India-Germany संबंधों की नई उड़ान, भारतीय यात्रियों को ट्रांजिट वीज़ा से मिली बड़ी छूट, बढ़ेगा सहयोग।

Germany transit
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Jan 13 2026 10:21PM

भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के तहत भारतीय नागरिकों को अब जर्मनी से ट्रांजिट के लिए वीज़ा की आवश्यकता नहीं होगी, जो यात्रा को आसान बनाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ ही दोनों देशों ने उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और भारतीय छात्रों को जर्मन नौकरी बाजार से जोड़ने पर सहयोग गहरा करने पर सहमति जताई है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को अपने हवाई अड्डों से होकर ट्रांजिट करने पर वीज़ा-मुक्त सुविधा देने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के एयरपोर्ट पर रुकने के लिए अलग से ट्रांजिट वीज़ा लेने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय, खर्च और कागजी औपचारिकताएं कम होंगी।

गौरतलब है कि यह निर्णय भारत-जर्मनी संयुक्त बयान में सामने आया, जो जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की 12–13 जनवरी को हुई भारत यात्रा के बाद जारी किया गया। यह उनकी भारत की पहली और एशिया की भी पहली आधिकारिक यात्रा थी। संयुक्त बयान में साफ कहा गया कि इस कदम से न केवल भारतीय नागरिकों की यात्रा आसान होगी, बल्कि दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्ते और मजबूत होंगे।

दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी का एक अहम आधार लोगों के आपसी संबंध हैं। बता दें कि बातचीत के दौरान छात्रों, शोधकर्ताओं, कुशल पेशेवरों, कलाकारों और पर्यटकों के बढ़ते आदान-प्रदान का भी स्वागत किया गया। साथ ही, जर्मनी की अर्थव्यवस्था, नवाचार और सांस्कृतिक जीवन में भारतीय समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया है।

शिक्षा और कौशल विकास भी इस संवाद का बड़ा हिस्सा रहा। मौजूद जानकारी के अनुसार जर्मनी में भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है और संयुक्त व ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों का विस्तार हो रहा है। भारतीय और जर्मन उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत करने, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा युवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति बनी।

इसके अलावा, भारतीय छात्रों और स्नातकों को जर्मन नौकरी बाजार में बेहतर तरीके से जोड़ने की पहलों का स्वागत किया गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और जर्मन तकनीकी विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत सहयोग को भी आगे बढ़ाने की बात कही गई है। दोनों देशों ने उच्च शिक्षा पर एक व्यापक भारत-जर्मनी रोडमैप बनाने पर सहमति जताई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति के तहत जर्मनी के प्रमुख विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर खोलने का आमंत्रण दिया है, जिससे यह साझेदारी और गहरी होने की उम्मीद जताई जा रही है और भविष्य में इसका सकारात्मक असर दोनों देशों के युवाओं पर दिखेगा।

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