Noida Police ने फर्जी GST अफसर बनकर 29 लाख रुपये वसूलने वाले 5 लोगों को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के बिसरख थाना क्षेत्र में एक जीएसटी सलाहकार का अपहरण कर 29 लाख रुपये ऐंठने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बिसरख पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी रकम समेत 24.50 लाख रुपये नकद और 4.50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि वारदात का मुख्य मुख्य आरोपी पीड़ित का पुराना परिचित था, जिसने नकली वर्दियों का सहारा लेकर इस घटना को अंजाम दिया।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में जीएसटी अधिकारी होने का दावा कर एक जीएसटी सलाहकार से 29 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। मध्य नोएडा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया, ‘‘बिसरख पुलिस ने वसूली गई पूरी रकम बरामद कर ली है, जिसमें 24.50 लाख रुपये नकद तथा 4.50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं।’’ डीसीपी के अनुसार, यह घटना 20 जुलाई की है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सलाहकार अपनी कार में पालतू कुत्ते और लैपटॉप के साथ जा रहा था। उन्होंने बताया, ‘‘आरोपियों ने एस एस्पायर सोसायटी के पास अपनी कार से रास्ता रोककर उसकी गाड़ी को रुकवाया। जीएसटी अधिकारी बनकर वे उसकी कार में घुस गए और दो फर्मों के कथित फर्जी ई-वे बिल के मामले में उसे धमकाते हुए अपने साथ ले गए।’’ पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जीएसटी मामले में जेल भेजने की धमकी देकर 29 लाख रुपये की मांग की।
इसके बाद पीड़ित के भाई के जरिए नकद रकम मंगाई गई। रकम मिलने के बाद आरोपी पीड़ित और उसकी कार को छोड़कर फरार हो गए। जांच में सामने आया कि कथित मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ईशु पीड़ित को पहले से जानता था।
दोनों की वर्ष 2021 से जान-पहचान थी और चौहान को पता था कि पीड़ित जीएसटी संबंधी काम करता है। पुलिस के अनुसार, इसी जानकारी का इस्तेमाल उसे निशाना बनाने के लिए किया गया। पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देते समय आरोपियों ने पुलिस उपनिरीक्षक की वर्दी और दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी का इस्तेमाल किया था।
वारदात में इस्तेमाल दो कार और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, चौहान दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में डीसीपीओ (ड्राइवर-कम-पंप ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है, जबकि आरोपी राजेश पवार दिल्ली सिविल डिफेंस से जुड़ा है। विवेक शर्मा एस्कॉर्ट, मानेसर और बल्लभगढ़ में काम कर चुका है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना में शामिल आरोपियों में से कोई भी पुलिसकर्मी नहीं है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कशिश चौहान, राजेश पवार, विवेक शर्मा, अंकित शाही और अंशुल के रूप में हुई है। डीसीपी ने बताया कि निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें जलपुर रोड स्थित इस्कॉन मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने 29 लाख रुपये की पूरी रकम के अलावा वारदात में इस्तेमाल दोनों कार, पुलिस उपनिरीक्षक और दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दियां तथा सात मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास का सत्यापन कर रही है।
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