MSRTC की 3,500 एकड़ जमीन 98 साल तक लीज पर देगी Maharashtra सरकार

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए उसकी 3,500 एकड़ से अधिक जमीन को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की अनुमति दे दी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार यह भूमि 98 वर्ष तक की अवधि के लिए पट्टे पर दी जा सकेगी। इस पूरी परियोजना की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है।
मुंबई, नौ अक्टूबर महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम की 3,500 एकड़ से अधिक जमीन का सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत वाणिज्यिक विकास करने को मंजूरी दी है। इसके लिए जमीन 98 साल तक की अवधि के लिए पट्टे पर दी जा सकेगी। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इस पहल का उद्देश्य महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति मजबूत करना और उसकी आय बढ़ाना है। सरनाईक ने बयान में कहा कि एमएसआरटीसी के पास राज्य में करीब 850 स्थानों पर 3,500 एकड़ से अधिक जमीन है। इसमें से काफी जमीन प्रमुख स्थानों पर है।
इन संपत्तियों का वाणिज्यिक, आवासीय, औद्योगिक और अन्य उद्देश्यों के लिए विकास किए जाने से आर्थिक संकट से जूझ रहे निगम को पर्याप्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने पीपीपी मॉडल के तहत अतिरिक्त जमीन के विकास के लिए 49 साल के पट्टे को मंजूरी दी है, जिसे अगले 49 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इस तरह पट्टे की कुल अवधि 98 साल तक हो सकती है।
इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए सरनाईक की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। सरनाईक एमएसआरटीसी के चेयरमैन भी हैं। सरकार के आदेश के अनुसार, निगम के स्वामित्व वाली जमीन, भूमि अधिग्रहण के जरिये प्राप्त संपत्तियों, तत्कालीन सड़क परिवहन विभाग से हस्तांतरित जमीन, पट्टे पर ली गई संपत्तियों और उपहार विलेख के जरिये मिली जमीन पर विकास परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं।
बयान के मुताबिक, निजी विकासकर्ताओं के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक संपत्ति के लिए अलग-अलग निविदा जारी करना अनिवार्य होगा। जिन परियोजनाओं की तैयारी अंतिम चरण में है, उन्हें महाराष्ट्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी नीति, 2026 के तहत कुछ रियायतें मिल सकती हैं। निविदा प्रक्रिया, रियायत समझौतों और परियोजनाओं की प्रस्तावित वित्तीय संरचना के लिए समिति की मंजूरी आवश्यक होगी।
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