छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से दो माओवादी गिरफ्तार

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2020   16:29
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से दो माओवादी गिरफ्तार
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गश्त के दौरान सुरक्षाबलों को सावनार गांव में नक्सली गतिविधि की सूचना मिली, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने गांव से नक्सलियों की मद्देड़ एरिया कमेटी के सदस्य कोरसा दसरू को गिरफ्तार कर लिया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने एक इनामी माओवादी समेत दो माओवादियों को गिरफ्तार किया है। बीजापुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जिले के गंगालूर और उसूर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और जिला बल के संयुक्त दल को सावनार और कोरचोली गांव की ओर रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान सुरक्षाबलों को सावनार गांव में नक्सली गतिविधि की सूचना मिली, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने गांव से नक्सलियों की मद्देड़ एरिया कमेटी के सदस्य कोरसा दसरू उर्फ सुरेश (45) को गिरफ्तार कर लिया। 

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोरसा वर्ष 2006 से क्षेत्र में सक्रिय है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, लूट और आगजनी सहित 24 मामले दर्ज है। साथ ही विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 17 वारंट भी लंबित हैं। उन्होंने बताया कि कोरसा के सिर पर पांच लाख रूपए का इनाम था। जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसी बीच, सुरक्षाबलों ने उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गलगम गांव से माओवादी सत्यम कट्टम (31) को गिरफ्तार किया। 

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उन्होंने बताया कि उसूर थाना से जिला बल और सीआरपीएफ के संयुक्त दल को शनिवार को नड़पल्ली और गलगम गांव की ओर रवाना किया गया। सुरक्षाबलों ने गलगम गांव में घेराबंदी कर सत्यम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सत्यम के खिलाफ ग्रामीणों के साथ मारपीट करने तथा उनसे राशन, बर्तन और मवेशी लूटने का आरोप दर्ज है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जाइडस कैडिला के प्रमुख बोले, PM के दौरे ने हमें और बेहतर करने के लिए किया प्रोत्साहित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   20:02
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जाइडस कैडिला के प्रमुख बोले, PM के दौरे ने हमें और बेहतर करने के लिए किया प्रोत्साहित
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कंपनी ने इससे पहले कहा था कि उसके टीके जाकोवी-डी के पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है और अगस्त से दूसरे चरण का परीक्षण शुरू हुआ है।

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अहमदाबाद के निकट स्थित जाइडस कैडिला इकाई का दौरा किए जाने के बाद फार्मा कंपनी का कहना है कि इससे उन्हें और बेहतर करने का प्रोत्साहन मिला है। फार्मा कंपनी अहमदाबाद के निकट स्थित अपनी इकाई में कोरोना वायरस के टीके के विकास पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री टीके के विकास का जायजा लेने के लिए शनिवार को तीन शहरों के दौरे पर थे। कंपनी के अध्यक्ष पंकज पटेल ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारे जाइडस बायोटेक पार्क का दौरा किया। इस दौरे ने हमें और तेजी से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया है।’’

पटेल ने कहा, ‘‘समस्या के संबंध में उनका ज्ञान और उनके दिशा-निर्देश हमारे वैज्ञानिकों और हम सभी के लिए मूल्यवान हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत की ओर देश की यात्रा में... 1,800 वैज्ञानिक और जाइडस के 25,000 कर्मचारी... लगातार प्रयास कर रहे हैं और कोविड-19 के इलाज तथा उसका पता लगाने के सुरक्षित तथा प्रभावी तरीकों के ईजाद के लिए काम कर रहे हैं।’’ कंपनी ने इससे पहले कहा था कि उसके टीके जाकोवी-डी के पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है और अगस्त से दूसरे चरण का परीक्षण शुरू हुआ है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित 19 और लोगों की मौत, 2765 नये मामले

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:49
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राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित 19 और लोगों की मौत, 2765 नये मामले
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राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से 19 और मौत हुई हैं, जिससे इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 2274 हो गयी।

जयपुर। राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के शनिवार को 2765 नये मामले सामने आये। इससे अब तक राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 2,62,805 हो गई है। वहीं, राज्य में संक्रमण से 19 और लोगों की मौत हो गई जिससे राज्य में संक्रमण से कुल मरने वालों का आंकड़ा 2274 तक पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम छह बजे तक बीते 24 घंटों में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से 19 और मौत हुई हैं, जिससे इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 2274 हो गयी।

