Manipur IED हमले का आरोपी S Palal Thadou गिरफ्तार, 10 दिन की NIA कस्टडी में भेजा

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राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हुए आईईडी विस्फोट के मामले में प्रतिबंधित संगठन यूकेएनए के वित्त प्रमुख एस पलाल थाडोउ को गिरफ्तार किया है। इम्फाल की विशेष अदालत ने आरोपी को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी दो नाबालिगों की जान लेने वाले इस धमाके के अलावा राज्य में गोलीबारी की पांच अन्य घटनाओं में भी शामिल रहा है।

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में अप्रैल में एक घर पर हुए आईईडी हमले के सिलसिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार आरोपी प्रतिबंधित संगठन ‘यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी’ (यूकेएनए) का ‘‘वित्त प्रमुख’’ था और गोलीबारी की पांच अन्य घटनाओं में भी शामिल था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एनआईए ने बुधवार को एस. पलाल थाडोउ को गिरफ्तार किया।

मोइरांग कस्बे के त्रोंगलाओबी अवांग लीकाई इलाके में सात अप्रैल को हुए आईईडी हमले के मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। इस विस्फोट में दो नाबालिगों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। थाडोउ को इससे पहले भी अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार हो चुका है।

उसे पहले चुराचांदपुर और बिष्णुपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मणिपुर पुलिस ने एक बयान में कहा कि आरोपी ने जांच के दौरान स्वीकार किया कि वह प्रतिबंधित संगठन यूकेएनए का ‘‘वित्त प्रमुख’’ है। बयान में कहा गया, ‘‘सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान लगातार एवं गहन जांच, खुफिया जानकारी, पूछताछ की तकनीकों तथा डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों से मिले तकनीकी संकेतकों की मदद से आरोपी और यूकेएनए के अन्य सदस्यों द्वारा बनाई गई विध्वंसकारी योजनाओं और उनकी गतिविधियों का पता लगाया।’’ पुलिस ने कहा कि थाडोउ पिछले साल 16 दिसंबर को त्रोंगलाओबी में हुए बम विस्फोट और इस साल तीन एवं चार फरवरी की दरमियानी रात मोलनोम में हुई गोलीबारी की घटना में भी ‘‘शामिल पाया गया।’’ बयान में कहा गया, ‘‘वह मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के चुराचांदपुर दौरे से एक दिन पहले चार जुलाई को कापरांग इलाके में हुई गोलीबारी के साथ-साथ इस साल चार जुलाई और 26 मार्च को हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं में भी शामिल था।’’ एनआईए की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि एजेंसी ने सात अप्रैल के आईईडी हमले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत 23 अप्रैल को मामला फिर से दर्ज किया था।

एजेंसी ने बताया कि एनआईए ने इस घटना के पीछे की व्यापक साजिश का खुलासा करने के प्रयासों के तहत उसे गिरफ्तार किया है और इस मामले में गिरफ्तार किया गया वह पहला आरोपी है। बयान में कहा गया कि आरोपी को इंफाल की विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी ने बताया कि साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ने और हमले के पीछे सक्रिय व्यापक नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

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