देश में कोरोना संक्रमण के 14,849 नए मामले, 155 और मरीजों ने गंवाई अपनी जान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   10:54
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देश में कोरोना संक्रमण के 14,849 नए मामले, 155 और मरीजों ने गंवाई अपनी जान

देश में लगातार पांचवें दिन भी संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या दो लाख से नीचे रही। अभी 1,84,408 मरीजों का उपचार चल रहा है जो कि कुल मामलों का 1.73 फीसदी है।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के 14,849 नए मामले सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,06,54,533 हो गई। वहीं अब तक 1,03,16,786 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण से 155 और मरीजों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,53,339 हो गई। देश में अब तक कुल 1,03,16,786 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जिसके बाद स्वस्थ होने की दर बढ़कर 96.83 फीसदी हो गई। वहीं मृत्यु दर 1.44 फीसदी है। देश में लगातार पांचवें दिन भी संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या दो लाख से नीचे रही। अभी 1,84,408 मरीजों का उपचार चल रहा है जो कि कुल मामलों का 1.73 फीसदी है। 

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भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आकंड़ों के अनुसार अब तक देश में 19,17,66,871 नमूनों की जांच हो चुकी है, जिनमें से 7,81,752 नमूनों की जांच शनिवार को हुई।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


सैन्य कमांडरों के संयुक्त सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान सीमा पर सेना के अटल समर्पण की सराहना की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   11:50
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सैन्य कमांडरों के संयुक्त सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान सीमा पर सेना के अटल समर्पण की सराहना की

पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली के स्वदेशीकरण पर बल देते हुए कहा ना केवल हथियारों को लेकर पर बल्कि सिद्धांत, प्रक्रियाओं और रीति-रिवाजों में भी स्वदेशीकरण पर जोर दिया जाए।’’ इसके मुताबिक, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा से भी अवगत कराया।

केवडिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पिछले साल उत्तरी सीमा पर “चुनौती भरे हालात” और कोरोना वायरस की स्थिति का सामना करने के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित ‘‘अटल समर्पण’’ की सराहना की। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गुजरात के केवडिया में सैन्य कमांडरों के संयुक्त सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना को ‘‘भविष्य के बल के रूप’’ में विकसित होने को भी कहा। सम्मेलन की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई थी। बयान के मुताबिक, ‘‘ मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली के स्वदेशीकरण पर बल देते हुए कहा ना केवल हथियारों को लेकर पर बल्कि सिद्धांत, प्रक्रियाओं और रीति-रिवाजों में भी स्वदेशीकरण पर जोर दिया जाए।’’ इसके मुताबिक, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को सम्मेलन के दौरान हुई चर्चा से भी अवगत कराया।

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मोदी ने सम्मेलन के एजेंडे और रूपरेखा पर सराहना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) और गैर-कमीशन अधिकारियों को भी शामिल किये जाने की तारीफ की। बयान के मुताबिक, “राष्ट्रीय रक्षा व्यवस्था के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पिछले साल, कोविड महामारी और उत्तरी सीमा पर स्थिति, के संदर्भ मेंदिखाए गए अटल समर्पण की प्रशंसा की।” मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के सैन्य और असैन्य दोनों हिस्सों में मानवशक्ति नियोजन के पूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और एक समग्र दृष्टिकोण के साथ ही फैसले लेने की गति को बढ़ाने का आह्वान किया। इससे पहले दिन में अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री केवडिया के लिये रवाना हुए थे। केवडिया प्रदेश की राजधानी से करीब 200 किलोमीटर दूर है। प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एवं उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री की अगवानी की।





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असम साहित्य सभा परिषद के पूर्व अध्यक्ष AGP छोड़ बीजेपी में हुए शामिल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   11:42
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असम साहित्य सभा परिषद के पूर्व अध्यक्ष AGP छोड़ बीजेपी में हुए शामिल

असम साहित्य सभा परिषद के पूर्व अध्यक्ष एजीपी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी तथा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

गुवाहाटी। असम साहित्य सभा परिषद के पूर्व अध्यक्ष परमानंद राजबोंगशी ने शनिवार को असम गण परिषद (अगप) का साथ छोड़ यहां भाजपा की राज्य इकाई के मुख्यालय में भगवा पार्टी का दामन थाम लिया। राजबोंगशी के साथ राज्य के चाय कर्मी संघ के महासचिव रूपेश गोआला भी भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने असम चुनाव से पहले दोनों नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी तथा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

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दास ने यह भी कहा कि पार्टी ने राजबोंगशी को सिपाहजार विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। राजबोंगशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदर्शों और उनके पूर्वोत्तर में शांति तथा विकास सुनिश्चित करने के प्रयासों ने उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिये प्रेरित किया। असम चाय मजदूर संघ के नेता गोआला ने इस मौके पर कहा कि वह भाजपा और इसकी विकास योजनाओं का हिस्सा बनकर प्रसन्न हैं।





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PM मोदी ने 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   11:24
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PM मोदी ने 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए

पीएम मोदी ने ,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए। इस केंद्र पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के साथ बातचीत भी की।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को शिलॉन्ग के पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थान (एनईआईजीआरआईएचएमएस) में 7,500 जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यह नया केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। इस केंद्र पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध होती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों के साथ बातचीत भी की। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य सस्ते दाम पर अच्छी दवाइयां उपलब्ध कराना है। वर्ष 2014 में इन केंद्रों की संख्या 86 थी। इस योजना के तहत आज इन स्टोर की संख्या 7,500 पर पहुंच गई है।

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देश के सभी जिलों में इस तरह के स्टोर हैं। वित्त वर्ष 2020-21 में चार मार्च तक इन केंद्रों द्वारा दवाओं की बिक्री से नागरिकों को करीब 3,600 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इन केंद्रों पर दवाएं बाजार मूल्य से 50 से 90 प्रतिशत सस्ती मिलती हैं। ‘जन औषधि’ के बारे में जागरूकता के प्रसार के लिए एक से सात मार्च तक देशभर में ‘जन औषधि’ सप्ताह मनाया जा रहा है। इसका विषय ‘जन औषधि-सेवाभी, रोजगार भी’ रखा गया है।





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