Himachal Pradesh में Petrol-Diesel महंगा, सुक्खू सरकार ने लगाया नया 'Widow and Orphan Cess'

राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत 102.45 रुपये से बढ़कर 103.05 रुपये प्रति लीटर हो गई है। धर्मशाला में पेट्रोल की कीमतों में 71 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीज़ल की कीमतों में 69 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर का 'विधवा और अनाथ सेस' (cess) लगाने के बाद ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। इसी तरह, हाई-स्पीड डीजल पर भी 60 पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त सेस लगाया गया है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, यह सेस हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) एक्ट, 2005 की धारा 6-A के तहत लगाया जाएगा। सेस (cess) लगने के बाद, राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत 102.45 रुपये से बढ़कर 103.05 रुपये प्रति लीटर हो गई है। धर्मशाला में पेट्रोल की कीमतों में 71 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीज़ल की कीमतों में 69 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
यह फ्यूल सेस, हिमाचल प्रदेश विधानसभा द्वारा इस साल के बजट सत्र में पारित 'हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) बिल, 2026' के तहत लागू किया गया है। इस बिल ने राज्य सरकार को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीज़ल पर 5 रुपये प्रति लीटर तक का 'विधवा और अनाथ सेस' लगाने का अधिकार दिया था। उस समय सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा था, "इस सेस की अधिकतम सीमा 5 रुपये है; अब हम 10 पैसे लगाएं या 2 रुपये, यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है।
इसे भी पढ़ें: Himachal में Monsoon का कहर: 157 जानें गईं, 886 करोड़ का नुकसान; जानमाल पर भारी संकट
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर राजनीतिक घमासान
न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने सरकार के फ़ैसले का बचाव करते हुए कहा, "हिमाचल प्रदेश एक आपदा से गुज़रा है; प्रधानमंत्री ने वहाँ का दौरा किया और वादे भी किए। लेकिन केंद्र से जो मदद मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। सरकार के पास रेवेन्यू के सीमित स्रोत और बहुत कम विकल्प हैं। जो टैक्स लगाए जा रहे हैं, वे कल्याणकारी कामों के लिए हैं, न कि ऐशो-आराम या दूसरी गैर-ज़रूरी चीज़ों के लिए।
अन्य न्यूज़













