ठाकरे बंधुओं का एक मंच, Gyanesh Kumar के खिलाफ हुंकार; SIR पर भी उठाई आवाज

Uddhav Thackeray
ANI
एकता । Oct 4 2026 2:19PM

मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संयुक्त मार्च निकाला। दोनों दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विरोध किया।

मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त मार्च निकाला। मेट्रो स्टेशन से महानगरपालिका भवन तक निकाले गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।

दोनों दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाराष्ट्र में हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। इस दौरान राज ठाकरे ने कहा कि सरकार चुनने का अधिकार जनता का है, चुनाव आयोग का नहीं। वहीं, उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

SIR को लेकर ठाकरे बंधुओं ने क्या आरोप लगाए?

संयुक्त विरोध मार्च के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभर में करोड़ों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया है।

उद्धव ने कहा कि पश्चिम बंगाल के एक उपचुनाव में मतदान के अधिकार को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, लेकिन अब तक सुनवाई को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट की जा रही है और जनता को इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

वहीं, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक SIR केवल आपात परिस्थितियों में कराया जाता है। राज ठाकरे ने दावा किया कि विधानसभा चुनावों के दौरान 40 से 60 लाख नए मतदाता जोड़े गए और इसी के जरिए सत्ता हासिल की गई।

राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि अब SIR के जरिए करीब दो करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से दिल्ली जाकर SIR रद्द कराने की मांग उठाने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि ईवीएम का इस्तेमाल बंद कर चुनाव फिर से मतपत्रों के जरिए कराए जाने चाहिए।

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एक मंच पर दिखे उद्धव और राज ठाकरे

इस रैली की खास बात यह रही कि लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही राजनीतिक मुद्दे पर साथ दिखाई दिए। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद हैं और वे अलग-अलग दलों का नेतृत्व करते हैं। इसके बावजूद SIR के मुद्दे पर उनकी सक्रियता ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

रैली के जरिए दोनों नेता अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के साथ-साथ मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं। मुंबई में होने वाली इस सभा में SIR के अलावा महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति से जुड़े दूसरे मुद्दे भी उठाए जाने की संभावना है।

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ठाणे से लोकल ट्रेन से रवाना हुए सैकड़ों कार्यकर्ता

मुंबई में होने वाले इस आंदोलन में शामिल होने के लिए ठाणे से भी बड़ी संख्या में शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता लोकल ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हुए।

ठाणे में इस रवानगी की अगुवाई शिवसेना (यूबीटी) के नेता राजन विचारे, मनसे के अविनाश जाधव और एनसीपी के मनोज प्रधान सहित स्थानीय पदाधिकारियों ने की।

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए नारे लगाए। इस दौरान “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” और “गली-गली में शोर है, ज्ञानेश कुमार चोर है” जैसे नारे लगाए गए। ये नारे प्रदर्शनकारियों के आरोप और विरोध का हिस्सा थे।

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