राहुल गांधी ने केरल में फूंका चुनावी बिगुल, भाजपा और वाम सरकार को आड़े हाथों लिया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 24, 2021   09:30
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राहुल गांधी ने केरल में फूंका चुनावी बिगुल, भाजपा और वाम सरकार को आड़े हाथों लिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कम कीमत होने के बावजूद ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि दोनों सरकारें देश में अमीरों को पैसे दे रही हैं।

तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस ने मंगलवार को केरल विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया। पार्टी ने एक रैली का आयोजन किया जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल की सत्तारूढ़ एलडीएफ और केंद्र की भाजपा सरकार पर विवादित कृषि कानूनों और तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर निशाना साधा। वायनाड से सांसद गांधी ने यह भी सवाल किया कि माकपा नीत सरकार पर भाजपा हमला क्यों नहीं कर रही है और ‘‘मुख्यमंत्री कार्यालय के खिलाफ मामलों पर नरम क्यों हो रही है?’’ गांधी ने यह भी कहा कि उत्तर भारत में उन्हें ‘‘अलग तरह की राजनीति’’ की आदत हो गई थी और केरल आना उनके लिए नये तरह का अनुभव है क्योंकि यहां के लोग ‘मुद्दों’ में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। कांग्रेस नेता ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कम कीमत होने के बावजूद ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि दोनों सरकारें देश में अमीरों को पैसे दे रही हैं। 

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गांधी ने राज्य सचिवालय के सामने पीएससी रैंक धारकों के एक वर्ग द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर वाम सरकार और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर निशाना साधा और दावा किया कि केरल में नौकरियां केवल माकपा कार्यकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं। गांधी ने आरोप लगाया कि पहले दो कानून देश के कृषि क्षेत्र को नष्ट करते हैं, वहीं तीसरा किसानों को न्याय से वंचित करता है। वह यहां विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला के नेतृत्व में 22 दिवसीय ऐश्वर्या यात्रा के समापन पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पहला कानून किसानों के बाजार को नष्ट करता है। दूसरा सबसे अमीर को जितना मर्जी उतना अनाज खरीदने और असीमित जमाखोरी करने की अनुमति देना है। ये दो कानून उन्हें अनाज और सब्जियों की कीमत को नियंत्रित करने की अनुमति देते हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उनका (सरकार) केवल एक ही उद्देश्य है, किसान को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिले, मध्यम वर्ग, किसान, श्रमिकों, सभी को अधिक भुगतान करना पड़े।’’ गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘इसलिए लाखों किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने क्या कहा? कि वे आतंकवादी हैं।’’ कांग्रेस नेता ने ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत कम है लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ रही हैं। आपकी जेब से हर दिन हजारों करोड़ रुपये लिए जा रहे हैं। यह पैसा कहां जा रहा है? यह पैसा किसको दिया जा रहा है?’’ गांधी ने कहा, ‘‘यह इस देश के सबसे अमीर लोगों को दिया जा रहा है।’’ 

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वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘हर दिन, जब आप अपने वाहन में यात्रा करते हैं, तो यह याद रखें कि केंद्र और राज्य दोनों ही आपसे पैसे लेकर इस देश के सबसे अमीर लोगों को दे रहे हैं। यह वह राजनीति है जिसे हम बदलने की कोशिश कर रहे हैं। हम गरीबों के लिए काम करना चाहते हैं।’’ गांधी ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि वह माकपा नीत सरकार पर हमला क्यों नहीं कर रही है और ‘‘मुख्यमंत्री कार्यालय के खिलाफ मामलों पर नरम क्यों हो रही है?’’ गांधी ने कहा, ‘‘मैं हर रोज भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से लड़ता हूं। भाजपा मेरे हर कदम पर हमला करती है। अभी, वे इस भाषण को देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि वे मुझ पर कैसे हमला कर सकते हैं। मुझे समझ में नहीं आता, वे मुख्यमंत्री कार्यालय के खिलाफ मामलों पर नरम क्यों हैं? इसमें इतना समय क्यों लग रहा है।’’

गांधी ने कहा, ‘‘सीबीआई और ईडी सरकार पर हमले क्यों नहीं कर रही हैं। मैं भ्रमित हूं। मैं जानता हूं कि जब आप भाजपा से लड़ते हैं, तो वे 24 घंटे आप पर हमला करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदर्शनकारियों के साथ उन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं जो नौकरियों की मांग को लेकर ‘‘भूख हड़ताल’’ पर हैं, लेकिन अगर वे वामपंथी दलों से होते तो बातचीत करते। उन्होंने कहा, ‘‘वाम मोर्चे ने कहा कि वे केरल को परिपूर्ण बनाएंगे। प्रश्न है किसके लिए? केरल के लोगों के लिए या माकपा पार्टी के लिए ? यदि आप उनके लोगों में से एक हैं, तो आपके लिए हर एक नौकरी उपलब्ध है। यदि आप उनका झंडा उठाते हैं। ’’ बाद में वह राज्य सचिवालय के सामने प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे और उनकी शिकायतें सुनी। 

