Permanent Lok Adalat के नियमों पर 14 सदस्यों की याचिका, CJI Surya Kant ने NALSA को भेजा मामला

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम इन पाबंदियों पर विचार किए बिना सीधे पेमेंट का आदेश नहीं दे सकते। बेहतर होगा कि संबंधित हाई कोर्ट में अपील की जाए, जो राज्यों से मिलने वाली ग्रांट के आधार पर इस मामले की जांच कर सकते हैं। कोर्ट 14 लोक अदालत सदस्यों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उन्होंने तर्क दिया कि 'परमानेंट लोक अदालत (चेयरमैन और अन्य लोगों की नियुक्ति की शर्तें) नियम, 2003' का नियम 3 भेदभावपूर्ण है, क्योंकि इसमें चेयरमैन और अन्य सदस्यों के लिए अलग-अलग सैलरी स्ट्रक्चर तय किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA) से कहा कि वह स्थायी लोक अदालतों के सदस्यों के लिए बेहतर वेतन की मांग करने वाली याचिका पर विचार करे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनका काम का बोझ और अधिकार क्षेत्र बढ़ गया है। चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने कहा कि इस मामले में न्यायिक निर्देश जारी करने में व्यावहारिक मुश्किलें हैं। कोर्ट ने कहा कि भुगतान में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी को दिए गए फंड के इस्तेमाल से जुड़ी पाबंदियां लागू होंगी। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम इन पाबंदियों पर विचार किए बिना सीधे पेमेंट का आदेश नहीं दे सकते। बेहतर होगा कि संबंधित हाई कोर्ट में अपील की जाए, जो राज्यों से मिलने वाली ग्रांट के आधार पर इस मामले की जांच कर सकते हैं। कोर्ट 14 लोक अदालत सदस्यों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उन्होंने तर्क दिया कि 'परमानेंट लोक अदालत (चेयरमैन और अन्य लोगों की नियुक्ति की शर्तें) नियम, 2003' का नियम 3 भेदभावपूर्ण है, क्योंकि इसमें चेयरमैन और अन्य सदस्यों के लिए अलग-अलग सैलरी स्ट्रक्चर तय किए गए हैं।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुईं सीनियर वकील करुणा नंदी ने कहा कि यह मुद्दा पहले पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के सामने उठाया गया था। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले को संबंधित राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों के पास वापस भेज दिया था। नंदी ने आगे कहा कि इसके बाद प्राधिकरण थोड़ी बढ़ी हुई रकम के साथ वापस आए। एक अलग भूमिका में मुख्य न्यायाधीश से भी सलाह-मशविरा किया गया था। यही दूसरी बाधा है। हाई कोर्ट इस मुद्दे पर स्वतंत्र रूप से विचार नहीं करेगा।
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