कोरोना को लेकर सही जानकारी शेयर करना अपराध नहीं, जानें डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का सरल भाषा में पूरा निचोड़

  •  अभिनय आकाश
  •  अप्रैल 2, 2020   10:08
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कोरोना को लेकर सही जानकारी शेयर करना अपराध नहीं, जानें डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का सरल भाषा में पूरा निचोड़
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पिछले कुछ दिनों से एक मैसेज या कहे सर्कुलर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें कहा गया है कि आज की आधी रात के बाद से देशभर में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू हो रहा है, इसके बाद कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की जानकारी शेयर करना अपराध होगा।

दुनियाभर में कोरोना वायरस ट्रेंडिंग टॉपिक है। यहां तक कि इन दिनों गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला शब्द भी कोरोना वायरस ही है। ऐसे में तुर्कमेनिस्तान ने कथिततौर पर ‘कोरोना वायरस’ शब्द पर बैन लगा दिया है। सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों में भी इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। बताते हैं कि ‘कोरोना वायरस’ शब्द की जगह ‘बीमारी’ या ‘सांस की बीमारी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आप कह रहे होंगे विदेशी बात है हमे इससे क्या। लाकडाउन चल रहा है और ऐसे में घर से बाहर निकल नहीं सकते तो टीवी पर रामायण देख लेते है या थोड़ा मोबाइल चला लेते हैं, सोशल मीडिया को स्काल कर लेते हैं।  तो ये खबर, वायरल खबर आपने भी जरूरी सुनी या पढ़ी होगी।

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दरअसल, पिछले कुछ दिनों से एक मैसेज या कहे सर्कुलर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें कहा गया है कि आज की आधी रात के बाद से देशभर में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू हो रहा है, इसके बाद कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की जानकारी शेयर करना अपराध होगा। इसके अलावा फेसबुक पर इस मैसेज के साथ में एक पुलिस अधिकारी का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अधिकारी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि, 'कोई किसी भी तरह का आपत्तिजनक पोस्ट करता है तो उसके ग्रुप एडमिन को आवश्यक रूप से आरोपी बनाया जाएगा। ग्रुप एडमिन यह सुनिश्चित कर लें कि कम से कम उनके जो मेंबर हैं, उन पर उनका नियंत्रण होना चाहिए। वरना ऐसे मेम्बर्स को तुरंत बाहर कर दें। 

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अब आपको इसकी हकीकत से रूबरू करवाते हैं। ये तमाम दावे पूरी तरह से निराधार है, अर्धसत्य हैं और तथ्यात्मक रूप से गलत भी हैं। दरअसल, कोरोना नहीं, बल्कि किसी भी तरह की भ्रामक गौर किजिएगा भ्रामक या गलत जानकारी वायरल कर यदि भय का माहौल बनाया जाता है या आपसी सौहार्द बिगाड़ा जाता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। इसका ये कतई मतलब नहीं है कि आप कोई भी खबर या कोरोना से जुड़ी तथ्यात्मक रूप से सही चीजें पोस्ट करें और पुलिस तुरंत आएगी और आपको अपने साथ ले जाएगी। पत्र सूचना कार्यालय यानी पीआईबी ने भी स्पष्ट किया है कि कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी पोस्ट को शेयर करना दंडनीय अपराध नहीं है। कोरोना वायरस पर आधिकारिक और सटीक जानकारी को ही साझा करके आप अपनी और अपने परिजनों की सुरक्षा कर सकते हैं।

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अब आपको थोड़ा उस एक्ट के बारे में भी बताते हैं जिसके नाम पर अफवाहें फैलाने और लोगों को डराने का काम किया जा रहा है। आखिर क्या है डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट? इसके अंतर्गत क्या-क्या नियम हैं और क्या-क्या सजाओं का प्रवाधान इसके उल्लंघन पर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) रात 12 बजे से अगले 21 दिनों के लिए तीन सप्ताह के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी जिसके बाद ही गृह मंत्रालय (एमएचए) ने उसी दिन से आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 को लागू किया।

