भरूच में दृष्टिविहीन लाभार्थी से बात करते हुए भावुक हो गए PM मोदी, जानिए उनके संबोधन की बड़ी बातें

भरूच में दृष्टिविहीन लाभार्थी से बात करते हुए भावुक हो गए PM मोदी, जानिए उनके संबोधन की बड़ी बातें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये उत्कर्ष समारोह इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार ईमानदारी से, एक संकल्प लेकर लाभार्थी तक पहुंचती है, तो कितने सार्थक परिणाम मिलते हैं। मैं भरूच जिला प्रशासन को, गुजरात सरकार को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 4 योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए बधाई देता हूं।

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भरूच में 'उत्कर्ष समारोह' को संबोधित किया। इस समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई नेतागण उपस्थित रहे। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी एक दृष्टिविहीन लाभार्थी से बात करते हुए भावुक हो गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये उत्कर्ष समारोह इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार ईमानदारी से, एक संकल्प लेकर लाभार्थी तक पहुंचती है, तो कितने सार्थक परिणाम मिलते हैं। मैं भरूच जिला प्रशासन को, गुजरात सरकार को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 4 योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए बधाई देता हूं। 

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उन्होंने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में अनेक लोग योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। कभी-कभी योजनाओं कागज पर रह जाती हैं। लेकिन जब इरादा साफ हो, नीति साफ हो, नेकी से काम करने का इरादा हो, सबका साथ-सबका विकास की भावना हो, तो इससे नतीजे भी मिलते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली से देश की सेवा करते हुए मुझे 8 साल पूरे हो रहे हैं। ये 8 वर्ष सेवा सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे। आज जो कुछ भी मैं कर पा रहा हूं, वो मैंने आपके बीच ही सीखा है।

उन्होंने कहा कि 2014 में जब आपने हमें सेवा का मौका दिया था तो देश की करीब-करीब आधी आबादी शौचालय की सुविधा से, टीकाकरण की सुविधा से, बिजली कनेक्शन की सुविधा से, बैंक अकाउंट की सुविधा से वंचित थी। सभी के प्रयासों से अनेक योजनाओं को शत प्रतिशत सैचुरेशन के करीब ला पाए हैं। 

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इसी बीच उन्होंने कहा कि देश ने संकल्प लिया है शत प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचने का। जब शत प्रतिशत पहुंचते हैं तब सबसे पहला मनोवैज्ञानिक परिवर्तन आता है वो बहुत महत्वपूर्ण है। उसमें देश का नागरिक याचक की अवस्था से बाहर निकल जाता है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैंने पहले भी कहा कि ऐसे काम कठिन होते हैं, राजनेता भी उन पर हाथ लगाने से डरते हैं। लेकिन मैं राजनीति करने के लिए नहीं, देशवासियों की सेवा करने के लिए आया हूं। देश ने संकल्प लिया है, शत-प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचने का।





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