केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा का शाश्वत सियासी संदेश
देखा जाए तो जिस तरह से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार कर्नाटक मूल के भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है, उसके निहितार्थ को भी समझे जाने की जरूरत है। ऐसा इसलिए कि यह सबकुछ अनायास नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से संपन्न हुआ।



























































