दिल्ली का सपना तोड़कर चेन्नई आठवीं बार फाइनल में पहुंची, अब रोहित से होगा मुकाबला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: May 11 2019 7:57AM
दिल्ली का सपना तोड़कर चेन्नई आठवीं बार फाइनल में पहुंची, अब रोहित से होगा मुकाबला
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चेन्नई की जीत की नींव उसके गेंदबाजों ने रखी थी। उसकी तरफ से ड्वेन ब्रावो (19 रन देकर दो), रविंद्र जडेजा (23 रन देकर दो), दीपक चाहर (28 रन देकर दो) और हरभजन सिंह (31 रन देकर दो) ने दो-दो विकेट लिये।

विशाखापत्तनम। मौजूदा चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स ने खेल के हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करके शुक्रवार को यहां दूसरे क्वालीफायर में दिल्ली कैपिटल्स पर छह विकेट की जीत दर्ज करके शान के साथ आठवीं बार आईपीएल फाइनल में जगह बनायी जहां उसका मुकाबला अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मुंबई इंडियन्स से होगा। दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर नौ विकेट पर 147 रन ही बना पायी। चेन्नई ने 19 ओवर में चार विकेट पर 151 रन बनाकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर दिया। उसकी तरफ से फाफ डुप्लेसिस (39 गेंदों पर 50) और शेन वाटसन (32 गेंदों पर 50) ने अर्धशतक जमाये तथा पहले विकेट के लिये 81 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलायी। 

चेन्नई की जीत की नींव उसके गेंदबाजों ने रखी थी। उसकी तरफ से ड्वेन ब्रावो (19 रन देकर दो), रविंद्र जडेजा (23 रन देकर दो), दीपक चाहर (28 रन देकर दो) और हरभजन सिंह (31 रन देकर दो) ने दो-दो विकेट लिये। दिल्ली की तरफ से ऋषभ पंत ने 25 गेंदों पर सर्वाधिक 38 रन बनाये लेकिन इस बीच उन्होंने दो चौके और एक छक्का ही लगाया। उनके अलावा केवल कोलिन मुनरो (24 गेंदों पर 27 रन) ही 20 रन के पार पहुंचे। दिल्ली के पुछल्ले बल्लेबाजों ने अंतिम आठ गेंदों पर 22 रन बनाकर टीम को कुछ सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

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चेन्नई ने आईपीएल के दस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है और वह रिकार्ड आठ बार फाइनल में पहुंचने में सफल रहा। इनमें से तीन बार वह चैंपियन बना है। आईपीएल में यह चौथा अवसर होगा जबकि मुंबई और चेन्नई फाइनल में आमने सामने होंगे। अब तक मुंबई दो और चेन्नई एक बार जीत दर्ज करने में सफल रहा है। मुंबई ने पहले क्वालीफायर में चेन्नई को ही हराया था। महेंद्र सिंह धोनी नौवीं बार आईपीएल फाइनल खेलेंगे। दिल्ली की टीम के पास पहली बार फाइनल में पहुंचने का मौका था लेकिन उसकी टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभाग में फिसड्डी साबित हुई। ट्रेंट बोल्ट और इशांत शर्मा ने भी शुरू में कसी हुई गेंदबाजी की। पहले चार ओवरों में केवल 16 रन बने, लेकिन इसके बाद दिल्ली के गेंदबाज धीमी पिच पर जूझते हुए नजर आए। उसके स्पिनर भी इस पिच पर प्रभाव नहीं छोड़ सके। 



दिल्ली ने पांचवें ओवर में अक्षर पटेल के रूप में स्पिनर को आक्रमण पर लगाया। डुप्लेसिस ने उन पर चौका और छक्का लगाकर हाथ खोले और फिर इशांत के अगले ओवर की पहली तीन गेंदों को सीमा रेखा के दर्शन कराये जिससे पावरप्ले में चेन्नई 42 रन तक पहुंच गया। इस बीच दिल्ली ने लचर क्षेत्ररक्षण के कारण रन आउट का एक बेहतरीन मौका भी गंवाया। डुप्लेसिस ने 37 गेंदों पर अपने आईपीएल करियर का 12वां अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसके तुरंत बाद बोल्ट ने उन्हें डीप स्क्वायर लेग पर कीमो पॉल के हाथों कैच कराया। एक समय 20 गेंदों पर 18 रन बनाने वाले वाटसन ने बाद में हाथ खोले। उन्होंने पटेल पर छक्का जमाया और फिर 12वें ओवर में पॉल पर तीन छक्के जड़कर 31 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया।

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डुप्लेसिस की तरह वाटसन भी अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद पवेलियन लौट गये। अमित मिश्रा की गेंद पर उनका लाफ्टेड ड्राइव बोल्ट के सुरक्षित हाथों में चला गया। पटेल ने सुरेश रैना (11) को बोल्ड किया जबकि धोनी (नौ) ने विजयी छक्का जड़ने के प्रयास में सीमा रेखा पर कैच दिया लेकिन इससे हार का अंतर ही कम हुआ। अंबाती रायुडु 20 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले दिल्ली ने टास गंवाया और फिर नियमित विकेट गंवाये। शिखर धवन के दूसरे ओवर में शार्दुल ठाकुर पर लगाये गये तीन चौकों और जडेजा के पारी के आखिरी ओवर में बने 16 रन को छोड़ दिया जाए तो चेन्नई ने अधिकतर समय शिकंजा कसे रखा। पहले दस ओवर में दिल्ली ने 68 रन बनाये और इस बीच पृथ्वी साव (पांच), धवन (14 गेंदों पर 18 रन) और मुनरो के विकेट गंवाये। 

महेंद्र सिंह धोनी की डीआरएस में कुशलता के कारण साव को पवेलियन लौटना पड़ा क्योंकि अंपायर ने चाहर की पगबाधा की अपील ठुकरा दी थी। धोनी ने इसके बाद हरभजन की गेंद पर दूसरे प्रयास में धवन का कैच लपका जबकि मुनरो फिर से अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाये। उन्होंने जडेजा को अपना विकेट इनाम में दिया। इसके बाद भी विकेट गिरने का क्रम नहीं थमा। इमरान ताहिर (28 रन देकर एक) ने कप्तान श्रेयस अय्यर (18 गेंदों पर 13 रन) गुगली पर गच्चा देकर हवा में गेंद लहराकर आसान कैच देने के लिये मजबूर किया। अक्षर पटेल (तीन) आउट होने वाले अगले बल्लेबाज थे जिन्हें ड्वेन ब्रावो ने पवेलियन भेजा। 

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शेरफेन रदरफोर्ड (12 गेंदों पर दस रन) के छक्के से दिल्ली 16वें ओवर में तिहरे अंक में पहुंचा। हरभजन ने हालांकि इसी ओवर में शेरफेन से बदला चुकता कर दिया। दिल्ली फिर भी आश्वस्त था क्योंकि पंत क्रीज पर था। उन्होंने ताहिर पर लगातार चौका और छक्का लगाया। चाहर ने छह रन को जा रही गेंद कैच कर ली थी लेकिन वह खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाये थे। कीमो पॉल ने ब्रावो की गेंद पर बोल्ड होने से पहले डेथ ओवरों में सात गेंदें खेली तथा तीन रन बनाये। पंत भी चाहर की गेंद पर लांग आन पर कैच दे बैठे लेकिन उनके आउट होने के बाद दिल्ली ने आखिरी आठ गेंदों पर 22 रन बनाये जिसमें बोल्ट (छह) और इशांत (नाबाद दस) के जडेजा पर लगाये गये छक्के शामिल हैं। 



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