Holi पर Tarun Kumar ही नहीं, कई और हिंदुओं को मारा गया, Delhi, UP, Rajasthan, Gujarat तक कट्टरपंथी हो रहे हावी

इन सभी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा किया है कि हिंदू त्योहारों के समय छोटी छोटी बातों पर विवाद क्यों पैदा किया जाता है? सवाल यह भी है कि एक धर्म विशेष के लोगों द्वारा होली पर रंग आदि की दुकानें तो लगाई जाती हैं लेकिन जब वही रंग उन पर गलती से भी पड़ जाये तो वह बौखला क्यों जाते हैं?
रंग, उमंग और आपसी भाईचारे का प्रतीक होली का त्योहार इस वर्ष भी देश के कई हिस्सों में हिंसक घटनाओं और तनाव की खबरों के कारण चर्चा में रहा। देश ही नहीं विदेश में भी जिस तरह एक धर्म विशेष के लोगों ने होली के रंग में खलल डाला उससे सवाल उठता है कि आखिर हिंदू त्योहारों के दौरान हंगामे की साजिशें क्यों बनाई जाती हैं? कौन हैं वो लोग जिनसे हिंदुओं के उत्सव के रंग और उनकी खुशी देखी नहीं जाती? बात सिर्फ दिल्ली में होली पर हिंदू युवक तरुण की हत्या की नहीं है बात देश के विभिन्न राज्यों में होली के दौरान हिंदुओं पर हुए हमलों की भी है। विश्व हिंदू परिषद ने सही सवाल किया है कि आखिर हिंदू पर्व क्यों निशाने पर हैं? हम आपको बता दें कि इस साल होली पर हिंदुओं पर हमले की 11 घटनाएं तो मीडिया के माध्यम से सामने आई हैं साथ ही ना जाने ऐसी कितनी घटनाएं रही होंगी जोकि अब तक सामने नहीं आई हैं।
इस साल होली पर हिंदुओं पर हमलों की घटनाओं का जिक्र करें तो सबसे चर्चित घटना 5 मार्च को दिल्ली के उत्तम नगर क्षेत्र की हस्तसाल पुनर्वास कालोनी में हुई, जहां 26 वर्षीय युवक तरुण की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। विवाद तब शुरू हुआ जब एक बच्ची द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा सड़क से गुजर रही एक दूसरे धर्म की महिला पर गिर गया। विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोगों ने तरुण पर लोहे की रॉड, ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल तरुण की बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के कुछ दिन बाद दिल्ली नगर निगम ने मुख्य आरोपी के घर के अवैध हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई भी की।
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इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के रायपुर गांव में होली के अवसर पर मंदिर की सफाई कर रहे विहिप के गोरक्षा प्रमुख अनिल कुमार गुप्ता और उनकी माँ बुधनी देवी पर हमला किया गया। हमलावरों ने ईंट पत्थर और रॉड से हमला किया, जिससे दोनों घायल हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी अंगूर अली, हसमत अली, सद्दाम अली और नौशाद अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
इसके अलावा, लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र में भी होली के दिन तनाव की स्थिति पैदा हो गई। ठाकुरगंज के दौलतगंज स्थित प्रभा देवी मंदिर के पास होली के दिन मुस्लिम युवक पर गुलाल पड़ने को लेकर कट्टरपंथियों ने जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हिन्दू पक्ष पर हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को काबू किया और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के तितरौदा गांव में होली खेलने गए 17 वर्षीय अमृत शर्मा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि अमृत अपने भाई और दोस्तों के साथ होली खेलने गया था, जहाँ साजिद की दुकान के पास घात लगाकर बैठे सुहैल, अनस, शौकीन और अन्य मुस्लिम हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। बागपत पुलिस ने सुहैल, अनस, शौकीन, चिंकू और एक अन्य सुहैल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
इसके अलावा, राजस्थान के टोंक जिले के संघपुरा मोहल्ले में होली का उत्सव मना रहे एक परिवार पर पथराव किया गया, जिसमें एक व्यक्ति और उसकी पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि हिंदू पक्ष के लोग होली के उपलक्ष्य में उत्सव मना रहे थे, तभी नमाज़ पढ़कर लौट रहे दूसरे पक्ष के लोगों के साथ पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दूसरे पक्ष की ओर से पत्थरबाजी शुरू कर दी गई, जिससे भगदड़ मच गई। टोंक पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति को संभाला और कई उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के बछरावां थाना क्षेत्र के बछरावां कस्बे में सब्जी मंडी मोहल्ले से रंग खेलते हुए निकल रहे हिंदू पक्ष के लोगों पर कट्टरपंथियों ने छतों से ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दुर्गेश (27) सहित 11 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची बछरावां पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और कई उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इसके अलावा, राजस्थान के बूंदी जिले में होली के जुलूस के दौरान मस्जिद के गेट पर रंग गिरने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी होने लगी। पुलिस ने हस्तक्षेप कर रंग साफ करवाया और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
