जंतर-मंतर मार्च के दौरान John Brittas समेत कई प्रदर्शनकारी दिल्ली में हिरासत में लिए गए

जंतर-मंतर मार्च के दौरान John Brittas समेत कई प्रदर्शनकारी दिल्ली में हिरासत में लिए गए
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राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने माकपा सांसद जॉन ब्रिटास और कई छात्रों को रोक लिया। प्रदर्शनकारी मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण विवाद पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कनॉट प्लेस से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर कई लोगों को बसों में बैठाकर हिरासत में भेज दिया।

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर रविवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन जारी रहने के बीच यहां कनॉट प्लेस के इनर सर्किल से और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई प्रदर्शनकारियों को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया में सामने आ रहे दृश्यों में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर मार्च करते और ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’’ के नारे लगाते नजर आए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की और विरोध करने पर कई प्रदर्शनकारियों को घसीटकर पुलिस बसों की ओर ले जाते हुए देखा गया।

प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोकने के लिए इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा शनिवार को उनके प्रयासों को विफल किए जाने के बाद कॉजपा ने प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया था और रविवार सुबह 10 बजे प्रदर्शन स्थल पर एक और प्रदर्शन की घोषणा की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में माकपा सांसद जॉन ब्रिटास भी शामिल हैं।

उन्हें शनिवार को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। रविवार को हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाते समय उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और छात्र संगठनों के अन्य सदस्यों को भी राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करते समय हिरासत में लिया गया।

एसएफआई ने एक बयान में कहा कि उसके अखिल भारतीय अध्यक्ष आदर्श एम साजी, दिल्ली राज्य सचिव सूरज एलामोन, केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य अभिजीत मनिलाल और उसके सैकड़ों सदस्यों पर राजीव चौक में हमला किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। एसएफआई ने कहा, ‘‘वीडियो में आप देख सकते हैं कि आदर्श के माथे से खून निकल रहा है। इन घटनाओं को भुलाया नहीं जाएगा।

हम सड़कों पर उतरते रहेंगे। देश के हर कोने में प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।’’ एक वीडियो में साजी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनका अपराध क्या है।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि पुलिस की ‘‘धक्का-मुक्की’’ के कारण कई लोग घायल हुए हैं। उसने कहा कि अब वे ‘‘पूरी राष्ट्रीय राजधानी को जंतर-मंतर में बदल देंगे।’’ ये हिरासतें कॉजपा द्वारा रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान दोहराए जाने के बाद हुईं। इस बीच, पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम यथावत रखे।

शहर भर में 30,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को संगठन के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था।

पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार समेत विपक्ष के कई नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था। कॉजपा और विपक्षी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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