यूरोप में घुसा तालिबान, NATO देश फिर खोलेगे दूतावास
साल 2021 में अफगानिस्तान से विदेशी सेना की वापसी के करीब 5 साल बाद आज हालात ऐसे हैं कि यूरोप को तालिबान से बात करनी पड़ रही है और इस डेलीगेशन का नेतृत्व तालीबान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी कर रहे हैं। ईयू के 15 सदस्य देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए। लेकिन सवाल यह था कि आखिर यूरोप को तालीबान की जरूरत क्यों पड़ गई और तालीबान क्यों यूरोप की दहलीज तक जा पहुंचा?



























































