क्या है भारत का व्हाइट रैबिट? अमेरिका के GPS की कर देगा पूरी तरह से छुट्टी!
अब तक भारत समेत दुनिया के अधिकांश देश सटीक समय के लिए अमेरिका के जीपीएस, रूस के ग्लोनस या यूरोप के गैलीलियो सेटेलाइट पर निर्भर थे। हमारे बैंक, टेलीकॉम सेक्टर्स और डिफेंस सिस्टम इन्हीं विदेशी सेटेलाइट से टाइम सिंक करते थे। लेकिन यहां पर एक बड़ा खतरा है द किल स्विच। सोचिए अगर किसी युद्ध की स्थिति में रणनीतिक तनाव के दौरान कोई देश इन सिग्नलों को जाम कर दे या हमें गलत समय भेजना शुरू कर दे जिसे टेक्निकल भाषा में स्पूफिंग कहते हैं तो इसके कई सारे असर होंगे।



























































