महिलाएं भगवान का रूप जब हम मुश्किल में होते है, तब हम भगवान की गोद में होते हैं- डॉ सुदाम खाड़े

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 8, 2021   20:26
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महिलाएं भगवान का रूप जब हम मुश्किल में होते है, तब हम भगवान की गोद में होते हैं- डॉ सुदाम खाड़े

पद्मश्री भावना सोमाया ने कहा कि भगवान ने स्त्री और पुरूष को अलग-अलग इसलिए बनाया गया ताकि वह एक दूसरे के प्रति आकर्षित हो और अपना-अपना काम करें। इस दौरान उन्होंने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को भी याद किया।

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी, भोपाल ने जनसंपर्क एवं पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को अचला और उदिता सम्मान से सम्मानित किया। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ फिल्म पत्रकार सुश्री भावना सोमाया ने कहा कि महिलाओं के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है बस हमें आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्त्रियों के लिए सिर्फ एक दिन निर्धारित न हो और उनका एक दिन सम्मान करने से बेहतर होगा कि हर दिन और हर क्षण वह अपना समझे और उन्हें हर पल सम्मानित महसूस करवाया जाए। पद्मश्री भावना सोमाया ने कहा कि भगवान ने स्त्री और पुरूष को अलग-अलग इसलिए बनाया गया ताकि वह एक दूसरे के प्रति आकर्षित हो और अपना-अपना काम करें। इस दौरान उन्होंने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को भी याद किया।

 

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महिलाओं को प्राथमिका देने की नहीं समानता देने की बात करना चाहिए- प्रो. केजी सुरेश

इस अवसर पर सचिव मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि भगवान का काम महिलाएं करती है। डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि आज के दौर में समाज में एक अच्छा बदलाव आया है, जिसमें महिलाओं को बेहतर भूमिका मिलनी शुरू हुई है। महिलाओं के लिए सारा आसमा खुला हुआ है, वह आगें बढ़े और समाज में अपनी भूमिका को सुनिश्चित करें। जिसके लिए वह देश की आधी आबादी को शुभकामनाएं देते है। इस दौरान डॉ. खाड़े ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को एक कहानी भी सुनाई जिसमें उन्होंने महिलाओं को भगवान के बराबर बताया और कहा कि जब भी हम मुश्किल में होते है तब हम भगवान की गोद में होते है। तो दूसरी तरफ माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्याल के कुलपति प्रोफेसर केजी सुरेश ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमको मीडिया संस्थानों में एक शिकायत प्रकोष्ठ बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को प्राथमिका देने की नहीं बल्कि समानता देने की बात करनी चाहिए जिसका हमें खयाल रखना होगा।


वही वरिष्ठ पत्रकार गिरजा शंकर ने कहा की महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने की जरुरत है जिसके लिए समाज की लुप्त हो रही सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना होगा। उन्होंने कहा कि आज महिला दिवस के दिन समाचार पत्र महिलाओं के संघर्ष की कहानीयों से पटे पड़े है। कितनी तकलीफों के बाद उस महिला को सफलता मिली यह बताना सभ्य समाज के लिए अच्छा नहीं है। अगर महिलाओं को सफलता हासिल करनी है, तो उन कहानियों के गढ़े बिना सफलताएं हासिल करें और पुरूष को एक सहयोगी के रूप में देखें यही नहीं पुरूष को भी एक सहयोगी की तरह नारियों का साथ देना चाहिए और उनके लिए बाधा न बनकर उनके सहयोगी बने।

 

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कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट समूह की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी ने अपने विचार रखते हुए कहा की आज महिलाएं हर एक क्षेत्र में आगे है, जिन्होंने अपनी राह खुद तलाशी है और अपनी काबलियत से आगे बढ़ी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।  