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आपदा प्रबंधन अधिनियम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के लिए सहायता प्रदान करता है और इस अधिनियम की धारा-6 प्राधिकरण की शक्तियों से संबंधित है- जिसके अंतर्गत प्राधिकरण ने राज्य सरकारों औऱ केंद्र सरकारों को ये निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत इस अधिनियम की धारा 51 से 60 तो पूरे देश में लागू किया जाता है।

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क्या है इसका मकसद

आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 का मकसद आपदाओं का प्रबंधन करना है, जिसमें रणनीति, क्षमता निर्माण, शमन और अन्य चीजें शामिल हैं। आमतौर पर एक आपदा जैसी कि चक्रवात या भूकंप से समझा जा सकता है। इस अधिनियम की धारा 2 (डी) में आपदा की परिभाषा में कहा गया है कि आपदा का अर्थ है किसी भी क्षेत्र में प्राकृतिक या मानव कारणों से या उपेक्षा से उत्पन्न कोई महा विपत्ति या महा बिमारी।

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वर्तमान में महामारी के प्रकोप को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने कोविड-19 को गंभीर चिकिकत्सा स्थिति या महामारी की स्थिति के रूप में अधिसूचित आपदा के रूप में शामिल किया है। 

अब आते हैं असल मुद्दे पर यानी कि इस अधनियम के प्रावधानों की बात करते हैं जिन्हें मौजूदा समय में देश भर में लागू किया गया है।

धारा 51

यदि कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को उनके कर्तव्यों को पूरा करने से रोकता या बाधा डालता है, या केंद्र/राज्य सरकारों या एनडीएमए द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करने से इनकार करता है तो वह व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत दंडित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, इस धारा के अंतर्गत, दिशानिर्देशों का कोई भी उल्लंघन, जिसमें पूजा स्थल पर जाना, सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करना आदि शामिल हैं, सभी को इस धारा के तहत अपराध माना जाएगा।

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धारा 52

धारा के अंतर्गत, वह मामले आयेंगे जहाँ यह आरोप लगाया जाए कि अभियुक्त ने कुछ ऐसा लाभ (राहत, सहायता, मरम्मत, निर्माण या अन्य फायदे) का दावा किया जो कि मिथ्या या केवल भ्रम फैलाने वाला हो पर इस धारा के तहत कार्यवाई की जा सकती है। 

धारा 53 राहत कार्यों के पैसों का दुरूपयोग और धारा 54 मिथ्या चेतावनी या घबराहट फैलानी कोशिश जैसे कृत्यों पर दंड को परिभाषित करता है।

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धारा 55, सरकार के विभागों द्वारा अपराध से सम्बंधित है। हमें कुछ अधिकार दिए गए हैं तो हरेक अधिकार अपने साथ कुछ जिम्मेदारियां भी लेकर आता है। धारा 56 इसको ही परिभाषित करती है। यदि एक सरकारी अधिकारी, जिसे लॉकडाउन से संबंधित कुछ कर्तव्यों को करने का निर्देश दिया गया है, और वह उन्हें करने से मना कर देता है, या बिना अनुमति के अपने कर्तव्यों को पूरा करने से पीछे हट जाता है तो वह इस धारा के अंतर्गत दोषी ठहराया जा सकता है।

धारा 57 अध्यपेक्षा के आदेश पर उल्लंघन और अधिनियम की धारा 58, कंपनियों द्वारा अपराध से सम्बंधित है। इसके अलावा धारा 59 अभियोजन के लिए पूर्व मंजूरी (धारा 55 और धारा 56 के मामलों में) से सम्बंधित है, वहीं धारा 60 न्यायालयों द्वारा अपराधों के संज्ञान से संबंधित है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


