योग है दुनिया के लिए भारत का शाश्वत अवदान
योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल रोगों से मुक्ति नहीं देता, बल्कि जीवन को दिशा देता है। पातंजलि ने योग को “चित्तवृत्ति निरोध” कहा है। अर्थात् मन की चंचलता और विकारों पर नियंत्रण। जब मन नियंत्रित होता है, तब व्यक्ति में निर्णय क्षमता, धैर्य और आत्मविश्वास का विकास होता है।



























