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गांधी ने कहा, ‘‘यदि आप एक युवा केरलवासी हैं, तो आपको नौकरी के लिए संघर्ष करना होगा।’’ गांधी ने कहा, ‘‘भाई-भतीजावाद से लड़ने का एक ही तरीका है। हड़ताल। लेकिन मुख्यमंत्री आपसे बात नहीं करने जा रहे हैं। क्यों? क्योंकि आप वाम मोर्चे से नहीं हैं। मैं आपको गारंटी देता हूं अगर वे वाम दल का हिस्सा होते तो मुख्यमंत्री ने उनसे बात की होती। हर एक नौकरी उन्हें दी जाती।’’ वहीं उन्होंने यह भी कहा, ‘‘पहले 15 साल मैं उत्तर भारत से सांसद रहा। इसलिए मुझे अलग तरह की राजनीति की आदत हो गई थी। मेरे लिए केरल आना नया अनुभव था। क्योंकि अचानक मैंने देखा कि लोग मुद्दों में दिलचस्पी रखते हैं, सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि गहनता से उस पर विचार करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में मैं अमेरिका में कुछ छात्रों से बातचीत कर रहा था और मैंने उन्हें बताया कि मुझे केरल जाना, वायनाड जाना बहुत पसंद है। यह सिर्फ लगाव नहीं है। निश्चित तौर पर लगाव तो है ही, लेकिन आप जिस तरह से राजनीति करते हैं (उसके कारण)।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर मैं कहूं तो, आप जिस बुद्धिमानी के साथ राजनीति करते हैं। मेरे लिए यह सीखने वाला अनुभव और मजेदार है।’’ उनकी पार्टी की विधानसभा अभियान की योजनाओं में बताते हुए गांधी ने कहा कि कांग्रेस लोगों का घोषणापत्र तैयार कर रही थी और पार्टी के नेता हजारों लोगों से मिल रहे हैं और उनसे पूछ रहे हैं कि वे क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे घोषणापत्र में नकद रहित उपचार शामिल होगा। सभी के लिए बीमा होगा और ऐसा कुछ नहीं होगा जो मछुआरों की आजीविका को नष्ट कर दे। किसानों की जिंदगी तबाह करने के लिए कुछ नहीं होगा जैसा प्रधानमंत्री मोदी ने किया।





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असम में महिला मतदाताओं को लुभाने में लगी पार्टियां, 223 उम्मीदवारों में सिर्फ 19 महिलाओं को टिकट

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   20:21
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असम में महिला मतदाताओं को लुभाने में लगी पार्टियां, 223 उम्मीदवारों में सिर्फ 19 महिलाओं को टिकट

राज्य विधानसभा चुनाव के तहत 27 मार्च को होने वाले प्रथम चरण के मतदान के लिए कांग्रेस ने 43 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है, जिनमें छह महिलाओं को टिकट दिया गया है।

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियां महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए कई सारे वादे कर रही हैं, लेकिन अब तक घोषणा किये गये कुल 223 उम्मीदवारों में सिर्फ 19 महिलाओं के ही नाम शामिल हैं। हालांकि, कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी49.35 प्रतिशत है। ज्यादातर पार्टियों ने 126 सदस्यीय राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, लेकिन कुल 223 नामों में महिलाएं महज 8.52 प्रतिशत ही हैं। राज्य विधानसभा चुनाव के तहत 27 मार्च को होने वाले प्रथम चरण के मतदान के लिए कांग्रेस ने 43 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है, जिनमें छह महिलाओं को टिकट दिया गया है। 

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वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रथम दो चरण के मतदान के लिए 70 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जिनमें मात्र चार महिलाओं को टिकट दिया गया है। वहीं, इसके गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद (अगप) ने आठ उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है, जिसमें सिर्फ एक महिला को टिकट दिया गया है। विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा एआईयूडीएफ ने अब तक अपने 16 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिनमें सिर्फ एक महिला का नाम शामिल है। नवगठित क्षेत्रीय दल असम जातीय परिषद ने 67 उम्मीदवारों की सूची में छह महिलाओं को शामिल किया है। 

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वहीं, इसके सहयोगी राइजोर दल ने 19 उम्मीदवारों में से सिर्फ एक महिला को प्रत्याशी बनाया है। राज्य में कुल 2,31,86,362 मतदाता हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या 1,14,43,259है जबकि 2016 में यह संख्या 95,94,209 थी। गौरतलब है कि 2016 के विधानसभा चुनाव में विभिन्न दलों ने कुल 91 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया था, जो 1957 से सर्वाधिक संख्या थी। हालांकि कुल 1,064 उम्मीदवारों में महिलाओं का प्रतिशत महज 8.5 था। वहीं, सिर्फ आठ महिलाएं ही विधानसभा पहुंच पाई थीं। राज्य में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इसके तहत 27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को मतदान होगा।





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लॉकेट चटर्जी ने ममता पर साधा निशाना, कहा- TMC ने महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सही आंकड़े नहीं दिए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   20:15
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लॉकेट चटर्जी ने ममता पर साधा निशाना, कहा- TMC ने महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सही आंकड़े नहीं दिए

भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा कि यदि रिकॉर्ड देखा जाए तो बलात्कार, छेड़खानी और तेजाब हमले की घटनाओं में ‘‘पिछले 10 वर्षों में थोड़ी भी कमी नहीं आयी है।’’

कोलकाता। भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उनकी पार्टी के ‘बंगाल को उसकी अपनी बेटी चाहिए’ अभियान को लेकर सोमवार को निशाना साधा और कहा कि अपराध के आंकड़ों में हेरफेर करने वाली सत्तारूढ़ पार्टी को ‘‘अचानक बेटी के विषय का ध्यान आया है।’’ चटर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यदि रिकॉर्ड देखा जाए तो बलात्कार, छेड़खानी और तेजाब हमले की घटनाओं में ‘‘पिछले 10 वर्षों में थोड़ी भी कमी नहीं आयी है।’’ चटर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर एनसीआरबी को अपेक्षित आंकड़े उपलब्ध नहीं कराये। उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि एजेंसी बंगाल पर एक व्यापक रिपोर्ट प्रकाशित नहीं कर सकी।’’ 

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भाजपा की वरिष्ठ नेता ने दावा किया, ‘‘उत्तर बंगाल में तस्करी के मामलों से लेकर राज्य में कई हत्याओं तक, कुछ ही घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई।’’ ‘‘भाजपा शासित राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में महिलाओं की दुर्दशा के तृणमूल कांग्रेस द्वारा बार-बार लगाये जाने वाले आरोप के बारे में पूछे जाने पर लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री को पहले यह बताना चाहिए कि कामदुनी में लड़की से गैंगरेप और हत्या के पीछे जो लोग थे, उन्हें अभी तक सजा क्यों नहीं दी गई?’’ साल 2013 में कोलकाता से लगभग 20 किलोमीटर दूर उत्तर 24 परगना जिले के कामदुनी गांव में 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा का अपहरण करने के बाद उससे सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। 

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ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर बनर्जी के विरोध प्रदर्शन पर चटर्जी ने कहा, ‘‘अगर वह इतना चिंतित हैं, तो उन्हें अपनी सरकार द्वारा पेट्रोल के प्रत्येक लीटर पर लगाए जाने वाले 37 रुपये के उपकर को माफ कर देना चाहिए। प्रतीकात्मक रूप से सिर्फ एक रुपया क्यों कम किया गया? केंद्र लोगों के कष्टों से अवगत है और उनकी बेहतर सेवा करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा है।’’ कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र में मोदी की तस्वीर को शामिल किए जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री की आलोचना किये जाने पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह दुखद है कि दीदी (ममता बनर्जी) ने टीकाकरण अभियान का राजनीतिकरण करने से परहेज नहीं किया। वह हमेशा लोगों के हितों पर राजनीति को प्राथमिकता देती हैं।





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सर्बानंद सोनोवाल का दावा, भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को लोग असम में लाना चाहते हैं वापस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   19:56
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सर्बानंद सोनोवाल का दावा, भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को लोग असम में लाना चाहते हैं वापस

मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश में किये गये विकास कार्यों के दम पर असम को देश के सबसे अच्छे राज्यों में से एक बनाने के लिए लोगों से एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार को मौका देने की मांग कर रही है।

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को दावा किया प्रदेश के 126 विधानसभा सीटों वाली विधानसभा में 100 से अधिक सीटों के साथ प्रदेश की जनता भाजपा की अगुवाई वाली सरकार को फिर से सत्ता में लाने के लिये ‘‘उत्सुकता से प्रतीक्षा’’ कर रही है। सोनोवाल ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश में किये गये विकास कार्यों के दम पर असम को देश के सबसे अच्छे राज्यों में से एक बनाने के लिए लोगों से एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार को मौका देने की मांग कर रही है। 

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मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘असम की जनता के पास बेहतर काम करने वाली सरकार है...... हमारी सरकार के विकास कार्यों सेवे बेहद प्रसन्न हैं.. उन्हें इस बात की जानकारी है कि केवल भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार ही विकास, शांति और सुरक्षा दे सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार के दौरान पिछले पांच सालों में इन प्रतिबद्धताओं को पूरा किया गया है। यही कारण है कि यहां के लोग बेसब्री से मतदान के दिन का इंतजार कर रहे हैं।’’ 

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सोनोवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने भ्रष्टाचारमुक्त, प्रदूषणमुक्त, आतंकवादमुक्त औरऔर विकसित असम का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी मोर्चों में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के ‘‘ईमानदार प्रयासों’’ के कारण लोगों को वादा पूर्ति का आश्वासन मिला है। प्रदेश के126 सदस्यीय विधानसभा सीटों के लियेतीन चरणों में चुनाव होना है। पहले चरण में 47 सीटों के लिये 27 मार्च को मतदान होगा। दूसरे और चीसरे चरण का मतदान एक और छह अप्रैल को होगा।





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