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कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक जयपुर में 428, जोधपुर में 232, अजमेर में 181, बीकानेर में 161, कोटा में 134, भरतपुर में 103, उदयपुर में 92 और पाली में 86 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक कुल 2,31,780 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। फिलहाल, राज्य में 28,751 रोगी उपचाराधीन हैं। शनिवार को सामने आए नये मामलों में जयपुर में 627, जोधपुर में 449, अजमेर में 115, कोटा में 219, अलवर में 179, उदयपुर में 110, भीलवाड़ा में 108, भरतपुर में 88, नागौर में 92 मामले शामिल हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


किसान आंदोलन को राजनीतिक दल हवा दे रहे है: मनोहर लाल खट्टर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 28, 2020   19:47
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किसान आंदोलन को राजनीतिक दल हवा दे रहे है: मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, यह बड़ी विचि​त्र स्थिति है कि एक राज्य का मुख्यमंत्री दूसरे राज्य के अपने समकक्ष से बातचीत करना चाहता है, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद वह इसमें सफल नहीं हो पाता है। मैं छह साल से मुख्यमंत्री हूं। इससे पहले कभी ऐसी बात नहीं हुयी। हमने विपक्षी नेताओं के साथ भी बातचीत की।

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ कुछ राजनीतिक दल एवं संगठन किसान आंदोलन को प्रायोजित कर रहे हैं। खट्टर ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोला और दावा किया वह इस मसले पर उनसे बातचीत करना चाहते थे और तीन दिन तक उनके कार्यालय में टेलीफोन किया लेकिन उन्होंने इसका कोई उत्तर नहीं दिया। इसमें साजिश का दावा करते हुये, खट्टर ने गुरूग्राम में संवाददाताओं से कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के कार्यालय के अधिकारी पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों को निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने कहा इस आंदोलन की शुरूआत पंजाब के किसानों ने की है और कुछ राजनीतिक दल एवं संगठन इसे प्रायोजित कर रहे हैं। खट्टर ने दावा किया कि हरियाणा के किसानों ने इस आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने कहा, इसके लिये मैं हरियाणा के किसानों का धन्यवाद करना चाहता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा, मैं हरियाणा पुलिस की भी तारीफ करता हूं कि उन्होंने पिछले दो दिन में, जब से यह मामला (दिल्ली चलो मार्च) शुरू हुआ है, उन्होंने संयम से काम लिया है और बल का इस्तेमाल नहीं किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इसमें अपनी राजनीति कर रहे हैं जो बेहद निंदनीय है। यह पूछे जाने पर कि किसानों के मार्च से पहले क्या उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत करने का प्रयास किया, खट्टर ने कहा, मेरे कार्यालय ने मुझे बताया कि उन्होंने छह से सात बार उनसे (कैप्टन अमरिंदर सिंह से) दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया और हर बार उनके कर्मचारियों ने कहा कि हम जल्दी ही संपर्क करेंगे और उस वक्त उन्होंने यह दलील दी कि मुख्यमंत्री बैठकों में और अन्य कार्यों में व्यस्त हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, यह बड़ी विचि​त्र स्थिति है कि एक राज्य का मुख्यमंत्री दूसरे राज्य के अपने समकक्ष से बातचीत करना चाहता है, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद वह इसमें सफल नहीं हो पाता है। मैं छह साल से मुख्यमंत्री हूं। इससे पहले कभी ऐसी बात नहीं हुयी। हमने विपक्षी नेताओं के साथ भी बातचीत की। 

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खट्टर ने कहा, इससे पहले भी मैने पंजाब के मुख्यमंत्री से टेलीफोन पर बातचीत की है, वह भी तब जब वह व्यस्त थे। वह आधे या एक घंटे में वापस कॉल करते थे। इस बार तीन दिन तक उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। साजिश का आरोप लगाते हुये खट्टर ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को निर्देश दे चुके हैं। एक अन्य सवाल के उत्तर में खट्टर ने जोर देकर कहा कि किसानों को केंद्र सरकार से बातचीत करनी चाहिये। इस बीच हरियाणा के गृह मंत्री ​अनिल विज ने अम्बाला में कहा कि देश के शेष हिस्से में किसान नये कृषि कानूनों को स्वीकार कर चुके हैं लेकिन पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह एवं राजनीतिक कारणों से किसान आंदोलन कर रहे हैं। विज ने उम्मीद जतायी कि किसानों को ब​हुत जल्दी यह महसूस होगा कि ये कानून उनके फायदे के लिये हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।