इसके अलावा, गुजरात में राजकोट के भगवतीपारा क्षेत्र में होलिका दहन के दौरान पूजा कर रहे हिंदू समुदाय के लोगों पर कट्टरपंथियों की भीड़ ने हथियारों और पाइप से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि होलिका दहन और प्रदक्षिणा के समय दो मुस्लिम युवक बाइक से स्टंट कर महिलाओं और बच्चों को डराने लगे। विरोध करने पर वह चले गए, लेकिन थोड़ी देर बाद हथियारबंद भीड़ के साथ लौटकर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी। मौके पर पहुँची पुलिस से भी उपद्रवियों ने बदतमीजी की। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति पर काबू पाया गया और कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के थाना भोट क्षेत्र के गांव बाजिदपुर में 4 मार्च 2026 की शाम होलिका दहन उत्सव के दौरान एक युवक मोहम्मद ज़ैद द्वारा परंपरा के विरुद्ध समय से पहले होलिका में आग लगा देने से गांव में भारी सांप्रदायिक तनाव और हंगामा हो गया। मोहम्मद ज़ैद ने हिंदू रीति-रिवाजों का उल्लंघन करते हुए होलिका दहन से पूर्व ही आग लगा दी, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों की पुलिस प्रशासन से तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति बिगड़ने लगी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में लिया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे एएसपी अनुराग सिंह ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और नई होलिका रखवाने का आदेश दिया।
इसी तरह उत्तर प्रदेश के अमरोहा में नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छेवड़ा में 2 मार्च की रात करीब 11 बजे होली की गश्त कर रहे हेड कांस्टेबल राहुल कुमार पर हर्षोल पुत्र याकूब नामक युवक ने गंडासे से जानलेवा हमला कर दिया। दरअसल, होली पर्व के मद्देनज़र पुलिसकर्मी पैदल गश्त पर थे, तभी सड़क पर हंगामा कर रहे आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपी हर्षोल ने अचानक गंडासे से सिपाही पर वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। घायल सिपाही को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और अमरोहा पुलिस ने आरोपी हर्षोल पुत्र याकूब को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया।
यही नहीं, देश के बाहर भी ऐसी घटना सामने आई। लंदन के हैरो स्थित स्टेशन रोड पर होलिका दहन उत्सव के दौरान कट्टरपंथी युवकों के एक समूह ने हंगामा कर सैकड़ों की भीड़ वाले होली कार्यक्रम में खलल डालते हुए होली मना रहे लोगों पर हमला किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोगों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिख रही है। साथ ही रात करीब 9 बजे कार्यक्रम स्थल पर आग लगने की झूठी सूचना भी फैलाई गई थी। लंदन पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
इन सभी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा किया है कि हिंदू त्योहारों के समय छोटी छोटी बातों पर विवाद क्यों पैदा किया जाता है? सवाल यह भी है कि एक धर्म विशेष के लोगों द्वारा होली पर रंग आदि की दुकानें तो लगाई जाती हैं लेकिन जब वही रंग उन पर गलती से भी पड़ जाये तो वह बौखला क्यों जाते हैं?
जहां तक दिल्ली की घटना की बात है तो आपको यह भी बता दें कि स्थानीय प्रशासन ने आरोपी परिवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके घर के अवैध हिस्से को ढहा दिया। हत्या की घटना के चार दिन बाद रविवार को नगर निगम की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किया गया था ताकि किसी प्रकार का तनाव या विवाद न हो। पुलिस सूत्रों के अनुसार नगर निगम ने तीन मंजिला मकान के उस हिस्से को गिराया जिसे नाले पर अतिक्रमण कर बनाया गया था। अधिकारियों के मुताबिक यह मकान उमरदीन और उसके पुत्र मुजफ्फर का बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान आसपास की कुछ अन्य कथित अवैध संरचनाओं को भी हटाया गया। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को सही ठहराया है।
उधर, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और कानून के अनुसार सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का भी कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की हिंसा या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हम आपको यह भी बता दें कि इस घटना के बाद से इलाके में तनाव लगातार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपियों के परिवारों के साथ साथ आसपास के कुछ अन्य लोग भी एहतियातन अपने घर छोड़कर चले गए हैं।
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