकदार रोशनी देखने के लिए हजारों लोगों को आकर्षित करती थीं। मुख्यमंत्री ने काली पूजा और दीपावली के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं काली पूजा और दीपावली के पवित्र दिन की हार्दिक बधाई देती हूं। मां काली हमें बुराई की ताकतों से लड़ने की शक्ति दें। मैं प्रार्थना करती हूं कि रोशनी का त्योहार हम सभी के जीवन से अंधकार को दूर करके खुशी और आनंद की शुरुआत करे।’’

सामुदायिक पंडालों के अलावा घरों में भी काली पूजा की जाती है। हर साल की तरह दक्षिण कोलकाता के कालीघाट इलाके में मुख्यमंत्री आवास पर काली पूजा का आयोजन किया गया। राज्यपाल एल. गणेशन ने बनर्जी के आवास का दौरा किया और देवी काली की पूजा की। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस महीने की शुरुआत में निर्देश दिया था कि पश्चिम बंगाल में क्यूआर कोड वाले ग्रीन पटाखों के अलावा कोई भी पटाखों का आयात और बिक्री नहीं की जाएगी।

अदालत के आदेश के बाद, पश्चिम बंगाल पर्यावरण विभाग ने घोषणा की थी कि वह अदालत के निर्देशानुसार काली पूजा के दौरान केवल ग्रीन पटाखे छोड़ने की अनुमति देगा और इस मुद्दे पर दो केंद्रीय निकायों की सिफारिशों का पालन करेगा। अदालत के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए शहर और राज्य के अन्य शहरों की सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी देखे गए।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़