आपातकाल के स्याह दिनों को याद करना जरूरी
संजय गांधी ने इमरजेंसी के दो दिन बाद ही सूचना एवं प्रसारण मंत्री इंद्र कुमार गुजराल को हटाकर अपने करीबी विद्याचरण शुक्ल को मंत्री बना दिया और विद्याचरण शुक्ल के जरिए सरकार ने मीडिया पर मनमानी की। कड़ी सेंसरशिप की वजह से कई अखबारों का प्रकाशन बंद हो गया। पत्रकारों के लिए सरकार ने कोड ऑफ कंडक्ट बना दिया।



























