भारत को भरोसेमंद और उभरते भागीदार के रूप में देखती है दुनिया: PM मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 4, 2020   23:21
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भारत को भरोसेमंद और उभरते भागीदार के रूप में देखती है दुनिया:  PM मोदी
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प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ और इस निवेश का ज्यादातर हिस्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आया है।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ। उन्होंने जोर दिया कि दुनिया भारत को एक भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के रूप में देखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आईआईटी 2020 ग्लोबल समिट’ को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘सुधार करने, कार्य करने और बदलाव करने’’ के सिद्धांत को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, कोई भी क्षेत्र सुधारों से वंचित नहीं रहा है। कृषि, परमाणु ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, वित्त, बैंकिंग, कराधान और यह सूची जारी है। 44 केंद्रीय कानूनों को सिर्फ चार संहिताओं में समाहित करते हुए हम श्रम क्षेत्र में व्यापक सुधार लाए हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत में रिकॉर्ड निवेश हुआ और इस निवेश का ज्यादातर हिस्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आया है। उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट तौर पर दुनिया हमें भरोसेमंद और उभरते हुए भागीदार के तौर पर देख रही है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बदलावों का गवाह बन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन चीजों के बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था, वे काम अब तेजी से पूरे हो रहे हैं।





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धान बेचकर राजस्थान से लौट रहे श्योपुर जिले के पांच किसानों की सड़क हादसे में मौत

  •  दिनेश शुक्ल
  •  दिसंबर 4, 2020   23:02
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धान बेचकर राजस्थान से लौट रहे श्योपुर जिले के पांच किसानों की सड़क हादसे में मौत
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सड़क हादसों में लोगों की जान जाने का सिलसिला विगत दिनों से श्योपुर जिले में बरकरार बना हुआ है। अभी गत दिवस आवदाडेम के पास हुए सड़क हादसे में जहां पति-पत्नी की मौत के साथ ही 11 लोग घायल हो गए।

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के निवासियों की  गुरूवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात कोटा से धान बेचकर लौट रहे पांच किसानों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक कोटा जिले के दीगोद थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले उम्मेदपुरा के पास बोलेरो एक वाहन को बचाने के दौरान अनियंत्रित होकर नहर के ड्रेन में जा गिरी, रफ्तार अधिक होने के कारण बोलेरो में सवार पांच किसानों की मौत हो गई, वहीं तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सड़क हादसों में लोगों की जान जाने का सिलसिला विगत दिनों से श्योपुर जिले में बरकरार बना हुआ है। अभी गत दिवस आवदाडेम के पास हुए सड़क हादसे में जहां पति-पत्नी की मौत के साथ ही 11 लोग घायल हो गए।

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वही बुलेरो पलटने की खबर दीगोद थाना पुलिस की लगी तो वे मौके पर पहुंचे, जांच के बाद पाया गया कि मृतकों में से चार लोग जैनी एवं एक व्यक्ति ज्वालापुर गांव का निवासी है। वहीं इस सड़क हादसे में बीरबल पुत्र मोतीलाल उम्र कल्याण पुत्र मोतीलाल, चतर सिंह पुत्र गोपीलाल जाति मीणा निवासीगण जैनी घायल हो गए हैं। तो श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी निवासी रामवीर (32) पुत्र बाबूलाल मीणा, हनुमान (35) पुत्र बाबूलाल मीणा, मांगीलाल उर्फ मामा (52) पुत्र रामनाथ मीणा, अजय (17) पुत्र रामभरत मीणा सभी निवासी ग्राम जैनी एवं जगदीश पुत्र राम किशन सुमन निवासी ज्वालापुर कोटा मण्डी में धान बेचकर वापस घर लौट रहे थे। राजस्थान के ग्राम उम्मेदपुरा थाना दीगोद के क्षेत्र में श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी के 05 व्यक्तियों की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु के परिवारों को रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। 

