योगी आदित्यनाथ ने कहा- जेवर हवाईअड्डे का निर्माण सरकार की पहली प्राथमिकता है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   17:30
  • Like
योगी आदित्यनाथ ने कहा- जेवर हवाईअड्डे का निर्माण सरकार की पहली प्राथमिकता है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, जेवर के विकास को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली परियोजना बताते हुये कहा कि कोविड-19 की विभीषिका के बावजूद अब तक जिस तेजी, पारदर्शिता और तय समय से जेवर एयरपोर्ट के काम हुए हैं।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, जेवर के विकास को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाली परियोजना बताते हुये कहा कि कोविड-19 की विभीषिका के बावजूद अब तक जिस तेजी, पारदर्शिता और तय समय से जेवर एयरपोर्ट के काम हुए हैं, उसने प्रदेश की नई कार्यसंस्कृति को प्रदर्शित किया है। इस एयरपोर्ट में हवाई पट्टियों की संख्या दो से बढ़ाकर छह करने का निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट के लिए चयनित विकासकर्ता ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के कार्यों की सराहना करते हुए उनके प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सरकार की ओर से उन्हें हर संभव मदद मिलेगी।

इसे भी पढ़ें: भाजपा का कोलकाता पुलिस पर निशाना, सोमेन मित्रा को पत्र लिखकर लगाया आरोप

एक सरकारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को जेवर एयरपोर्ट के लिए चयनित विकासकर्ता ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा गठित यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के बीच राज्य समर्थित समझौते पर हस्ताक्षर होने के मौके पर परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि2017 में प्रदेश में सिर्फ दो हवाई अड्डे (लखनऊ और वाराणसी) ही क्रियाशील थे। मात्र तीन वर्ष में गोरखपुर, हिंडन, आगरा, प्रयागराज और अब बरेली सहित पांच अन्य हवाईअड्डे परिचालन में आ गये हैं। यही नहीं, देश के सबसे बड़े प्रदेश में मात्र दो अंतरराष्ट्रीय :इंटरनेशनल: एयरपोर्ट थे, लेकिन कुशीनगर और अयोध्या के एयरपोर्ट के साथ बहुत जल्द यहां पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होंगे।

इसे भी पढ़ें: बिहार पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे वामदलों के कार्यकर्ताओं पर बरसाईं लाठियां, वॉटर कैनन का भी किया इस्तेमाल

जेवर एयरपोर्ट निर्माण से प्रभावित परिवारों के विस्थापन कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों से संवाद बनाया जाए। उनके बेहतर विस्थापन की व्यवस्था हो। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि विस्थापित आबादी के पुनर्वास के लिए जेवर बांगर में 48.0979 हेक्टेयर भूमि का प्रबंध कर लिया गया है। मुख्यमंत्री आवास पर सम्पन्न समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के मौके पर राज्य सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री और नागरिक उड्डयन एस पी गोयल, सचिव मुख्य मंत्री और नागरिक उड्डयन सुरेंद्र सिंह, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की ओर से सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह और नोडल ऑफ़िसर नोएडा एयरपोर्ट शैलेंद्र भाटिया तथा ज़्यूरिख की कम्पनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से क्रिस्टाफ़ श्लेनमन , किरन जैन और शोभित गुप्ता ने हस्ताक्षर किए।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept