Bihar में बदलाव की बयार, जाति-धर्म तोड़ न्याय के लिए एक हुआ समाज
बिहार में जातिवादी राजनीति के गढ़ भोजपुर में सवर्ण युवक भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हत्या ने अप्रत्याशित सामाजिक बदलाव को उजागर किया है। दलित और पिछड़े समुदाय भी न्याय के लिए सड़कों पर उतर आए हैं, जो राज्य में पारंपरिक जातिगत दीवारों को तोड़ते हुए एक नए सामाजिक सद्भाव का संकेत है। यह जनाक्रोश बिहार की राजनीति और सामाजिक सोच के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।



























































