Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावे की चोरी 105 तक पहुंची, Akhilesh Yadav ने BJP को घेरा

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटनाएं बढ़कर 105 हो गई हैं और इसमें बीजेपी शामिल है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी सुप्रीम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि शुरुआती जांच में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटनाएं बढ़कर 105 हो गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक न्यूज़ रिपोर्ट की हेडलाइन का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए इस गड़बड़ी में बीजेपी के शामिल होने का आरोप लगाया। यादव ने 'X' पर कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की शुरुआती सतही जांच में भी यह आंकड़ा 70 से बढ़कर 105 हो गया है। उन्होंने इस घटना को "बेहद निंदनीय" बताया और कहा कि चोरी की घटनाएं CCTV कैमरों में कैद हुई हैं।
इसे भी पढ़ें: UPA राज में मिले सिर्फ ₹372 करोड़, Kerala रेल बजट पर बोले Rajeev Chandrasekhar
SP प्रमुख का यह आरोप उस घटना के एक दिन बाद आया है जब चंदे में कथित हेराफेरी की जांच कर रही कोर्ट की बनाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह 25 सितंबर या उससे पहले अपनी पहली चार्जशीट दाखिल करेगी। यादव ने हिंदी में किए गए अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि यह चोरी सरकारी देखरेख में धार्मिक फंड की हेराफेरी के बराबर है और दावा किया कि अयोध्या में हर जगह BJP नेताओं और उनके साथियों की इसमें मिलीभगत की चर्चा हो रही है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि धार्मिक कार्यों के लिए चंदा देने वाले भक्तों के साथ धोखा हुआ है और कहा कि इस मुद्दे ने सनातन धर्म को मानने वालों को गहरी चोट पहुंचाई है। यादव ने BJP पर जनता का भरोसा खोने का भी आरोप लगाया और कहा कि इस कथित घटना से उत्तर प्रदेश, देश और विदेश में पार्टी की बदनामी हुई है। SP प्रमुख ने BJP के खिलाफ राजनीतिक आह्वान करते हुए कहा कि अगला चुनाव "धर्म को बचाने की लड़ाई" से कम नहीं होगा और यह नारा दिया कि अब BJP के खिलाफ धर्म युद्ध होगा। 403 सदस्यों वाली UP विधानसभा के चुनाव 2027 में होने हैं।
इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चढ़ावा चोरी केस: Akhilesh Yadav बोले- BJP के खिलाफ धर्म बचाने की जंग होगा चुनाव
जून के पहले हफ़्ते में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी का मामला सामने आया। इसके बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई और उसे शुरुआती तौर पर जांच के लिए 15 दिन का समय दिया। 23 जून को SIT की शुरुआती रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, 25 जून को FIR दर्ज की गई और आठ आरोपियों - अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव - को गिरफ़्तार किया गया।
अन्य न्यूज़













