Flatmate के साथ सुकून से रहना है तो पहले ही दिन तय कर लें ये जरूरी नियम

फ्लैटमेट के साथ सुकून से रहने के लिए शुरुआत में ही खर्चों, साफ-सफाई और निजी जगह से जुड़े नियम तय कर लेना बेहतर होता है। साझा खर्चों का हिसाब रखने और जिम्मेदारियां बांटने से विवाद की गुंजाइश कम होती है। साथ ही, किसी भी परेशानी से बचने के लिए आपस में खुलकर बातचीत करना और तालमेल बनाए रखना जरूरी है।
अलग-अलग स्वभाव और आदतों वाले लोग जब एक साथ रहने लगते हैं, तो छोटी-छोटी बातों पर बहस और झगड़ा होना आम है। कभी खर्चों को लेकर तो कभी साफ-सफाई और निजी जगह को लेकर परेशानी हो सकती है। इन बातों की वजह से घर का माहौल खराब होने के साथ तनाव और गुस्सा भी बढ़ सकता है। अगर आप अपने फ्लैटमेट के साथ सुकून से रहना चाहते हैं, तो शुरुआत में ही कुछ जरूरी नियम तय कर लेना बेहतर है।
किराए और बाकी खर्चों का हिसाब पहले तय करें
पैसों को लेकर साफ बात न होने से किसी भी रिश्ते में परेशानी आ सकती है। इसलिए फ्लैट का किराया, बिजली का बिल, वाई-फाई, गैस और खाने-पीने के सामान का खर्च कैसे बांटना है, यह शुरुआत में ही तय कर लें।
हर महीने होने वाले साझा खर्चों को डायरी या फोन में लिखकर रखें। इससे महीने के आखिर में हिसाब करते समय किसी तरह की गलतफहमी या बहस की गुंजाइश कम रहेगी।
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साफ-सफाई और घर के काम की जिम्मेदारी बांटें
कुछ लोग साफ-सफाई को लेकर काफी सजग रहते हैं, जबकि कुछ लोग थोड़ी गंदगी के साथ भी काम चला लेते हैं। ऐसे में घर की सफाई को लेकर दोनों की अलग-अलग आदतें परेशानी का कारण बन सकती हैं।
अगर घर में काम करने वाली महिला रखी है, तो उसका खर्च कैसे बांटना है, यह पहले ही तय कर लें। वहीं, अगर दोनों खुद घर का काम करेंगे, तो झाड़ू-पोंछा, रसोई और बाथरूम की सफाई जैसी जिम्मेदारियां आपस में बांट लें।
निजी जगह और मेहमानों को लेकर नियम बनाएं
हर किसी को अपनी निजी जगह और आजादी पसंद होती है। इसलिए फ्लैटमेट के साथ रहते समय निजी सामान और मेहमानों को लेकर कुछ नियम पहले ही तय कर लेना अच्छा रहता है।
अगर कोई दोस्त या रिश्तेदार रात में रुकने वाला है, तो अपने फ्लैटमेट को पहले ही बता दें। बिना पूछे एक-दूसरे का निजी सामान इस्तेमाल न करें। इसके अलावा रात में लाइट कब बंद करनी है और संगीत की आवाज कितनी रखनी है, जैसी छोटी बातों पर भी पहले से सहमति बना लें।
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परेशानी हो तो खुलकर बात करें
फ्लैटमेट के साथ कुछ महीने या कई साल तक रहना पड़ सकता है। ऐसे में हर नियम शुरुआत में ही तय नहीं हो सकता। इसलिए एक-दूसरे से खुलकर बात करने की आदत डालना जरूरी है।
अगर आपको किसी बात से परेशानी हो रही है या आप किसी नियम में बदलाव चाहते हैं, तो इसे मन में रखने के बजाय अपने फ्लैटमेट से बात करें। उनकी कोई परेशानी हो तो उनकी बात भी ध्यान से सुनें। इससे दोनों के लिए एक-दूसरे की आदतों को समझना और उनके साथ तालमेल बैठाना आसान होगा।
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