मोदी को ईरान जाना चाहिए या नहीं जाना चाहिए? इस सवाल का जवाब आपको यहाँ मिल जायेगा
यदि भारत के पिछले कूटनीतिक व्यवहार और वर्तमान वैश्विक समीकरणों को देखा जाए तो संभावना यही दिखाई देती है कि भारत अत्यंत सतर्क और संतुलित रास्ता अपनाएगा। संभव है कि भारत प्रधानमंत्री स्तर पर प्रतिनिधित्व न भेजे और किसी वरिष्ठ मंत्री या विशेष दूत को समारोह में शामिल होने के लिए भेजे।



























































