निर्मला सीतारमण बोलीं, हम पुलवामा जैसे एक और हमले का नहीं करेंगे इंतजार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Mar 17 2019 10:06AM
निर्मला सीतारमण बोलीं, हम पुलवामा जैसे एक और हमले का नहीं करेंगे इंतजार
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चीन को इस मुद्दे पर दुनिया के अन्य देशों के साथ हाथ मिलना चाहिए। न्यूजीलैंड की मस्जिदों में हुए नरसंहार के बाद चीन को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद विभिन्न देशों में कई तरह के रूप लेता है। चीन को यह मानना होगा कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है।''

नई दिल्ली। मंत्री निर्मला सीतारामण ने आज कहा कि 'भारत पुलवामा जैसे और आतंकी हमले का इंतजार नहीं करेगा।' उन्होंने कहा, 'बालाकोट में आतंकी शिविरों पर हमला प्री-इम्पिटिव था। लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं है कि कोई और आतंकी हमला नहीं होगा।' सीतारामण से यह पूछा गया था कि आतंक के मास्टर माइंड लश्कर चीफ हाफिज सईद और जैश के चीफ मसूद अजहर के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे। रक्षा मंत्री ने कहा 'हम पुलवामा जैसे एक और हमले का इंतजार नहीं करेंगे। बालाकोट में हमला प्री-इम्पिटिव था। हमें यह खुफिया जानकारी मिली थी कि जैश के बालाकोट कैंप में फिदायीन और उनके ट्रेनर इकट्ठा हुए हैं और पुलवामा जैसे और हमले की तैयारी में हैं। लेकिन हम इस बात की गारंटी नहीं दे सकते कि भविष्य में आतंकी हमले नहीं होंगे। यह खुफिया जानकारी थी कि भारत के अंदर आत्मघाती हमले के लिए फिदायीन दस्तों को ट्रेनिंग दी जा रही है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा हमला फिर नहीं हो। अभी मैं इतना ही आपसे कह सकती हूं।"

 


कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल द्वारा बालाकोट हमले में मारे गए आतंकवादियों के शव सबूत के तौर पर मांगे जाने के सवाल पर रक्षा मंत्री ने कहा: 'हमारे लोग वहां युद्ध करने के लिए गए हैं या उनको पिंड प्रदान करने गए हैं। सैनिक जाता है कि मारकर वापस आएं। हमारे सैनिक सेल्फी लेकर वापस नहीं आते।' कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि उनके पास ऐसी तस्वीरें हैं जो यह साबित करती हैं कि एयर स्ट्राइक सफल नहीं रहा, सीतारामन ने कहा: 'क्या वे बालाकोट गए? पाकिस्तान को उन्हें जरूर इजाजत देनी चाहिए।' बालाकोट में मारे गए आतंकियों की संख्या के बारे में तरह-तरह के दावों को लेकर रक्षा मंत्री ने कहा: 'मैं इस पर विशेष रूप से कुछ नहीं कह सकती। पाकिस्तान में सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा होती थी कि कैम्प में फिदायीन ट्रेनिंग दी जा रही है। बोर्ड पर ट्रेनर का नाम लिखा होता था। हम ये नहीं कह सकते कि एयर स्ट्राइक की रात वहां पर कितने आतंकवादी थे। हमारे पास जो खुफिया जानकारी उपलब्ध थी उसमें ट्रेनर्स के नाम थे। सरकार संख्या नहीं दे सकती।'
 
 


यह पूछे जाने पर कि क्या मसूद अजहर दो दिन बाद बालाकोट आने वाला था, और क्या उसके आने तक एयर स्ट्राइक को स्थगित करने का भी एक समय प्रस्ताव था, सीतारामन ने कहा: 'रणनीति तय करते समय कई फैक्टर्स होते हैं।' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा एक रैली में यह आरोप लगाया गया कि जिस दिन पुलवामा में आतंकी हमला हुआ उस दिन जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में एक फोटोशूट में व्यस्त थे, सीतारामन ने कहा: 'प्रधानमंत्री कार्यालय इसपर पहले ही जवाब दे चुका है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूं कि क्या ये सच नहीं है कि 26 नवंबर 2008 की रात जिस वक्त मुंबई में हमला हुआ उस वक्त वो पार्टी मना रहे थे। राहुल गांधी इसका जवाब दें।'
 


 
यह पूछे जाने पर कि क्या हवाई हमलों के बाद देश के मौजूदा मूड से लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मदद मिलेगी, सीतारामन ने कहा: 'फायदा बीजेपी को हो सकता है कि नहीं ये मुझे नहीं मालूम लेकिन जब से मोदी जी के कामों की उपलब्धियां आम जनता तक पहुंच रही है, मैं निश्चित तौर पर कह सकती हूं कि कांग्रेस को सत्ता में आने के लिए अभी अगले पांच साल और इंतजार करना होगा।'रक्षा मंत्री ने यह भी मांग रखी कि कांग्रेस अध्यक्ष देश को बताएं कि हाल में उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों के साथ जी-20 देशों के राजदूतों के साथ दिल्ली में लंच पर क्या चर्चा की थी। चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने की राह में अड़ंगा डाले जाने के सवाल पर सीतारामन ने कहा; आतंकवाद के प्रति चीन का शायद एक अलग दृष्टिकोण है, जबकि अन्य विश्व शक्तियां आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। चीन को इस मुद्दे पर दुनिया के अन्य देशों के साथ हाथ मिलना चाहिए। न्यूजीलैंड की मस्जिदों में हुए नरसंहार के बाद चीन को यह समझना चाहिए कि आतंकवाद विभिन्न देशों में कई तरह के रूप लेता है। चीन को यह मानना होगा कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है।'
 

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