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जिला कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि श्योपुर तहसील के ग्राम जैनी के रामवीर मीणा आयु 32, हनुमान आयु 35, मांगीलाल आयु 52, अजय आयु 17 और जगदीश सुमन निवासी ज्वालापुरा की मृत्यु कोटा से लौटते वक्त थाना दीगोद के क्षेत्र में ग्राम उम्मेदपुरा के पास बुलेरो गाडी पलट से हो गई थी। जिसमें मौके पर ही 04 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। जिनका सुल्तानपुर में पीएम कराया गया है। एक व्यक्ति की इलाज के कोटा एमबीएसएच में मृत्यु हो गई। इस प्रकार से सडक दुर्घटना में 05 व्यक्तियों की मृत्यु होने पर मृतकों के परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


एक करोड़ के गांजे के साथ पांच अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

  •  दिनेश शुक्ल
  •  दिसंबर 4, 2020   22:45
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एक करोड़ के गांजे के साथ पांच अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
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पुलिस ने इनसे 100 किलो 185 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने स्विफ्ट कार, 5 मोबाइल और 30 हजार रुपये भी जब्त किए।

इंदौर। नशे के सौदागरों पर एक बार फिर एसटीएफ की टीम ने शिकंजा कसते हुए पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्त में लेकर इनके पास से करीब एक करोड़ रुपये कीमत का एक क्विंटल से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। आरोपित सेंधवा से किसी को गांजा देने के लिए निकले थे और रास्ते में पकड़ा गए। एसटीएफ एसपी मनीष खत्री ने शुक्रवार को बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक स्विफ्ट कार एमएच 04 डीआर 1910 सेंधवा से इंदौर के लिए निकली हैं, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध रुप से गांजा रखा है। ये किसी बदमाश को इंदौर में गांजा सप्लाय करने वाले हैं। इस सूचना के बाद एक टीम को उक्त कार की घेराबंदी के लिए लगाया गया। टीम ने घेराबंदी कर कार पकड़ी, तलाशी में कार से एक क्विंटल से अधिक गांजा जब्त हुआ। पुलिस ने पांच बदमाशों को पकड़ा।

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ये तस्कर आए गिरफ्त में पूछताछ में बदमाशों ने अपना नाम शिवाजी पावरा पुत्र बिश्या पावरा निवासी ग्राम लाकड़िया हनुमान थाना सांगवी धुले महाराष्ट्र, अश्विन पावरा पुत्र लक्ष्मण पावरा निवासी ग्राम दुरबड़िया सांगवी धुले महाराष्ट्र, अविनाश पुत्र सुरेश पावरा निवासी ग्राम सुले सांगवी धुले महाराष्ट्र, सुमित जमरा पुत्र भुरसिंह जमरा निवासी चर्च कॉलोनी, एबी रोड़ सेन्धवा बड़वानी और अक्षय पुत्र हिम्मत आर्य निवासी ग्राम दुगानी वरला वरला बड़वानी बताया। पुलिस ने इनसे 100 किलो 185 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ रुपए हैं। पुलिस ने स्विफ्ट कार, 5 मोबाइल और 30 हजार रुपये भी जब्त किए।

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पुलिस अधीक्षक खत्री ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लड़के एक माह से हर सप्ताह गांजा लेकर इंदौर आ रहे हैं। इस सूचना के बाद निरीक्षक एम.ए. सैयद, निरीक्षक संजय बघेल, प्रधान आरक्षक झनक लाल, आर. प्रशांत परिहार, आर विवेक द्विवेदी को जांच पड़ताल के लिए लगाया गया। इस पर टीम को सूचना मिली कि एक कार में कुछ लोग गांजा सप्लाय करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद ही उक्त कार्रवाई की गई।

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उन्होंने बताया कि आरोपित शिवाजी पावरा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, आदि राज्यों में बड़े पैमाने पर गांजे की सप्लाय उसके गाव के ही अविनाश पावरा, सुमित व अक्षय के माध्यम से करता है। शिवाजी स्वयं गांजा की खेती अपने गांव के पास दुरस्त दुर्गम स्थान में करता है। साथ ही वह अन्य लोगों से भी करवाता है। वह कई बार खरगोन एवं बडवानी जिले के लोगों से गांजा लेकर सप्लाय करवाता है। आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से इन्हें 9 दिसम्बर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा है।





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