भाजपा यदि अपनी प्रतिबद्धता निभा नहीं सकती तो उसे आत्मावलोकन करने की आवश्यकता: राउत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 24, 2019   14:40
भाजपा यदि अपनी प्रतिबद्धता निभा नहीं सकती तो उसे आत्मावलोकन करने की आवश्यकता: राउत

राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र शिवाजी महाराज की भूमि है और यहां प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण होती है। हमने (भाजपा नेताओं) अटल बिहारी वाजपेयी, प्रमोद महाजन, एल के आडवाणी के साथ काम किया है। उन्होंने हमेशा अपनी प्रतिबद्धता निभाई।’’ शिवसेना का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान ही सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला कर लिया गया था।

मुंबई। शिवसेना नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि भाजपा यदि अपनी प्रतिबद्धता निभा नहीं सकती तो उसे आत्मावलोकन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव से पहले ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ सीटों के बंटवारे का फार्मूला तय कर लिया गया था। यह पूछे जाने पर कि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए क्या शिवसेना भाजपा के साथ गठबंधन करेगी, राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी सोच में हमेशा ‘‘सकारात्मक’’ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे के फार्मूले को लेकर लोकसभा चुनाव से पहले ही निर्णय ले लिया गया था... यदि भाजपा अपनी प्रतिबद्धता और कथनी को पूरा नहीं कर सकती तो उसे आत्मावलोकन करने की आवश्यकता है।’’

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राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र शिवाजी महाराज की भूमि है और यहां प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण होती है। हमने (भाजपा नेताओं) अटल बिहारी वाजपेयी, प्रमोद महाजन, एल के आडवाणी के साथ काम किया है। उन्होंने हमेशा अपनी प्रतिबद्धता निभाई।’’ शिवसेना का कहना है कि लोकसभा चुनाव के दौरान ही सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला कर लिया गया था।  उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल के अनुसार इसका अर्थ यह हुआ कि सीटों का समान वितरण होगा और दोनों पार्टी के उम्मीदवार ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद संभालेंगे।भाजपा और शिवसेना के बीच विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर गहन वार्ता चल रही है और अभी तक इसे लेकर दोनों के बीच सहमति नहीं बनी है।  महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीट हैं जिनमें से 2014 में भाजपा ने 122 और शिवसेना ने 63 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस चुनाव में दोनों अलग-अलग मैदान में उतरे थे।





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