प्रसिद्ध पार्श्र्व गायिका सुश्री कविता सेठ ने सभी उपस्थित लोगों के अनुरोध पर स्वयं के द्वारा गाए गये दो गाने सुनाए। उन्होनें अपने गाने के माध्यम से महिलाओं के आत्मविश्वास को जगाने और समाज में अपने संघर्ष से जगह सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने खुद का गाया प्रसिद्ध गाना एक तारा भी लोगों को अपनी सुरीली आवाज में सुनाते हुए कार्यक्रम में समा बांध दिया। तो वही प्रसिद्ध वॉइस ओवर आर्टिस्ट और फिल्म अभिनेत्री सुश्री खुशबू आत्रे ने कहा कि आपको अपने आप पर आत्मविश्वास होना चाहिए तो आपको बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, बस पहला कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगवान ने लड़का और लड़की को समान ही बनाया है कद-काठी तथा रूप-रंग का फर्क हो सकता है। उन्होंने कहा कि मैं उतनी ही स्ट्रांग हो सकती हूं, जितना की एक लड़का इमोशनल हो सकता है।

 

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तो वही वरिष्ठ पत्रकार एवं डिफेंस एडिटर सीएनएन श्रेया ढ़ौडियाल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाली मुश्किलों और बाधाओं के बारे में कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के सामने अपने विचार रखे। वही इंडिया टीवी की न्यूज एंकर सुश्री ज्योति मिश्रा ने महिलाओं तथा लड़कियों के साथ आए दिन होने वाली विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमें गलत के प्रति आवाज उठानी होगी तभी लोग आपके साथ आएंगे। उन्होनें इस दौरान अपने साथ रेल यात्रा में घटित एक घटना के विषय में बताते हुए महिलाओं और लड़कियों को साहस के साथ खड़ा होने की बात कही।

 

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पब्लिक रिलेशन सोसाइटी भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह ने राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी मुख्य वक्ताओं और अतिथियों का विस्तार से परिचय देते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला और सभी का स्वागत किया। वही कार्यक्रम का के अंत में पीआरएसआई भोपाल चैप्टर के सह सचिव  योगेश पटेल ने सभी का आभार प्रगट किया। इस अवसर पर भोपाल चैप्टर के सचिव संजीव गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, मीडिया समन्वयक दिनेश शुक्ल, कार्यक्रम सहयोगी इरफान हैदर, सुयश भट्ट, सुश्री सोनी यादव, सुश्री देवांशी शर्मा, श्री रिऋभराज सिंह, विवेक उपाध्याय, सुह्रद तिवारी, विशाल यादव उपस्थित रहे।

 

 उदिता- अचला सम्मान 2021

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी भोपाल ने इस अवसर पर 2021 के अचला सम्मान से सुश्री सुचान्दना गुप्ता, सुश्री श्रावणी सरकार, सुश्री दीप्ति चौरसिया, सुश्री विधुल्लता सक्सेना, श्रीमती इंदिरा त्रिवेदी, सुश्री रचना समंदर,  सुश्री शिफाली पाण्डेय, सुश्री नीलम शर्मा, सुश्री तारा सी. मेनन, सुश्री कविता मांढरे, सुश्री सविता तिवारी, सुश्री गीता पाण्डेय, सुश्री समता पाठक, डॉ. रितु पाण्डे शर्मा, डॉ. सुनीता द्विवेदी, सुश्री दिशा मिश्रा, सुश्री सीमा वर्मा को सम्मानित किया गया तो वही  उदिता सम्मान से सुश्री दीपा द्विवेदी,  सुश्री सृष्टि प्रगट, डॉ. वन्या चतुर्वेदी, डॉ. रानू तोमर, प्रो. (डॉ.) उर्वशी परमार, सुश्री आकृति आनंद, सुश्री नीता सिसोदिया, सुश्री सौम्या समैया, सुश्री नीलू सोनी, सुश्री पूजा थापक, सुश्री स्मिता, सुश्री आस्था अवस्थी, सुश्री नाज़नीन नक़वी, सुश्री आर.जे. पीहू, सुश्री निधि त्रिपाठी, सुश्री निकिता पाटीदार, सुश्री उदिता सिंह परिहार, सुश्री अमरीन खान को सम्मानित किया गया।





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