फिर हो गयी भारत और अमेरिका में दोस्ती, अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu से की मुलाकात

US Ambassador to India Sergio Gor met with President Droupadi Murmu
प्रतिरूप फोटो
Social Media

हम आपको बता दें कि गोर ने पिछले साल नवंबर के मध्य में भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में शपथ ली थी। अमेरिकी सीनेट ने पिछले साल अक्टूबर में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की थी। गोर ने इस सप्ताह सोमवार को दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में अपना पद संभाला था।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र सौंपा। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में सर्जियो गोर से उनका परिचय पत्र स्वीकार किया। बयान में कहा गया है कि गोर के अलावा त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के उच्चायुक्त चंद्रदाथ सिंह और ऑस्ट्रिया गणराज्य के राजदूत रॉबर्ट जिस्चग ने भी राष्ट्रपति मुर्मू को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए।

हम आपको बता दें कि गोर ने पिछले साल नवंबर के मध्य में भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में शपथ ली थी। अमेरिकी सीनेट ने पिछले साल अक्टूबर में उनकी नियुक्ति की पुष्टि की थी। गोर ने इस सप्ताह सोमवार को दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में अपना पद संभाला था। इससे पहले वह वह ‘व्हाइट हाउस’ के कार्मिक निदेशक के रूप में कार्यरत थे। पद संभालने के बाद पहले बयान में उन्होंने दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों को फिर से सुधारने के इरादे का संकेत देते हुए कहा था कि अमेरिका के लिए भारत जितना आवश्यक कोई देश नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा था कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं।

सर्जियो गोर ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की दोस्ती पूरी तरह वास्तविक है और यही मित्रता भारत-अमेरिका के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला है। सर्जियो गोर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं ट्रंप के साथ दुनिया भर में काम किया है और उनके अनुभव के आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्रंप और मोदी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर गहरा विश्वास और सम्मान है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच संवाद हमेशा स्पष्ट और सीधे रहा है।

राजदूत गोर ने माना कि किसी भी मजबूत साझेदारी में कभी-कभी मतभेद सामने आते हैं, विशेष रूप से व्यापार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मतभेद रिश्तों को कमजोर नहीं करते, बल्कि परिपक्व बातचीत के ज़रिये समाधान की दिशा में ले जाते हैं। उनका कहना था कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताएँ जटिल ज़रूर हैं, लेकिन दोनों देश इन्हें सफल निष्कर्ष तक पहुँचाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं।

सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका के लिए “अत्यंत आवश्यक साझेदार” बताते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका के लिए भारत जैसा भरोसेमंद और रणनीतिक सहयोगी कोई दूसरा नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई अहम क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।

राजदूत गोर ने यह भी जानकारी दी कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन दोनों पक्षों की मंशा सकारात्मक है और आगे बढ़ने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में व्यापार वार्ता को लेकर और प्रगति देखने को मिल सकती है।

देखा जाये तो अमेरिकी राजदूत के बयान से यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप-मोदी की व्यक्तिगत दोस्ती केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों की ठोस बुनियाद है। व्यापार जैसे जटिल मुद्दों पर असहमति के बावजूद, दोनों देश सहयोग, संवाद और साझेदारी के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह रिश्ता आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़