राज्यसभा में Ram Mandir चढ़ावे की कथित चोरी पर हंगामा, कार्यवाही स्थगित

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी गई। कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस के बाद सभापति ने यह कदम उठाया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक मंगलवार को दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकदी और कीमती सामान की कथित चोरी का मुद्दा उठाया, जिसका सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बाद सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल शुरू करने का ऐलान किया। इसी दौरान विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करने लगे। कुछ सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने देने की मांग की।
सभापति ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति देंगे लेकिन इससे पहले विपक्षी सदस्य शांत रहें। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने के लिए कहा। खरगे ने सरकार द्वारा राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए गठित ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर चढ़ावे की कथित चोरी का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य जांच एजेंसियां श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (एसआरजेबीटीके) के सदस्यों पर लगे कथित चोरी के आरोपों की जांच क्यों नहीं कर रही हैं?
खरगे ने कहा कि इस ट्रस्ट का गठन सरकार ने किया था और इसे 70 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। वह अपनी बात पूरी कर पाते, उससे पहले सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को बोलने की अनुमति दे दी। रीजीजू ने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे को बार-बार उठाने की कोशिश कर रहा है, उसे सदन में उठाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सदन के बाहर भी ‘‘नाटक’’ कर रही हैं। इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्य तिरुचि शिवा ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन सभापति ने कहा कि यह राज्य का विषय है और इसे संसद में नहीं उठाया जा सकता। खरगे ने एक बार फिर चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों की जांच और इस पर सरकार की प्रतिक्रिया की मांग करते हुए कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है।
रीजीजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा ‘‘भगवान राम का अपमान किया’’ और ‘‘राम मंदिर निर्माण का विरोध किया’’। उन्होंने कहा कि अब ये दल ‘‘चंदा चोरी’’ के मुद्दे पर नाटक कर रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को ‘‘भगवान राम का विरोधी’’ बताते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के विरोध में काली पट्टी बांधने वाले सांसदों को पहले माफी मांगनी चाहिए।
रीजीजू के इस बयान का विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध किया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आसन के सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक तथा नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
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