Delhi में CEC के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर हमला, Hindu Raksha Dal के 4 लोग गिरफ्तार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में मध्य दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर भगवा गमछा पहने समूहों ने हमला किया। दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर छात्रों और महिलाओं से मारपीट के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है। इस संगठन के प्रमुख पिंकी चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान भगवा गमछे लिये हुए, धार्मिक नारे लगाते और खुलेआम हिंसा करने की बात कहते कई पुरुष मध्य दिल्ली में घूमते दिखे। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद उन्होंने प्रदर्शनकारियों को धमकाया और उन पर हमला किया। दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मार्ग पर छात्रों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने स्वयं को दक्षिणपंथी संगठन हिंदू रक्षा दल का सदस्य बताया।
हालांकि, उस दिन के वीडियो में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में बड़े समूह प्रदर्शन स्थलों के आसपास घूमते, पुलिस और प्रशासन का खुलकर समर्थन करते और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को धमकाते दिखे। इन लोगों को यह कहते सुना गया कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में आए हैं और उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि पुलिस उन्हें पकड़कर ले जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों में ‘‘राष्ट्र-विरोधी और मोदी-विरोधी’’ नारे लगाए जा रहे थे, वहीं, कुछ ने प्रदर्शनकारियों को राष्ट्र-विरोधी तत्व बताते हुए कहा कि उन्हें पीटा जाना चाहिए।
भगवा गमछे लिये पुरुषों के समूह ‘‘दिल्ली पुलिस तुम लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं’’ के नारे लगाते दिखे। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद ये समूह परोक्ष तौर पर बिना किसी रोक-टोक के घूमते रहे। एक ओर तो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की व्यापक कार्रवाई थी और दूसरी ओर इन समूहों की मौजूदगी।
निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए किए गए प्रदर्शनों के दौरान राजधानी में हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित एक वीडियो में दो पुरुष एक पुरुष प्रदर्शनकारी पर हमला करते और एक महिला के साथ धक्का-मुक्की करते दिख रहे हैं। वे महिला को जमीन पर धकेलते और उसके कपड़े खींचते नजर आये।
ये दोनों पुरुष हिंदू रक्षा दल प्रमुख और गाजियाबाद में रहने वाले एक हिस्ट्रीशीटर पिंकी चौधरी के साथ कई पुराने वीडियो में भी दिखाई देते हैं। कथित वीडियो में घटनास्थल पर एक पुलिस अधिकारी भी नजर आता है। एक समय एक अन्य अधिकारी कथित हमलावरों में से एक के पास जाते और उसके कान में कुछ कहते देखे जा सकते हैं।
इसके बाद उक्त व्यक्ति घटना का वीडियो बना रहे शख्स की ओर बढ़ता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कथित हमले के इस वीडियो का एक स्क्रीनशॉट साझा किया था। बाद में शनिवार को चौधरी ने इसी कथित वीडियो को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए हमले की जिम्मेदारी ली और पुरुषों को अपने संगठन का सदस्य बताया।
चौधरी ने लिखा, ‘‘ये हिंदू रक्षा दल के मेरे कार्यकर्ता हैं, यह ऐसा संगठन है जो अपने वादे पूरे करता है।’’ उन्होंने कहा कि संगठन में ‘‘कॉकरोचों’’ की अक्ल ठिकाने लगाने की ताकत है और वह ऐसा करना जारी रखेगा। चौधरी ने एक अन्य पोस्ट में हमलावरों को सनातन धर्म का ‘‘योद्धा’’ बताया और चेतावनी दी कि इसे निशाना बनाने वालों को भी निशाना बनाया जाएगा। चौधरी ने लिखा, ‘‘हमारी राजनीति में कोई रुचि नहीं है, लेकिन अगर कोई सनातन को निशाना बनाएगा, तो हम उसे निशाना बनाएंगे और वहीं पहुंचा देंगे, जहां उसे होना चाहिए।’’ चौधरी ने इस पोस्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तर प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों को भी टैग किया।
चौधरी ने यह चेतावनी भी दी कि हिंदू रक्षा दल उसे चुनौती देने वालों को नहीं बख्शेगा। चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं की रक्षा के लिए तैयार होने की बात कही। चौधरी की ये पोस्ट प्रदर्शन से पहले जारी उस अपील के बाद आईं, जिसमें चौधरी ने समर्थकों से लाठियां लेकर जंतर-मंतर पहुंचने को कहा था।
पुलिस ने रविवार को कहा कि डीडीयू मार्ग पर हुई मारपीट के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उक्त इलाका कमला मार्केट थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, ये गिरफ्तारियां कैमरे में कैद घटनाओं में से एक से संबंधित हैं। वहीं कई अन्य वीडियो में अलग-अलग स्थानों पर बड़े समूह प्रदर्शनकारियों से भिड़ते और उन्हें धमकाते हुए दिखे।
पीटीआई ने शनिवार शाम गिरफ्तार किए गए दो लोगों के इंस्टाग्राम प्रोफाइल की पड़ताल की और वहां भड़काऊ सांप्रदायिक सामग्री वाली पोस्ट पाईं। रविवार सुबह तक दोनों प्रोफाइल हटा दिए गए थे। इन सामग्री में अगस्त में डाला गया एक वीडियो भी शामिल था, जिसमें कथित हमलावरों में से एक के जेल से कथित रिहायी के बाद जश्न मनाते हुए दिखाया गया था।
वीडियो में उसके समर्थक उसे जेल के अंदर और बाहर दोनों जगह ‘‘शेर’’ बताते और दावा करते सुनाई देते हैं कि वह ‘‘जिहादियों’’ के लिए आतंक है। अन्य वीडियो में कुछ लोग खुद को हिंदू रक्षा दल का सदस्य बताते हुए चिकन की दुकानों और मांसाहारी भोजन परोसने वाले रेस्तरां को जबरन बंद कराते दिखे। इन गिरफ्तारियों के बाद हिंदू रक्षा दल और उसके प्रमुख चौधरी पर एक बार फिर ध्यान गया है।
चौधरी के खिलाफ पिछले कई वर्षों में कई आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। जुलाई में जंतर-मंतर पर छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद चौधरी और उसके सहयोगियों ने ऐसे वीडियो जारी किए थे, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर शारीरिक हमला करने की धमकी दी गई थी। चौधरी ने 2013 में इस संगठन की स्थापना की थी।
यह संगठन गौ रक्षा, अंतरधार्मिक संबंधों के विरोध और कथित धार्मिक धर्मांतरण के खिलाफ अभियानों से जुड़ा रहा है। शनिवार के प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों का विरोध कर रहे कुछ पुरुषों ने खुले तौर पर हिंसा का समर्थन भी किया। उत्तर प्रदेश से आने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने हमलों को सही ठहराते हुए कहा कि देश को बांटने की कोशिश करने वालों को पीटा जाना चाहिए।
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