बीएस येदियुरप्पा बोले- मराठा बोर्ड के खिलाफ कर्नाटक में बंद की अनुमति नहीं, हो सकती है कार्रवाई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 18, 2020   20:49
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बीएस येदियुरप्पा बोले- मराठा बोर्ड के खिलाफ कर्नाटक में बंद की अनुमति नहीं, हो सकती है कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने राज्य में निवास करने वाले मराठा समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए बोर्ड का गठन किया है। मराठा भी हिन्दू हैं।’’

नयी दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा विकास बोर्ड के गठन के फैसले के खिलाफ कन्नड़ समर्थक संगठनों द्वारा पांच दिसंबर को आहूत ‘‘जबरन बंद’’ की अनुमति नहीं देगी। साथ ही उन्होंने बंद आहूत करने पर कार्रवाई की चेतावली भी दी। मंत्रिमंडल के विस्तार पर भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए येदियुरप्पा बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंचे है। मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने राज्य में निवास करने वाले मराठा समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए बोर्ड का गठन किया है। मराठा भी हिन्दू हैं।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘अगर जबरन बंद आहूत किया जाता है तो हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।’’ बेलगावी लोकसभा सीट और बसवाकल्याण तथा मस्की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा के बाद सरकार ने मराठा विकास बोर्ड के गठन की घोषणा की है। गौरतलब है कि तीनों क्षेत्रों में मराठी भाषी आबादी ज्यादा है। येदियुरप्पा ने दोनों राज्यों के बीच ‘‘अकारण’’ सीमा विवाद को बढ़ावा देने को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की भी आलोचना की। 

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उन्होंने कहा कि महाजन आयोग का फैसला अंतिम है। पवार ने मंगलवार को कहा था कि महाराष्ट्र का सर्वांगीण विकास और बेलगाम (बेलगावी), कारवार और निपानी को राज्य में शामिल करना शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे का सपना था। उन्होंने कहा, ‘‘चलें, बालासाहेब के सपने को पूरा करने में जुटें।’’ कर्नाटक और महाराष्ट्र दशकों से सीमा विवाद में उलझे हुए हैं।





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ट्रैक्टर परेड की हिंसा के बाद छावनी में तब्दील हुई दिल्ली! सुरक्षा बल तैनात, कई मेट्रो स्टेशन सहित रास्ते बंद

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 27, 2021   09:17
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ट्रैक्टर परेड की हिंसा के बाद छावनी में तब्दील हुई दिल्ली! सुरक्षा बल तैनात, कई मेट्रो स्टेशन सहित रास्ते बंद

केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा, तोड़-फोड़ और अन्य अप्रिय घटनाओं के कारण बुधवार दिल्ली छावनी में तब्दील हो गयी है।

केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा, तोड़-फोड़ और अन्य अप्रिय घटनाओं के कारण बुधवार दिल्ली छावनी में तब्दील हो गयी है। दिल्ली पुलिस मे 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।  दिल्ली में जगह-जगह फोर्स लगाई गयी है। लोगों की कड़ी जांच कर रही हैं पुलिस। दिल्ली में पुलिस बल के साथ सीआरपीएफ की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं।

गाजीपुर मंडी, NH-9 और NH-24 को ट्रैफिक मूवमेंट के लिए बंद कर दिया गया है। दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले लोगों को शाहदरा, करकरी मोर और डीएनडी के साइड से  दिल्ली ट्रैफिक पुलिस जाने की सलाह दे रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली  के लाल किले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।प्रदर्शनकारियों का एक समूह किले की प्राचीर पर चढ़ गया और कल झंडे फहराए थे।

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दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भी सुरक्षा करणों से जामा मस्जिद और लाल किला मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद हैं। इस स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति है। अन्य सभी स्टेशन खुले हैं। सभी लाइनों पर सामान्य सेवाएं है। इसके अलावा दिल्ली आइटीओ से जुड़े कई सड़कों को बंद कर दिया गया है।  दिल्ली सिंघू सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई जहां किसान किसान बिल का विरोध कर रहे हैं। 





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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के पीछे असामाजिक तत्व थे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:53
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के पीछे असामाजिक तत्व थे

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व थे।

गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाइयों के कारण कुछ असामाजिक तत्व परेड में शामिल हो गए और यह हिंसा का कारण बना।

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भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने एक बयान में यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने परेड के पहले से तय मार्गों के कुछ स्थानों पर गलत तरीके से बैरिकेड लगाए थे। टिकैत ने कहा, यह जानबूझकर किसानों को बरगलाने के लिए किया गया था, इस वजह से ट्रैक्टरों पर किसान भटक गए।”

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उन्होंने दावा किया कि इससे असामाजिक तत्वों को ट्रैक्टर परेड में प्रवेश का मौका मिला। उन्होंने कहा कि बीकेयू शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करता है और हिंसा के पीछे उपद्रवियों की पहचान करेगा।





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बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने गलती से गणतंत्र दिवस पर उल्टा तिरंगा फहराया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2021   08:45
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बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने गलती से गणतंत्र दिवस पर उल्टा तिरंगा फहराया

पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान बीरभूम जिले के एक पार्टी कार्यालय में गलती से उल्टा तिरंगा फहरा दिया।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान बीरभूम जिले के एक पार्टी कार्यालय में गलती से उल्टा तिरंगा फहरा दिया। पार्टी के रामपुरहाट कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के तुरंत बाद घोष को अहसास हुआ कि तिरंगा उल्टा है और बाद में उसे ठीक से फहरा कर उन्होंने अपनी गलती सुधारी।

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हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने भगवा पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग राष्ट्रीय ध्वज ठीक से नहीं फहरा सकते, वे देश या किसी राज्य को चलाने के अयोग्य हैं। घोष ने संवाददाताओं से कहा, यह एक शर्मनाक क्षण था और यह अनजाने में गलती से हुआ। किसी का इरादा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का नहीं था। हालांकि, मैंने पार्टी के सदस्यों से भविष्य में सावधान रहने को कहा है।” इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला तृणमूल प्रमुख अनुब्रत मंडल ने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय ध्वज सही ढंग से नहीं फहरा सकते, वे देश या किसी राज्य को चलाने के लायक नहीं हैं।





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