संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रासंगिकता पर उठते सवाल
सौ टके का सवाल यह है कि आज यूएन दुनिया के देशों के बीच संघर्ष या तनाव कम करने में निर्णायक भूमिका नहीं निभा पा रहा है। अमेरिका-ईरान या रुस-यूक्रेन युद्ध सबके सामने है। यह कोई दो देशों के बीच युद्ध नहीं है अपितु इन युद्धों की आंच दुनिया के अधिकांश देशों पर किसी ना किसी रुप में पहुंच रही है।



























































