जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा
इस भयावह स्थिति के पीछे सबसे बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन है। वर्ष 1951 से 2021 के बीच मानसूनी वर्षा में लगभग 8.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। दूसरी ओर, उत्तर भारत में सर्दियों का तापमान भी बढ़ा है। तापमान में यह मामूली प्रतीत होने वाली वृद्धि भी मिट्टी की नमी को तेजी से कम करती है।



























































